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26.3.16

सरसों के तेल के फायदे // Benefits of Mustard Oil






    सरसों का तेल हर घर में इस्तेमाल होता है। साथ ही यह तेल प्राचीन समय से आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कड़वा तेल यानि सरसों के तेल में कई गुण हैं जो आपकी सेहत और उम्र दोनों को बेहद फायदा पहुंचाते हैं। सरसों का तेल दर्दनाशक होता है जो गठिया व कान के दर्द से राहत देता है इसलिए सरसों का तेल किसी औषघि से कम नहीं है।
*सरसों का तेल , सर्दी के दिनों में आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह न केवल आपके शरीर में गर्माहट पैदा करता है बल्कि अपनी तासीर और गुणों के कारण इसका प्रयोग कई तरह की समस्याओं में औषधि‍ के रूप में किया जाता है।

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*  सरसों के तेल में विटामिन ए, विटामिन ई, प्रोटीन्स तथा एंटी आक्सीडैंट्स मौजूद होते हैं। ये सारे तत्व इसे बालों के लिए लाभदायक बनाते हैं। बालों के विकास के लिए सरसों का तेल एक उत्प्रेरक के तौर पर काम करता है। इसमें मौजूद विटामिन्स इस बात को यकीनी बनाते हैं कि बालों का विकास तेजी से और सेहतमंद  ढंग से हो और बाल गिरें नहीं। सरसों के तेल से बालों की मालिश एक सुरक्षित तथा प्राकृतिक कंडीशनर के तौर पर काम करती है और इससे बाल सिल्की और सॉफ्ट बनते हैं।यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। इसमें ओलिक एसिड और लीनोलिक एसिड पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं।
*त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बेहद फायदेमंद होता है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।
* सरसों के तेल में एंटी बैक्टीरियल तथा एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं। जब भोजन के माध्यम से सरसों के तेल का सेवन किया जाता है तो यह पाचन प्रणाली के सारे अंगों जैसे पेट, अंतडिय़ों तथा यूरिनरी ट्रैक्ट की इंफैक्शन से हमारा बचाव करता है। इसका इस्तेमाल एंटी बैक्टीरियल तेल के तौर पर भी किया जाता है। फंगल इंफैक्शन से बचने के लिए इसे सीधा त्वचा पर लगाया जा सकता है।

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*वजन कम करना-
सरसों के तेल में मौजूद विटामिन जैसे थियामाइन, फोलेट व नियासिन शरीर के मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन आसानी से कम होने लगता है।
*मलेरिया में-
मलेरिया मच्छरों के काटने से होता है। ऐसे में सरसों का तेल रात को सोने से पहले अपने शरीर पर लगाकर सोएं। इस उपाय से मलेरिया के मच्छर नहीं काटते हैं।
*यदि सरसों के तेल का नियमित आधार पर सेवन किया जाए तो यह माइग्रेन के दर्द से राहत देने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होता है। यह भी माना जाता है कि यह पाचक रसों की भी पूर्ति करता है जो हमारे उचित पाचन में सहायक होते हैं। जो लोग खांसी-जुकाम, अस्थमा तथा साइनसाइटिस से पीड़ित होते हैं उनमें सरसों का तेल बहुत ही आरामदायक प्रभाव छोड़ता है।
*भूख नहीं लगने पर भी सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।

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*बालों के रंग के लिए-
भूरे बालों से परेशान लोगों के लिए सरसों का तेल किसी दवा से कम नहीं है। सरसों का तेल नियमित लगाने से भूरे बाल काले होने लगते हैं। रात को सोने से पहले नियमित सरसों का तेल लगाएं। थोड़े ही दिनों में बालों का रंग काला होने लगेगा।
*दांत दर्द में-
यदि दातों में किसी प्रकार का दर्द हो रहा हो तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर रगड़ें। आपको राहत मिलेगी। और दांत भी मजबूत बनेगें।
*शरीर की क्षमता को बढ़ाता है-
सरसों का तेल शरीर की क्षमता बढ़ाने में एक दवा का काम करता है। शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए और उसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए सरसों के तेल की मालिश के बाद नहाने से त्वचा और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा कम होता है। जिन्हें दिल की बीमारी की समस्या हो वे सरसों का तेल खाने में इस्तेमाल करें।इसमें विटामिन ई भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को अल्‍ट्रावाइलेट किरणों और पल्‍यूशन से बचाता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक राहत दिलाने में मदद करता है


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*सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। यह शरीर में गर्माहट पैदा करने में भी मददगार होता है।
*कान दर्द में-
कान के दर्द में सरसों का तेल फायदा करता है। जब भी कान में दर्द हो तब गुनगुने सरसों के तेल को कान में टपकाएं।
*गठिया दर्द में
सरसों के तेल में कपूर को पीसकर मिलाएं और फिर इसकी गठिया वाली जगह पर मालिश करें। यह गठिया दर्द में राहत देता है।
*कमर दर्द में-
कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए सरसों के तेल में अजवाइन, लहसुन और थोड़ी से हींग को मिलाकर कमर की मालिश करें।
*अस्थमा की रोकथाम-
नियमित रूप से अस्थमा से परेशान लोगों को सरसों का तेल खाने में इस्तेमाल करना चाहिए। सरसों के बीज में मैग्नीशियम ज्यादा होता है। इसके अलावा यह तेल सर्दी और ब्रेस्ट में होने वाली परेशानियों को दूर करता है।

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*बढ़ती उम्र को रोके-
सरसों के तेल में विटामिन ए, सी और के की अधिक मात्रा होती है जो बढ़ती हुई उम्र से होने वाले झुर्रिंयां यानि रिंकल और निशान आदि को दूर करती है। सरसों का तेल एंटीआक्सीडेंट भी होता है। जिससे त्वचा टाइट बनी रहती है।
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*कैंसर को रोके-
सरसों के तेल में कैंसर को रोकने वाला गुण ग्लुकोजिलोलेट होता है। जो कैंसर के टयूमर व गांठ को शरीर में बनने से रोकता है साथ ही किसी भी तरह के कैंसर को शरीर पर लगने नहीं देता है।
सरसों के तेल को बहुत पौष्टिक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होने से सर्दियों में यह अत्यंत लाभकारी माना जाता है।