16.9.17

काली खांसी जड़ से खत्म करने के उपाय





मौसम बदलने के साथ ही सर्दी-जुकाम जैसी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। इसी में से एक है काली खांसी जो एक संक्रामक बीमारी है और हवा के जरिए एक-दूसरे तक फैल जाती है। कूकर खांसी एक संक्रामक रोग है जो एक बच्चे से दूसरे बच्चे के सम्पर्क में आने से हो जाती है। यानि की हवा से ये बीमारी एक इ इस बीमारी से न केवल बच्चे प्रभावित होते हैं अपितु बड़े व बूढ़े लोग भी काली खांसी से परेशान हो सकते हैं। कूकर खांसी को काली खांसी बोलते हैं। काली खांसी के मुख्य लक्षण होते हैं जैसे-

शरीर में बुखार का आना
तेजी से खांसी का होना
खांसते समय हूप—हूप की आवाज होना
आंखों का लाल होना
उल्टी होना


रात भर खांसी होते रहना और दिन में खांसी का तेज होते रहना आदि। अब जानते हैं काली खांसी से बचने के कारगर आयुवेर्दिक उपचार क्या हैं। जिनके प्रयोग से आप कूकर खांसी से पूरी तरह से बच सकते हो।काली खांसी होने से पहले शरीर में हल्का बुखार, उल्टी आना, आंखों का लाल होना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं और इसके बाद खांसी बढ़ जाती है। यह बीमारी जल्दी ठीक नहीं होती जिससे काफी परेशानी होती है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय करके काली खांसी से छुटकारा पाया जा सकता है।
|
*गन्ना और मूली का रस
काली खांसी को जड़ से खत्म करने के लिए मूली के 60 ग्राम रस में बराबर मात्रा में गन्ने का रस मिला लें और कुछ दिनों तक इसका सेवन करें
* चम्मच दही 1 चम्मच चीनी और 6 ग्राम पिसी हुई काली मिर्च का पाउडर मिला कर खाने से आपको खांसी में तुरंत राहत मिलेगी |


*घरेलू उपाय लहसुन का

लहसुन किसी भी तरह के संक्रामक रोगों को खत्म करता है। साथ ही इंसान के शरीर को कई बीमारियों से भी मुक्त रखता है।
कैसे करें लहसुन का प्रयोग काली खांसी दूर करने में आइये जानते हैं। आप सबसे पहले लहसुन की पांच बूदें निलालें अब उसमें बराबर मात्रा में शहद को भी मिला लें। अब इसे किसी गिलास व कप में डाल दें। इसका सेवन आपको एक दिन में कम से कम तीन बार करना है। यह काली खांसी को दूर करता है। इसके साथ—साथ एक प्राचीन उपाय भी आप कर सकते हो ​जिसे आदिवासी ग्रामीण लोग करते हैं। लहसुन की कलियों को छीलकर उसकी माला बना लें और इसे कुछ दिनों तक अपने गले में रखें। एैसा करने से कुकर खांसी ठीक हो जाती है।
*बादाम और मिश्री प्रयोग
बादाम भी एक कारगर औषधि है काली खांसी को खत्म करने के लिए। आप पांच बादाम लें और इन्हें रात में
एक कटोरी पानी में भरकर रख दें। सुबह होते ही आप इन बादामों के छिलके उतार लें और इसे मिश्री और
लहसुन की एक छोटी कली के साथ सेवन करें। एैसा नियमित करते रहने से कुकर खांसी खत्म हो जाएगी
*लौंग
2 -3 लौंग को आग पर भून लें और शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम चाटने पर भी फायदा होता है।


*फिटकरी -

फिटकरी भी काली खांसी को ठीक करती है। आप बहुत ही छोटी मात्रा में फिटकरी लें कम से कम चने की दाल के आकार का हो। आपको इस फिटकरी का सेवन गर्म पानी के साथ करना है। इस अचूक उपाय को भी दिन में तीन बार जरूर करें। एैसा करने से ​काली खांसी का प्रभाव व संक्रमण खत्म होने लगता है।
*पिसी हुई काली मिर्च को एक कप पानी में उबाल ले और ठंडा करे | और फिर इक चम्मच देशी मधु मक्खी के शहद में मिला कर पीने से आपको लाभ होगा | और गले की खराश भी ठीक हो जाएगी |
*काली मिर्च और तुलसी के पत्ते-
काली खांसी की यह समस्या मार्किट से मिलने वाले कफ सिरप से ठीक नहीं होती। ऐसे में काली मिर्च और तुलसी के पत्तों के इस्तेमाल से इससे राहत पाई जा सकती है। इसके लिए इन दोनों को बराबार मात्रा में पीस कर इनकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें और 1-1 गोली को दिन में 3-4 बार सेवन करें। कुछ दिनों तक लगातार इन गोलियों का सेवन करने से खांसी से राहत मिलती है।
*तेज खांसी आने पर आप मुलेठी के टुकड़े को कालि मिर्च के साथ पीस ले और खांसी आने पर थोडा थोडा चाटने से जल्दी आराम मिलेगा | और गले के दर्द में भी आराम होगा | और सुजन भी ठीक हो जाएगी |
*सेंधा नमक -
2 ग्राम सेंधा नमक को 250 ग्राम पानी में उबालें | और जब पानी की मात्रा आधी रह जाये तब उसे ठंडा करके बोतल में भरकर रख ले | जब भी आपको खांसी हो तब एक चम्मच पी ले इससे आपको आराम मिलेगा |
*अमरूद का प्रयोग करना ना भूलें
कुकर खांसी में एक रामबाण औषधि का काम करता है अमरूद। यदि काली खांसी हो गई है तो आप गरम राख में अमरूद को डाल दें और इसे सेंक।
अब आप दिन में दो बार इसका सेवन नियमित कुछ दिनों तक करें। इस अचूक उपाय से कुकर खांसी यानि की काली खांसी दूर हो जाती है।काली खांसी में परहेज :-
हमेशा गुनगुना पानी पियें |
फ्रिज का पानी बिल्कुल ना पीये |
हो सके तो मटके के पानी का इस्तेमाल करे |
तली हुई चीजों का प्रयोग बिलकुल भी न करे |
मीठी चीजे खाने के बाद बिल्कुल भी पानी न पीये |





एक टिप्पणी भेजें