फिटकरी (Alum) एक अद्भुत घटक है जो कि पानी को साफ करने से लेकर त्वचा को निखारने जैसे कई फायदों के लिए उपयोग किया जाता है। फिटकरी के बहुत से प्रकार होते हैं, यह जानना बहुत आवश्यक है कि कौन सी फिटकरी (Alum) का उपयोग करना आपके लिए फायदेमंद है साथ ही इसकी सही खुराक और इसके किसी भी दुष्प्रभाव से बचने के लिए इसके उपयोग की सही विधि की जानकारी प्राप्त करना भी आवश्यक है। फिटकरी के फायदे इतने अधिक है की हर घर में इसे होना चाहिए।
आमतौर पर फिटकरी (alum) को सामान्य रूप से प्रयोग किया जाता है। जब हम फिटकरी शब्द कहते हैं तो हम में से अधिकांश लोग इसे शेविंग के बाद के लिए उपयोग की जाने वाली फिटकरी के बारे में सोचते हैं लेकिन फिटकरी के बहुत से उपयोग और लाभ हैं। फिटकरी दो तरह की होती है, लाल और सफेद। लेकिन अधिकतर घरों में सफेद फिटकरी का ही इस्तेमाल किया जाता है। पोटेशिम एलम को आमतौर पर घरेलू उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
ऐलम को भारतीय क्षेत्रीय बोली के अनुसार फिटकरी के नाम से पुकारा जाता है, जिसे पोटेशियम ऐलम या पोटेशियम एल्यूमिनियम सल्फेट जैसे कई नामों से भी जाना जाता है। आयुर्वेद में फिटकरी को फितकारी या सौराष्ट्री भी कहा जाता है। आयुर्वेद समेत यूनानी चिकत्सा पद्यतियों में फिटकरी का व्यापक उपयोग किया जाता है।
यूनानी दवाओं में फिटकरी का प्रयोग विभिन्न उपचारों के लिए किया जाता है क्योंकि इसके गुण बाँधने वाला (astringent), दर्द हटाने वाला (Analgesic), होमियोस्टैटिक, ज्वर हटाने वाला (Antipyretic), डिटर्जेंट, संक्षारक, उत्तेजक और चिड़चिड़ाहट को दूर करने में मदद करते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि फिटकरी के हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदे बहुत अधिक और नुकसान बहुत ही कम हैं।
फिटकरी के फायदे
हमारे दैनिक जीवन में फिटकरी बहुत उपयोगी है। यह हमें सौंदर्य देखभाल से लेकर गंभीर या हल्की चोटों तक बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। इसलिए हर घर में फिटकरी जरूर होना चाहिए।
अक्सर फिटकरी के माध्यम से पानी की अशुद्धियों को फिल्टर (filter impurities) करने और इसे साफ करने के लिए उपयोग किया जाता है।
आंखों के फोड़ों
की समस्या को दूर करने के लिए फिटकरी बहुत उपयोगी होती है। आंख के फोड़ों के इलाज के लिए थोड़े पानी के साथ चंदन और फिटकरी का पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट (paste) का इस्तेमाल करने पर यह बहुत ही प्रभावी होता है। इसका उपयोग करने से फोड़ा उसी दिन फूट जाता है जिससे आंखों को आराम मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे कई सालों तक सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर फिटकरी का उपयोग फिर से किया जा सकता है।
मुंह की गंदी बदबू (foul breath) के मुख्य कारणों में से एक निश्चित रूप से बैक्टीरिया की उपस्थिति होती है, जो अक्सर विषाक्त पदार्थ और एसिड बनाते हैं। एलम माउथवाश के साथ मुंह की सफाई करने से बैक्टीरिया के विकास को रोका जा सकता है। इस प्रकार आप फिटकरी का उपयोग करके मुंह से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं।
फटी एड़ियों का उपचार फिटकरी पाउडर के द्वारा किया जा सकता है। बस इस उपाय के लिए एक छोटे बर्तन में फिटकरी को गर्म किया जाता है। जब हम इसे गर्म करते हैं तो यह पिघलने या तरल होने के साथ फोम भी बनाता है। जब यह पूरी तरह से वाष्पित (evaporates) हो जाता है तो इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। फिर इसके टुकड़ों को बारीक पाउडर बना कर नारियल के तेल के साथ मिलाकर पैरों में लगाया जाता है। ध्यान रहे कि फिटकरी बारीक पाउडर के रूप में हो नहीं तो इसे पैरों में लगाना मुश्किल हो सकता है। यह उपाय आपकी फटी एड़ियों (cracked heels) को राहत प्रदान करने का सबसे अच्छा उपचार है।
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि फिटकरी में रक्तस्राव को कम करने की क्षमता होती है। आप चोट लगने पर बहते हुए खून को रोकने के लिए फिटकरी का उपयोग कर सकते हैं। ।
फिटकरी के लाभदायक गुण पेचिश के इलाज में –
शोधकर्ताओं का दावा है कि फिटकरी पाउडर पेचिस (dysentery) के इलाज में मदद करता है। जब तक आप बेहतर महसूस न करें तब तक केवल फिटकरी पाउडर से बनी हुई चाय का सेवन करें। हालांकि इसका ज्यादा उपभोग नहीं करना चाहिए।
योनि में कसाव लाने के लिए फिटकरी का उपयोग –
फिटकरी पाउडर के साथ अपनी योनि को कड़ा बनाने के लिए एक बड़े टब में पानी के साथ फिटकरी को मिलाएं। आप इस टब में बैठ जाएं और सुनिश्चित करें कि आपकी योनि इस पानी में पूरी तरह से डूबी है।
फिटकरी का पानी पीने के फायदे ऐंठन को दूर करे –
मांसपेशीय ऐंठन को कम करने के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में फिटकरी का उपयोग किया जाता है। इसके लिए फिटकरी और हल्दी को मिलाकर सेवन करना लाभकारी होता है। फिटकरी में खून को पतला करने वाले गुण होते हैं और साथ ही हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण आपस में मिलकर मांसपेशीय दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
फिटकरी का उपयोग त्वचा को गोरा बनाने के लिए –
त्वचा को गोरा बनाने के लिए फिटकरी पाउडर का उपयोग करने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक फेस पैक के रूप में इसका इस्तेमाल करना है।
जब हम नियमित रूप से फिटकरी से बना फेस पेक चेहरे पर लगाते हैं, तो यह हमारी त्वचा के लिए कुछ अद्भुत चीजें करता है: यह मुँहासे जैसी त्वचा की समस्याओं का इलाज करता है क्योंकि इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं।
यह मुँहासे के निशान, काले धब्बे को भी हल्का करता है और ब्लैकहेड को भी बनने से रोकता है। यह हमारी त्वचा को कसने के साथ मामूली कट और स्क्रैप (scrapes) भी ठीक करता है।
पारंपरिक रूप से बालों को हटाने के लिए फिटकरी का उपयोग किया जाता है। पुराने समय में महिलाएं अपने होंठों के ऊपर के बालों की तरह चेहरे के अवांछित बालों को हटाने (hair removal) के लिए फिटकरी का उपयोग करती थी। इसके लिए आपको करना चाहिए
½ चम्मच फिटकरी पाउडर में 1 चम्मच गुलाब जल मिला कर मिश्रण तैयार करें। गुलाब जल और फिटकरी का अनुपात लगभग 1:2 होना चाहिए। इस मिश्रण का उपयोग आप उस जगह पर कर सकते है जहां से आप बालों को हटाना चाहते हैं। इस मिश्रण को लगाने के बाद 20 मिनिट के लिए छोड़ दें। यदि आपको लगता है कि मिश्रण जल्दी सूख गया है तो इसकी नमी बनाए रखने के लिए आप इसमें गुलाब जल का छिड़काव कर सकते हैं। आप इस उपचार को अपने हाथ और पैरों के बालों को हटाने के लिए भी कर सकते हैं। उपयोग किये जाने वाले स्थान को मॉइस्चराइज रखने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मिश्रण को आंखों के आसपास उपयोग न करें।
पानी को शुद्ध
(water therapy) करने के लिए फिटकरी का उपयोग किया जाता है। गंदे पानी को साफ करने के लिए प्रति लीटर पानी में लगभग 1 ग्राम फिटकरी पाउडर मिलाएं। यह पानी में उपस्थित गंदे कणों को अलग कर आपको साफ पानी प्राप्त करने में मदद करता है। इसलिए जब भी कभी आप कैंपिंग यात्रा पर जाए तो अपने साथ फिटकरी साथ में जरूर रखें।
फिटकरी के नुकसान –
फिटकरी का उपयोग करने से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं जो इस प्रकार हैं :
पोटेशियम ऐलम (potassium alum) त्वचा को कमजोर कर सकता है।
फिटकरी खाने के नुकसान:
फिटकरी का ज्यादा सेवन करने से पुरुषों में वीर्य और फ्रक्टोज (semen and fructose) का स्तर प्रभावित हो सकता है।
लंबे समय तक फिटकरी का अधिक मात्रा में सेवन कैंसर और अल्जाइमर (cancer and Alzheimer’s) आदि का कारण हो सकता है।
ऐलम का अधिक उपयोग आपके लिए कई समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे कि पेचिश, त्वचा का सूखापन (Dry skin)आदि।
यदि आपकी त्वचा नाजुक (delicate skin) है तो यह त्वचा में चकते, लाली जैसी परेशानी को बढ़ा सकता है।
लंबे समय तक फिटकरी का अधिक मात्रा में सेवन कैंसर और अल्जाइमर (cancer and Alzheimer’s) आदि का कारण हो सकता है।
ऐलम का अधिक उपयोग आपके लिए कई समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे कि पेचिश, त्वचा का सूखापन (Dry skin)आदि।
यदि आपकी त्वचा नाजुक (delicate skin) है तो यह त्वचा में चकते, लाली जैसी परेशानी को बढ़ा सकता है।
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