4.1.20

समस्त वात रोग नाशक नुस्खे


वात रोग लक्षण एवं परेशानी


इस रोग के कारण शरीर के सभी छोटे-बडे जोडो व मांसपेशियों में दर्द व सूजन हो जाती है। गठिया में शरीर के एकाध जोड़ में प्रचण्ड पीड़ा के साथ लालिमायुक्त सूजन एवं बुखार तक आ जाता है। यह रोग शराब व मांस प्रेमियों को सामान्य व्यक्तियों की अपेक्षा जल्दी पकड़ता है। यह धीरे-धीरे शरीर के सभी जोड़ों तक पहुँचता है। संधिवात उम्र बढ़ने के साथ मुख्यतः घुटनों एवं पैरों के मुख्य जोड़ों को क्रमशः अपनी गिरफ्त में लेता हैं।
वात रोग की शुरूआत धीरे-धीरे होती है। शुरू में सुबह उठने पर हाथ पैरों के जोडा में कड़ापन महसूस होता है और अंगुलियाँ चलाने में परेशानी होती है। फिर इनमें सूजन व दर्द होने लगता है और अंग-अंग दर्द से ऐंठने लगता है जिससे शरीर में थकावट व कमजोरी महसूस होती है। साथ ही रोगी चिड़चिड़ा हो जाता है। इस रोग की वजह सेे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम पड़ जाती है। इसी के साथ छाती में इन्फेक्शन, खांसी, बुखार तथा अन्य समस्यायें उत्पन्न हो जाती है। साथ ही चलना फिरना रुक जाता है।


इन सबसे खतरनाक कुलंग वात होता है। यह रोग कुल्हे, जंघा प्रदेश एवं समस्त कमर को पकड़ता है एवं रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। इस रोग में तीव्र चिलकन (फाटन) जैसा तीव्र दर्द होता है और रोगी बेचैन हो जाता है, यहाँ तक कि इसमें मृत्यु तुल्य कष्ट होता है। यह रोग की सबसे खतरनाक स्टेज होती है ।इस का रोगी दिन-रात दर्द से तड़पता रहता है और कुछ समय पश्चात् चलने-फिरने के काबिल भी नहीं रह जाता है। वह पूर्णतया बिस्तर पकड़ लेता है और चिड़चिड़ा हो जाता है।
भले ही आपको यकीन न हो, लेकिन सिर्फ एक दवा का प्रयोग कर आप 80 प्रकार के वात रोगों से बच सकते हैं। जी हां, इस दवा का सेवन करने से आप कठिन से कठिन बीमारियों से पूरी तरह से निजात पा सकते हैं। अगर आपको भी होते हैं वात रोग, तो पहले जानिए इस चमत्कारिक दवा और इसकी प्रयोग विधि के बारे में...
विधिः
200 ग्राम लहसुन छीलकर पीस लें। अब लगभग 4 लीटर दूध में लहसुन व 50 ग्राम गाय का घी मिलाकर गाढ़ा होने तक उबालें। फिर इसमें 400 ग्राम मिश्री, 400 ग्राम गाय का घी तथा सौंठ, काली मिर्च, पीपर, दालचीनी, इलायची, तमालपात्र, नागकेशर, पीपरामूल, वायविडंग, अजवायन, लौंग, च्यवक, चित्रक, हल्दी, दारूहल्दी, पुष्करमूल, रास्ना, देवदार, पुनर्नवा, गोखरू, अश्वगंधा, शतावरी, विधारा, नीम, सुआ व कौंच के बीज का चूर्ण प्रत्येक 3-3 ग्राम मिलाकर धीमी आंच पर हिलाते रहें। जब मिश्रण घी छोड़ने लगे लगे और गाढ़ा मावा बन जाए, तब ठंडा करके इसे कांच की बरनी में भरकर रखें।
प्रयोग :
प्रतिदिन इस दवा को 10 से 20 ग्राम की मात्रा में, सुबह गाय के दूध के साथ लें (पाचनशक्ति उत्तम हो तो शाम को पुनः ले सकते हैं।)परंतु ध्यान रखें, इसका सेवन कर रहे हैं तो भोजन में मूली, अधिक तेल व घी तथा खट्टे पदार्थों का सेवन न करें और स्नान व पीने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
इससे पक्षाघात (लकवा), अर्दित (मुंह का लकवा), दर्द, गर्दन व कमर का दर्द,अस्थिच्युत (डिसलोकेशन), अस्थिभग्न (फ्रेक्चर) एवं अन्य अस्थिरोग, गृध्रसी (सायटिका), जोड़ों का दर्द, स्पांडिलोसिस आदि तथा दमा, पुरानी खांसी,हाथ पैरों में सुन्नता अथवा जकड़न, कंपन्न आदि के साथ 80 वात रोगों में लाभ होता है और शारीरिक विकास होता है।
दवा के प्रयोग से पूर्व, अपनी प्रकृति के अनुसार किसी उत्तम वैद्य की सलाह अवश्य लें।

वातान्तक बटीः-
सोंठ,सुहागा,सोंचर गांधी,सहिजन के संग गोली बांधी।
80वात 84बाय कहै धनवन्तरि जड़  से जाये।।
विधि: सोंठ 50 ग्राम, सुहागा 50 ग्राम, सोंचर (काला नमक) 50 ग्राम, गांधी(हींग) 50 ग्राम, सहिजन (मुनगा) की छाल का रस आवश्यकतानुसार, सबसे पहले कच्चे सुहागे को पीसकर आग में लोहे के तवे पर डालकर उसे भून लें। वह लाई की तरह फूल जायेगा, फूला हुआ सुहागा ही काम में लें। सोंठ, सुहागा एवं काला नमक को कूट-पीसकर एक थाली में डाल लें। फिर दूसरे बर्तन में सहिजन की छाल का रस लें हींग घोल लें। और उसमें जब हींग घुल जाये तो सहिजन की छाल का रस कुछ दूधिया हो जायेगा। उसमें कुटा-पिसा, सोंठ, काला नमक व सुहागा का पाउडर मिला लें। फिर उसकी चने के आकार की गोली बना लें और छाया में सुखाकर बन्द डिब्बे में रख लें। फिर सुबह-दोपहर-शाम दो-दो गोली नाश्ते या खाने के बाद सादा पानी से लें। आपको आराम 10 दिन में ही मिलने लगेगा। कम से कम 30 दिन यह गोलियां लगातार अवश्य खायें तभी पूर्ण लाभ हो पायेगा। यह नुस्खा कई बार का परीक्षित है। इस दवा के द्वारा बवासीर के रोगी को भी अवश्य लाभ मिलता है।


*वात नाशक चूर्णः-
चन्दसूर 50 ग्राम, मेथी 50 ग्राम, करैल 50 ग्राम, अचमोद 50 ग्राम, इन चारों दवाओं को कूट-पीसकर ढक्कन वाले डिब्बे में रखें। सुबह नाश्ते के बाद एक चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें एवं रात्रि में भोजन के बाद गुनगुने दूध के साथ एक चम्मच लें। यह दवा भी कम से कम 60 दिन लें। निश्चय ही आराम मिलता है।

वातनाशक काढ़ाः-
हरसिंगार के हरे पत्ते 20 नग को अधकुचला कर 300 ग्राम पानी में डालकर धीमी आँच में पकायें। जब पानी 50 ग्राम रह जाये, तो आग से उतार लें और कपड़े से छानकर दो खुराक बनायें एक खुराक सुबह नास्ता के पहले गरम-गरम पी लें एवं दूसरी खुराक शाम को आग में हल्का गरम कर पी लें। प्रतिदिन नया काढ़ा ऊपर लिखी विधि से बनायें और सुबह शाम पियें। यह क्रिया 30 दिन लगातार करें। वात रोग में निश्चय ही आराम होगा।

*गठिया(संधिवात) :-
आँवला चूर्ण 20 ग्राम, हल्दी चूर्ण 20 ग्राम, असंगध चूर्ण 10 ग्राम, गुड़ 20 ग्राम इन चारों औषधियों को 500 ग्राम पानी में डालकर धीमी आँच में पकाये, जब पानी 100 ग्राम रह जाये तो उसे आग से उतार कर कपड़े या छन्नी से छान लें एवं इस काढ़े की तीन खुराक बनायें। सुबह, दोपहर एवं रात्रि में खाने के बाद पियें। इस प्रकार प्रतिदिन सुबह यह दवा बनायें, लगातार 30 दिन पीने पर गठिया में निश्चित रूप से आराम होता है।
परहेज-ज्यादा तली हुईं, खट्टी, गरिष्ठ चीजें व चावल आदि दवा सेवन के समय न लंे।

*गठिया की दवाः-
सुरंजान 30ग्राम, चोवचीनी 30ग्राम, सोठ 30ग्राम, पीपर मूल 30ग्राम, हल्दी 30ग्राम, आँवला 50ग्राम, इन सब को कूट-पीसकर चूर्ण बनायें और उसमें 100ग्राम गुड़ मिलाकर रख लें। प्रतिदिन सुबह एवं शाम को 10ग्राम दवा में 10ग्राम शहद मिलाकर खायें। सुबह हल्का नाश्ता करने एवं राात्रि में खाना खाने के बाद ही दवा लें। यह दवा लगातार 30दिन लेने से गठिया वात जरूर सही होगा।
परहेज-खट्टी चीजें, गरिष्ठ चीजें, चावल आदि न लें।

* वातनाशक तेलः-
100ग्राम तारपीन का तेल, 30ग्राम कपूर, 10ग्राम पिपरमिण्ट, इन सबको मिलाकर धूप में एक दिन रखें। जब यह सब तारपीन में मिल जाये, तो दवा तैयार हो गई। जिन गाठों में दर्द हो, वहां पर यह दवा लगाकर धीरे-धीरे 15मिनट तक मालिश करें और इसके बाद कपड़ा गरम करके उस स्थान की सिकाई कर दें। एक सप्ताह में ही दर्द में आराम मिलने लगेगा।

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विशिष्ट परामर्श-  





संधिवात,कमरदर्द,गठिया, साईटिका ,घुटनो का दर्द आदि वात जन्य रोगों में जड़ी - बूटी निर्मित हर्बल औषधि ही अधिकतम प्रभावकारी सिद्ध होती है| रोग को जड़ से निर्मूलन करती है|  औषधि से बिस्तर पकड़े पुराने रोगी भी दर्द मुक्त गतिशीलता हासिल करते हैं| औषधि के लिए वैध्य श्री दामोदर से 98267-95656 पर संपर्क कर सकते हैं| 



25.12.19

कद्दू के जूस के स्वास्थ्य लाभ



कद्दू का रस पीने के फायदे ठीक उसी तरह होते हैं जैसे कि किसी औषधीय पेय के होते हैं। आपने अब तक कद्दू के बीज और कद्दू खाने के फायदे सुने होगें। लेकिन अब कद्दू का जूस पीने के लाभ के बारे में भी जान लें। क्‍योंकि यह जूस कोई साधारण पेय नहीं है। कद्दू का रस पीने के फायदे आपको कई बीमारियों से दूर कर सकता है। कद्दू के जूस का उपयोग किडनी को स्‍वस्‍थ रखने, कब्‍ज का इलाज करने, मूत्र संक्रमण को कम करने, उच्‍च रक्‍तचाप को कम करने के लिए लाभकारी होता है। यदि आप कद्दू से बनाए गए जूस के लाभ नहीं जानते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। इस लेख में आप कद्दू के जूस के फायदे, औषधीय गुण, उपयोग, इस्‍तेमाल और नुकसान संबंधी जानकारी प्राप्‍त करेगें।
पम्‍पकिन या कद्दू का जूस एक प्रभावी पेय पदार्थ है जिसे कद्दू के गूदे से बनाया जाता है। कद्दू के ऊपरी और कठोर छिलके को हटाया जाता है। फिर कद्दू के गूदे का पेस्‍ट बनाकर पानी के साथ घोलकर कद्दू का जूस तैयार किया जाता है। इस कद्दू के जूस का सेवन करना कई गंभीर और सामान्य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी योगदान दे सकता है। आइए विस्‍तार से जाने कद्दू के जूस संबंधी अन्‍य तथ्‍य क्‍या हैं।
वजन कम करने का सबसे अच्‍छा उपाय

जब स्‍वास्‍थ्‍य की बात आती है तो कद्दू का जूस एक बेहतरीन विकल्‍प है। यह विटामिन सी, पोटेशियम, मैग्नीशियम और अन्‍य महत्‍वपूर्ण पोषक तत्‍वों से भरपूर है। इसमें कैलोरी कम होती है और कद्दू जूस का लगभग 94 प्रतिशत हिस्‍सा केवल पानी होता है। इसलिए यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। आप आपने मन में कद्दू के रस को लेकर किसी प्रकार की शंका न रखें क्‍योंकि यह वजन कम करने का सबसे अच्‍छा उपाय है।


सामान्‍य रूप से कद्दू के जूस के 1 बड़े कप को दिन में दो बार सेवन किया जा सकता है। यह पेट में एसिड के स्‍तर को बेहतर बनाए रखने और पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी होता है। आप भोजन के बाद भी इस जूस का सेवन कर सकते हैं। हालांकि निर्धारित मात्रा से अधिक कद्दू का जूस पीना आपकी पाचन समस्‍याओं को बढ़ा भी सकता है।
स्‍वास्‍थ्‍य के साथ ही साथ कद्दू के रस के फायदे त्वचा और बालों के लिए भी होते हैं। इस लेख आपको कद्दू के फल से बनाए गए जूस संबंधी उन सभी लाभों के बारे में बताया जा रहा है। जिन्‍हें जानकर आप भी इस अद्भुद जूस के लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।
गुर्दे की पथरी या पित्ताशय की समस्‍याएं
जिन लोगों को गुर्दे की पथरी या पित्ताशय की समस्‍याएं होती हैं उनके लिए कद्दू के रस का सेवन फायदेमंद हो सकता है। किडनी और लिवर संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए नियमित रूप से कद्दू के रस का सेवन किया जा सकता है। जो बीमारी को प्रभावी रूप से दूर करने में मदद करता है। कुछ लोगों का मानना है कि 10 दिन तक लगातार कद्दू का रस पीना लिवर और किडनी की समस्‍या को कम करके उन्‍हें हेल्‍थी बना सकता है। आप भी कद्दू के जूस का सेवन कर अपनी किड़नी और लीवर को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं।

पाचन संबंधी समस्‍याओं का प्रभावी उपचार
पाचन संबंधी समस्‍याओं का प्रभावी उपचार करने के लिए कद्दू का रस एक बेहतर विकल्‍प है। कद्दू के रस में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है जो पूरे पाचन तंत्र को स्‍वस्‍थ रखने के लिए आवश्‍यक है। कद्दू के रस के लाभ आंतों में चिकनाहट को बढ़ाता है जिससे मल को पारित होने में आसानी होती है। यदि आप भी कब्‍ज और अन्‍य पाचन समस्‍याओं का उपचार करना चाहते हैं तो कद्दू के रस के लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। अच्‍छी बात यह है कि कद्दू के जूस को आप आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं जो कब्‍ज का सबसे अच्‍छा घरेलू उपाय हो सकता है।

क्‍या आपको पूरी और अच्‍छी नींद लेने में असुविधा होती है। इसका मतलब यह है कि आपको अनिद्रा की समस्‍या है जिसके कारण आप रात में अपनी नींद नहीं ले पा रहे हैं। इस समस्‍या का प्राकृतिक उपचार कद्दू के जूस से किया जा सकता है। अनिद्रा का घरेलू उपचार करने के लिए आप नियमित रूप से कद्दू के रस का सेवन कर सकते हैं। प्रतिदिन आप 1 गिलास कद्दू के रस में थोड़ा शहद मिलाएं और सेवन करें। यह आपकी नसों को आराम दिलाने और मस्तिष्‍क को शांत करने में मदद कर सकता है। जिससे आपको अच्‍छी नींद लेने में आसानी हो सकती है।
कद्दू के जूस का सेवन करे रक्‍तचाप नियंत्रित
जिन लोगों को उच्‍च रक्‍तचाप संबंधी समस्‍या है उन्‍हें कद्दू के जूस का सेवन फायदा दिला सकता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि कद्दू के रस में ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जो शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल और उच्च रक्‍तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं। पम्‍पकिन जूस में पेक्टिन की अच्‍छी मात्रा होती है जो शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। उच्‍च रक्‍तचाप और हाई कोलेस्ट्रॉल दोनों ही हृदय संबंधी समस्‍याओं का प्रमुख कारण होते हैं। लेकिन आप इन समस्‍याओं से बचने के लिए अपने आहार में कद्दू के रस का प्रयोग कर सकते हैं।
कद्दू जूस का फायदा मार्निग सिकनेस के लिए
अक्‍सर महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान सुबह की बीमारी (Morning Sickness) का सामना करना पड़ता है, उन महिलाओं के लिए कद्दू के रस पीने के फायदे हो सकते हें। गर्भावस्‍था के दौरान एसिड रिफ्लक्‍स के कारण होने वाली उल्‍टी और मतली को रोकने के लिए नियमित रूप से कद्दू के जूस का सेवन किया जा सकता है। सुबह की बीमारी का घरेलू उपचार करने के लिए नियमित रूप से प्रतिदिन 1 गिलास कद्दू का जूस पीना महिलाओं को लाभ दिला सकता है।



बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने के लिए
क्‍या आप अपने शरीर की आंतरिक अशुद्धियों को दूर करने प्राकृतिक उपाय खोज रहे हैं? यदि हां तो आप अपनी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने के लिए कद्दू के जूस का सेवन कर सकते हैं। यह एक चमत्‍कारिक पेय पदार्थ है जो शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को प्रभावी रूप से दूर कर सकता है। इसके अलावा यह आपके शरीर की आंतरिक क्षतिग्रस्‍त कोशिकाओं की मरम्मत करने में भी प्रभावी योदान दे सकता है। आप अपने शरीर से अशुद्धियों को दूर करने के लिए सुबह के समय खाली पेट कद्दू के जूस का उपभोग कर सकते हैं। यह पाचन तंत्र और गुर्दों की बेहतर सफाई करने का अच्‍छा और प्राकृतिक घरेलू उपाय माना जाता है।

कद्दू जूस के औषधीय गुण मूत्र संक्रमण रोके
पम्‍पकिन जूस का सेवन कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाता है जिनमें मूत्र पथ को स्‍वस्‍थ रखना भी शामिल है। यदि आप मूत्र पथ के संक्रमण और अन्‍य समस्‍याओं का समाधान चाहते हैं तो कद्दू के रस का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह आपके मूत्र पथ और गुर्दे में मौजूद अपशिष्‍ट पदार्थों को साफ करने और उन्‍हें बाहर निकालने में मदद कर सकता है। यदि आप कद्दू के जूस का सेवन कर सकते हैं तो यह आपके गुर्दे और मूत्र पथ को संक्रमण से बचा सकता है।
हेयर बेनिफिट्स के लिए कद्दू के जूस के इस्‍तेमाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कद्दू के रस में विटामिन ए की उच्‍च मात्रा होती है जो आपके स्‍कैल्‍प (scalp) के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा कद्दू के जूस में पोटेशियम की भी अच्‍छी मात्रा होती है जो बालों में रि-ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद करता है। नियमित रूप से कद्दू के रस का सेवन करने से बालों को झड़ने से भी बचाया जा सकता है।
घर में कद्दू का जूस कैसे बनाए
घर में कद्दू का जूस बनाना बहुत ही आसान है। घर में तैयार किये गए प‍म्‍पकिन जूस को अधिक प्रभावी माना जाता है क्‍योंकि इसे बनाने में किसी भी केमिकल्‍स का उपयोग नहीं किया जाता है। साथ ही यह ताजा होता है। आइए जाने किस प्रकार हम घर पर ही कद्दू का रस बना सकते हैं।
कद्दू का रस बनाने के लिए आपको केवल पके हुए कद्दू का 1 टुकड़ा और पानी की आवश्‍यकता होती है।
आप कद्दू के ऊपरी छिलके को लिकाल लें और इसके छोटे-छोटे टुकड़े बना लें। इसके बाद थोड़े से पानी के साथ इन कद्दू के टुकडों को जूसर ब्‍लेंड में डालकर मिक्स करें। आपका कद्दू का जूस तैयार है। यह कम मीठा होता है। वैसे तो प्राकृतिक रूप से इतना मीठा जूस ही आपको सेवन करना चाहिए। लेकिन अतिरिक्‍त मिठास बढ़ाने के लिए आप शक्‍कर की जगह शहद का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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19.12.19

सरसों का तेल है सबसे सेहतमंद



भोजन हमारे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा है, हम सचमुच खाने के लिए जीते हैं! लेकिन साथ ही स्वस्थ भोजन के बारे में जागरूकता भी हमारी जीवन-शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। हम सब अपने स्तर पर स्वस्थ खाने और फिट रहने के लिए जागरूक होने का प्रयास कर रहे हैं। भोजन पकाने के लिए तेल के इस्तेमाल को लेकर कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। जिसमें आमतौर पर तेल के इस्तेमाल को सेहत के लिए नुकसानदायक बताते हैं। तेल चूंकि फैट का मुख्य स्रोत है, इसलिए ये शरीर में चर्बी को बढ़ाता है। लेकिन कई स्टडीज यह दावा करती हैं कि कुछ तेल आपके हृदय को सेहदमंद रखने के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं और यह शरीर को कई बीमारियों से दूर रखते हैं। आमतौर पर भोजन पकाने के लिए जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) को सबसे हेल्दी माना जाता है। मगर भारत में कुकिंग के लिए ज्यादातर सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। इस लेख के जरिए जानें कि कौन सा तेल आपकी सेहत बेहतर है।
इन दिनों बाज़ार में ऑलिव ऑयल या फ्लेक्ससीड ऑयल का चलन बढ़ता जा रहा है। ऑलिव ऑयल के अपने कई फायदे हैं लेकिन अगर भोजन पकाने की बात जाए तो सरसों तो सरसों के तेल से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हमारे देश में सरसों के तेल का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में किया जाता है। सरसों तेल हर किचन का अहम हिस्सा है और लगभग हर घर में सरसों के तेल में भोजन पकाया जाता है। काफी पुराने समय से इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जा रहा है। वैसे मार्किट में और भी कुकिंग ऑयल हैं जैसे- ऑलिव ऑयल यानी जैतून का तेल, रिफाइंड ऑयल, कैनोला तेल, राईस ब्रान ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, तिल का तेल और मूंगफली का तेल।


जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल)
जैतून का तेल आज के समय में बहुत ही जाना पहचाना नाम बन चुका है। बड़े-बड़े फिटनेस एक्सपर्ट्स ने इसका खूब प्रचार किया है और जैतून के तेल को केवल एक विकल्प भर ही नहीं बताया है। फिटनेस फ्रीक्स के लिए यह तेल अधिक पॉपुलर बन गया है। इस तेल में वसा अच्छी मात्रा में होती है जो हृदय स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बहुत जरूरी होता है। यह एक ऐसा जादुई तेल है जिसके इस्तेमाल से आपका वजन नहीं बढ़ता।
सरसों का तेल
सरसों के तेल का इस्तेमाल आयुर्वेद से जुड़ा हुआ है जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में युगों से होता चला आ रहा है। इस तेल की तीखी गंध और गहरे पीले रंग से इसकी पहचान को मान्यता मिली है। भारतीय घरों इसका इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जाता है। खासतौर पर पूर्वी भारत में इसका इस्तेमाल अधिक किया जाता है। हमारे पारंपरिक भोजन जैसे मछली या झालमुरी को पकाने के लिए सरसों के तेल की जगह किसी और तेल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
सरसों का तेल है सबसे सेहतमंद
सरसों का तेल प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट और जरूरी फैटी एसिड पर्याप्त मात्रा में होते हैं। दोनों ही तेल दिल की सेहत को बनाए रखने के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और कुछ अन्य अच्छे वसा भरपूर मत्रा में होते हैं जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। साथ ही यह तेल गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (बैड कोलेस्ट्रॉल) को बनने से रोकता है।


यह तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत ही अच्छा स्रोत है साथ ही इसमें शरीर के लिए अन्य जरूरी हेल्दी फैट्स भी होते हैं। भोजन पकाते समय तेल में मौजूद अच्छे फैटी एसिड और तेल न सिर्फ आपके भोजन के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि खून में मौजूद फैट को भी कम करता है।
ज्यादातर शोधकर्ताओं ने यह सिद्ध किया है कि जैतून के तेल की तुलना में सरसों का तेल अधिक सेहतमंद होता है। क्योंकि इसमें जरूरी फैटी एसिड मौजूद होते हैं। इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड दोनों ही पर्याप्त मात्रा में होते हैं। यह आपके भोजन स्वस्थ बनाते हैं जो आपके हृदय स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बहुत जरूरी है। वहीं जैतून के तेल में इन सभी जरूरी फैटी एसिड की मात्रा कम होती है और इसकी कीमत सरसों की तेल की तुलना में बहुत अधिक होती है
क्या है प्रमाण
बहुत सारी स्टडीज के अनुसार सरसों के तेल को उसमें मौजूद सभी जरूरी फैटी एसिड के अनुपात कारण सबसे सेहदमंद तेलों में से एक माना जाता है। साथ ही यह भी पाया गया है कि सरसों का तेल हृदय संबंधि रोगों से बचाने में भी मदद करता है और सरसों का तेल कोरोनरी धमनी रोगों और अन्य हृदय संबंधि रोगों से बचाता है। इसके अलावा यह तेल ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और हाई ब्लड प्रेशर के खतरे से बचाता है।

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15.12.19

"उपचार और आरोग्य"ब्लॉग के 500 लेखों की सूची -लिंक्स

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Last updated: 2019, December 15
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उपचार और आरोग्य: कफ बलगम निकालने के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय 


उपचार और आरोग्य: कब्ज़ और गैस 


उपचार और आरोग्य: कब्ज नाशक नुस्खे 


उपचार और आरोग्य: कमर दर्द 


उपचार और आरोग्य: करीपत्ता (मीठी नीम)के अनुपम स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: करेला का जूस 


उपचार और आरोग्य: करोंदे के लाभ और उपयोग 


उपचार और आरोग्य: कस्तूरी के गुण 





उपचार और आरोग्य: काकजंघा जड़ी बूटी के आयुर्वेदिक और तांत्रिक प्रयोग
 


उपचार और आरोग्य: काकरोच भागने के उपाय 


उपचार और आरोग्य: कांटोला 


उपचार और आरोग्य: कान का दर्द 


उपचार और आरोग्य: कान की नसों में थक्के जमाना 


उपचार और आरोग्य: कान्हावाडी मे होता है लाईलाज केन्सर रोग का ईलाज 


उपचार और आरोग्य: काफी 


उपचार और आरोग्य: कामशक्ति 


उपचार और आरोग्य: काया कल्पः 


उपचार और आरोग्य: काली खांसी जड़ से खत्म 


उपचार और आरोग्य: काली जीरी का चमत्कारिक त्रियोग 


उपचार और आरोग्य: काली मिर्च और तुलसी के पत्ते- 


उपचार और आरोग्य: किडनी को मजबूत बनाने वाले योग आसन 


उपचार और आरोग्य: किडनी खराब 


उपचार और आरोग्य: किडनी डायलेसिस 


उपचार और आरोग्य: किडनी फेल की दवा 


उपचार और आरोग्य: किडनी फेल के उपचार 


उपचार और आरोग्य: किडनी फेल रोग का अचूक हर्बल इलाज 


उपचार और आरोग्य: किडनी विकृति के कारण और उपचार 


उपचार और आरोग्य: किडनी स्टोन 


उपचार और आरोग्य: कीटरोधक 


उपचार और आरोग्य: कुमकुमादि तेल है गुणों व सौन्दर्य का खजाना 


उपचार और आरोग्य: कूदना भी है इलाज 


उपचार और आरोग्य: के औषधीय प्रयोग 


उपचार और आरोग्य: केन्सर 


उपचार और आरोग्य: केला का छिलका 


उपचार और आरोग्य: केला सहजन 


उपचार और आरोग्य: केल्शियम अल्पता 


उपचार और आरोग्य: केसर 


उपचार और आरोग्य: कैफीन युक्त पेय 


उपचार और आरोग्य: कैंसर 


उपचार और आरोग्य: कैंसर से बचाए 


उपचार और आरोग्य: कैसा भी कितना भी पुराना गठिया 


उपचार और आरोग्य: कॉकरोच भगाना 


उपचार और आरोग्य: कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण 


उपचार और आरोग्य: क्यों होता है जोड़ों मे दर्द 


उपचार और आरोग्य: क्रोध पर नियंत्रण 


उपचार और आरोग्य: क्रोध से कैसे निपटें?क्रोध प्रबंधन 


उपचार और आरोग्य: खस खस के गुण 


उपचार और आरोग्य: खांसी


उपचार और आरोग्य: खांसी-जुकाम दूर करने के नुस्खे 


उपचार और आरोग्य: खिसकी हुई नाभि को सही जगह पर लाने के उपाय 


उपचार और आरोग्य: खीरा ककड़ी 


उपचार और आरोग्य: खुजली एक्जिमा दाद


उपचार और आरोग्य: खुजली के घरेलू आयुर्वेदिक इलाज


उपचार और आरोग्य: खून की कमी 


उपचार और आरोग्य: खून में कोलेस्ट्रोल कम करने के असरदार उपाय 


उपचार और आरोग्य: खून में शुगर 


उपचार और आरोग्य: खोपरा गोला 


उपचार और आरोग्य: गंजेपन 


उपचार और आरोग्य: गंजेपन से छुटकारा 


उपचार और आरोग्य: गठिया का उपचार होम्योपैथिक द्वारा 


उपचार और आरोग्य: गठिया की चिकित्सा 


उपचार और आरोग्य: गन्ना और मूली का रस 


उपचार और आरोग्य: गरम पानी मे शहद से वजन कम करें 


उपचार और आरोग्य: गरम मसाले 


उपचार और आरोग्य: गर्भ में लड़का होने के लक्षण 


उपचार और आरोग्य: गर्भरक्षा के ये उपाय 


उपचार और आरोग्य: गर्भवती 


उपचार और आरोग्य: गर्भस्त्राव 


उपचार और आरोग्य: गले और छती मे जमे कफ बलगम का तुरंत असर उपचार 


उपचार और आरोग्य: गले का दर्द सूजन 


उपचार और आरोग्य: गले की खराश 


उपचार और आरोग्य: गले में खराश 


उपचार और आरोग्य: गाँजा 


उपचार और आरोग्य: गाय का घी 


उपचार और आरोग्य: गाय का घी कैंसर रोधी 


उपचार और आरोग्य: गाय के घी से दीर्घ यौवन 


उपचार और आरोग्य: गिलोय का चूर्ण 


उपचार और आरोग्य: गुड 


उपचार और आरोग्य: गुड़ और सौंफ 


उपचार और आरोग्य: गुब्बारे फुलाएं 


उपचार और आरोग्य: गुमड़े गांठ का ईलाज 


उपचार और आरोग्य: गुर्दे की अकर्मण्यता 


उपचार और आरोग्य: गुर्दे के रोग और उपचार। 


उपचार और आरोग्य: गुर्दों की सफाई मे पुनर्नवा 


उपचार और आरोग्य: गुलकंद 


उपचार और आरोग्य: गेहूं के जवारे 


उपचार और आरोग्य: गेहूं के जवारे के रस के चमत्कारिक स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: गैस छोड़ना या पादना के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: गोक्षुरादि गुग्गुल 


उपचार और आरोग्य: गोखरू 


उपचार और आरोग्य: गोभी 


उपचार और आरोग्य: ग्रीन टी 

उपचार और आरोग्य: ग्रीन ब्लड 


उपचार और आरोग्य: घबराहट दूर केआयुर्वेदिक उपाय 


उपचार और आरोग्य: घमरा के औषधीय गुण 


उपचार और आरोग्य: घमौरियाँ 


उपचार और आरोग्य: घर को मच्छर मुक्त रखने के उपाय 


उपचार और आरोग्य: घर पर प्रोटीन शेक बनाने का तरीका और विधि 


उपचार और आरोग्य: घाव के कीड़ों 


उपचार और आरोग्य: घी 


उपचार और आरोग्य: घीऔर दूध 




उपचार और आरोग्य: घुटने मजबूत खजूर से
 


उपचार और आरोग्य: घुटनो का दर्द 


उपचार और आरोग्य: घुटनों के दर्द 


उपचार और आरोग्य: घुटनों के दर्द के लिए चमत्कारी उपाय 


उपचार और आरोग्य: घेंघा रोग आयोडीन 


उपचार और आरोग्य: चक्कर आने के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार. रक्ताल्पता 


उपचार और आरोग्य: चक्कर आने पर पथ्य 


उपचार और आरोग्य: चना और गुड के कमाल के फायदे 


उपचार और आरोग्य: चने का खार 


उपचार और आरोग्य: चन्दन के गुण औषधीय लाभ 


उपचार और आरोग्य: चमेली के गुण 


उपचार और आरोग्य: चम्पा के गुण 


उपचार और आरोग्य: चर्बी कम करने के आयुर्वेदिक उपाय 


उपचार और आरोग्य: चर्म रोग से बचने के घरेलू उपचार 


उपचार और आरोग्य: चश्मा उतारना 


उपचार और आरोग्य: चिया के बीज के कमाल के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: चीकू के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: चीटी खटमल मच्छर दूर भगाये 


उपचार और आरोग्य: छाछ 


उपचार और आरोग्य: छाती (सीने) मे दर्द के प्रभावी उपचार 


उपचार और आरोग्य: छुहारा दूध के साथ खाने के नायाब फायदे 


उपचार और आरोग्य: जलना 


उपचार और आरोग्य: जलोदर 


उपचार और आरोग्य: जहर 


उपचार और आरोग्य: जानें पेट में लड़का है या लड़की 


उपचार और आरोग्य: जामुन के औषधीय गुण 


उपचार और आरोग्य: जीरा के फायदे 


उपचार और आरोग्य: जीरा पानी बनाना 


उपचार और आरोग्य: जीरा से शरीर की फालतू चर्बी खत्म करें 


उपचार और आरोग्य: जीरे का पानी 


उपचार और आरोग्य: ज़ुकाम तथा बुखार 


उपचार और आरोग्य: जैतून तेल 


उपचार और आरोग्य: जोंक का प्रयोग 


उपचार और आरोग्य: जोड़ों का दर्द के उपचार 


उपचार और आरोग्य: जोड़ो के दर्द के लिए आयुर्वेदिक तेल बनाने की विधि 


उपचार और आरोग्य: जोड़ों के दर्द मे उपयोगी योग आसन 


उपचार और आरोग्य: जोड़ों में दर्द की समस्या 


उपचार और आरोग्य: ज्यादा पसीना होना:कारण और उपचार 


उपचार और आरोग्य: ज्वर 


उपचार और आरोग्य: झड़ते बालों के योग आसन 


उपचार और आरोग्य: झाड़ते बालों से निजात 


उपचार और आरोग्य: झुर्रियां 


उपचार और आरोग्य: टमाटर खाने के कमाल के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: टांगो और रीड की हड्डी के दर्द की चिकित्सा 


उपचार और आरोग्य: टायफ़ाईड


उपचार और आरोग्य: टीबी के उपचार तपेदिक 


उपचार और आरोग्य: टेंशन व मन की अशांति 


उपचार और आरोग्य: टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने वाली कमाल की जड़ी बूटियाँ 


उपचार और आरोग्य: डकार आना 


उपचार और आरोग्य: डकार आने के उपचार 


उपचार और आरोग्य: डकार आने के कारण और घरेलू उपचार 


उपचार और आरोग्य: डकार बंद करना 


उपचार और आरोग्य: डायबिटीज कंट्रोल 


उपचार और आरोग्य: डायबिटीज के लिए बासी रोटी 


उपचार और आरोग्य: डायरिया का लक्षण एवं उपचार 


उपचार और आरोग्य: डार्क सर्कल्स और झुर्रियों 


उपचार और आरोग्य: डिप्रेशन 


उपचार और आरोग्य: डिप्रेशन और एंग्जाइटी 


उपचार और आरोग्य: डिप्रेशन या अवसाद के उपचार 


उपचार और आरोग्य: डिमेंशिया यानि की मनोभ्रंश के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार 


उपचार और आरोग्य: तंदुरुस्ती दोहे 


उपचार और आरोग्य: तनाव कम 


उपचार और आरोग्य: तनाव चिंता डिप्रेशन मे बेहद उपयोगी है अश्वगंधा 


उपचार और आरोग्य: तनाव दूर 


उपचार और आरोग्य: तन्त्रशास्त्र 




उपचार और आरोग्य: तरबूज
 


उपचार और आरोग्य: तलवे की मसाज 


उपचार और आरोग्य: ताड़ासन 


उपचार और आरोग्य: ताड़ासन.पर्वतासन 


उपचार और आरोग्य: तिलकुट्टा 


उपचार और आरोग्य: तीक्ष्ण बुद्धि 


उपचार और आरोग्य: तीन नींबू काटकर बेडरूम मे रखें और अगले दिन देखें कमाल 


उपचार और आरोग्य: तुअर दल 


उपचार और आरोग्य: तुरई(नेनुया) के औषधीय गुण फायदे 


उपचार और आरोग्य: तुरंत नींद में ले जाने वाली ब्रीथिंग ट्रिक 


उपचार और आरोग्य: तुलसी 


उपचार और आरोग्य: तेज पत्ता के फायदे नुस्खे लाभ उपचार 


उपचार और आरोग्य: तेजी से चलने 


उपचार और आरोग्य: तेलिया कन्द एक चमत्कारी जड़ी बूटी 


उपचार और आरोग्य: त्रिदोष दर्द नाशक 


उपचार और आरोग्य: त्रिफला 


उपचार और आरोग्य: त्वचा 


उपचार और आरोग्य: त्वचा की खूबसूरती 


उपचार और आरोग्य: त्वचा कीसमस्याएँ और उपचार 


उपचार और आरोग्य: त्वचा के रोग 


उपचार और आरोग्य: थकान का इलाज है तकिए के नीचे लहसुन रखकर सोना 


उपचार और आरोग्य: थायराइड में 


उपचार और आरोग्य: थायरायड (Thyroid Disorder) की बीमारी के घरेलू आयुर्वेदीय इलाज 


उपचार और आरोग्य: दंतशूल 


उपचार और आरोग्य: दमा 


उपचार और आरोग्य: दमा (अस्थमा ) की विषद जानकारी और सरल चिकत्सा 


उपचार और आरोग्य: दमा में राहत 


उपचार और आरोग्य: दर्द कम करे 


उपचार और आरोग्य: दर्द नाशक तेल 


उपचार और आरोग्य: दर्द निवारक 


उपचार और आरोग्य: दर्द से राहत 


उपचार और आरोग्य: दर्दनाशक 


उपचार और आरोग्य: दवानल चूर्ण 


उपचार और आरोग्य: दशमूल जड़ी बूटी के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: दस्त लगने पर 


उपचार और आरोग्य: दस्तावर 


उपचार और आरोग्य: दही का उपयोग 


उपचार और आरोग्य: दही के साथ जीरा पाउडर 


उपचार और आरोग्य: दाग-धब्बों के लिए.ऑयली स्किन 


उपचार और आरोग्य: दाढ़ दर्द 


उपचार और आरोग्य: दांत का दर्द 


उपचार और आरोग्य: दांत की पीडा 


उपचार और आरोग्य: दांत की मैल 


उपचार और आरोग्य: दांत दर्द का घरेलू उपचार 


उपचार और आरोग्य: दाँत मजबूत बनाने के कारगर उपाय 


उपचार और आरोग्य: दांतों की तकलीफ के नुस्खे 


उपचार और आरोग्य: दाद और खुजली की आयुर्वेदिक चिकित्सा 


उपचार और आरोग्य: दालचीनी 


उपचार और आरोग्य: दालचीनी के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: दालचीनी वाला दूध 


उपचार और आरोग्य: दिमाग का टॉनिक ब्राह्मी 


उपचार और आरोग्य: दिल की कमजोरी दूर 


उपचार और आरोग्य: दीर्घकालिक रोग 


उपचार और आरोग्य: दूध 




उपचार और आरोग्य: दृष्टि
 


उपचार और आरोग्य: दैनिक जीवन मे योग के सकारात्मक प्रभाव 


उपचार और आरोग्य: दोपहर मे सोने के फायदे // Benefits of sleeping in the afternoon 


उपचार और आरोग्य: धनिया के गुण और औषधीय उपयोग 


उपचार और आरोग्य: धनिये की पत्तियों के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: धात रोग के कारण लक्ष्ण और उपचार 


उपचार और आरोग्य: धातु पुष्ट 


उपचार और आरोग्य: धातु पोष्टिक 


उपचार और आरोग्य: धूप सेवन के लाभ 


उपचार और आरोग्य: धूम्रपान 


उपचार और आरोग्य: नकसीर 


उपचार और आरोग्य: नकसीर के ईलाज 


उपचार और आरोग्य: नजर तेज 


उपचार और आरोग्य: नजर तेज करने के उपचार 


उपचार और आरोग्य: नजर बढ़ाने के उपाय 


उपचार और आरोग्य: नपुंसकता की होम्योपैथिक औषधियाँ 


उपचार और आरोग्य: नपुंसकता के उपचार 


उपचार और आरोग्य: नंपुसकता दूर 


उपचार और आरोग्य: नशा मुक्ति के उपाय:शराब 


उपचार और आरोग्य: नस में अवरोध 


उपचार और आरोग्य: नसों में होने वाले दर्द से निजात पाने के तरीके 


उपचार और आरोग्य: अदरक के पानी के अनुपम फायदे 


उपचार और आरोग्य: अदरक के पानी के फायदेमंद 


उपचार और आरोग्य: अर्निका-होम्योपैथिक औषधि के लक्षण उपयोग 


उपचार और आरोग्य: अलसी (flax seeds)के स्वास्थ्य लाभ 


उपचार और आरोग्य: असगंध 


उपचार और आरोग्य: असगन्ध 


उपचार और आरोग्य: आँखों की रोशनी बढ़ाने के उपचार 


उपचार और आरोग्य: आंखों के लिए 


उपचार और आरोग्य: आयुर्वेदिक औषधियों की जानकारी 


उपचार और आरोग्य: आर्सेनिक एल्ब -होम्योपैथिक औषधि के गुण फायदे 


उपचार और आरोग्य: उच्च रक्तचाप (High blood pressure) के कारण लक्षण और उपचार 


उपचार और आरोग्य: उपचार 


उपचार और आरोग्य: कब्ज 


उपचार और आरोग्य: कब्ज और दस्त 


उपचार और आरोग्य: कब्ज की बीमारी 


उपचार और आरोग्य: कब्ज की समस्या 


उपचार और आरोग्य: कब्ज की समस्या से राहत 


उपचार और आरोग्य: कब्ज जड़ से खत्म 


उपचार और आरोग्य: कब्ज दूर 


उपचार और आरोग्य: कब्ज से राहत 


उपचार और आरोग्य: कमरदर्द घुटनो का दर्द संधिवात (आर्थराईटिज) की चिकित्सा 


उपचार और आरोग्य: किडनी मजबूत 


उपचार और आरोग्य: केसर के फायदे 


उपचार और आरोग्य: कोलेस्‍ट्रॉल कम 


उपचार और आरोग्य: कोलेस्‍ट्रोल कम 


उपचार और आरोग्य: खीरा 


उपचार और आरोग्य: गठिया 


उपचार और आरोग्य: गठिया रोग 


उपचार और आरोग्य: गठिया से राहत 


उपचार और आरोग्य: गर्भाशय 


उपचार और आरोग्य: गाऊट 


उपचार और आरोग्य: चक्कर आने के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार. 


उपचार और आरोग्य: चींटी मक्खी मच्छर भगाना 


उपचार और आरोग्य: जोडों का दर्द 


उपचार और आरोग्य: जोड़ों का दर्द 


उपचार और आरोग्य: जोड़ों का दर्द बढ़ने के कारण 

उपचार और आरोग्य: जोड़ों के दर्द