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6.8.19

खिसकी हुई नाभि को सही जगह पर लाने के उपाय : Vayu gola



 नाभि को मानव शरीर का केंद्र माना जाता है। नाभि स्थान से शरीर की बहत्तर हजार नाड़ियों जुड़ी होती है। अपने स्थान से सरक जाने से पैदा हुई समस्या नाभि को पुनः अपने स्थान पर लाने पर ही ठीक होती हैं।
नाभि खिसकने की समस्या को कुछ लोग नाभि का डिगना या धरण भी कहते हैं। कई बार कुछ कारणों से नाभि अपनी जगह से हट जाती है यानि खिसक जाती है। अक्सर झटके से उठने या फिर कोई भारी सामान उठाने के कारण नाभि अपनी जगह छोड़कर थोड़ी खिसक जाती है। इसके कारण व्यक्ति को तेज दर्द के साथ अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।ऐसे में कई तरह की परेशानयां जैसे पेट में दर्द, उल्टी, कब्ज, जी मिचलाना आदि की समस्या हो जाती है। महिलाओं में ये समस्या होने पर पीरियड्स के समय सामान्य से ज्यादा ब्लड निकलता है। नाभि के खिसकने का मुख्य कारण भारी वजन उठाना, वजन लेकर झुकना, दुर्घटना आदि में अंगों का अचानक खिंचाव आदि है।

लक्षण दिखने पर करें नाभि की जांच

नाभि खिसकने की पुष्टि करने के कुछ खास तरीके हैं। सबसे आसान तरीका है व्यक्ति को लेटकर नाभि के आसपास वाले स्थान पर उंगुलियों से दबाव डालें। यदि नाभि वाले स्थान के ठीक बिलकुल नीचे कोई अगर धड़कन महसूस हो तो इसका मतलब है कि नाभि अपने स्थान पर ही है। लेकिन यही धड़कन नाभि के नीचे महसूस ना होकर आसपास की जगह पर महसूस हो तो समझ जाएं कि, नाभि अपनी जगह में नहीं है।

मालिश करवाना

नाभि खिसकने पर ज्यादातर लोग इसे मालिश द्वारा ठीक करते हैं। हालांकि ये मालिश सामान्य मालिश की तरह नहीं होती है इसलिए इसे सब लोग नहीं कर सकते। कुछ लोगों को नाभि को मालिश के द्वारा सही जगह पर लाने का तरीका पता होता है। मालिश सिर्फ उन्हीं से करवनी चाहिए वर्ना अंजाम खतरनाक हो सकता है। नाभि के खिसकने पर ध्यान रखें कि भूलकर भी वजन ना उठायें। क्योंकि वजन उठाने से स्थिति गंभीर हो जाती है। यदि आसपास कोई नहीं है और सामान उठाना जरूरी है तो उसे झटके से ना उठाएं।


आंवला और गिलोय से करें उपचार

नाभि खिसकने पर एक चम्मच आंवला पाउडर में नींबू का रस मिलकर नाभि के चारों ओर इस पेस्ट को लगाएं और कुछ देर तक लेटे रहें। दिन में दो बार नाभि पर आंवले का पेस्ट लगाने से नाभि अपनी जगह पर आ जाती है। इसके अलावा नाभि खिसकने पर दर्द से राहत पाने के लिए गिलोय भी काफी लाभकारी साबित होता है।

कूदना भी है इलाज

कई बार बड़े-बुजुर्ग नाभि के खिसक जाने पर कूदने की सलाह देते हैं क्योंकि कूदने से भी नाभि अपनी जगह पर आ जाती है। इसके लिए आपको लगभग 2 फीट की उंचाई (बेड या कुर्सी) से 2-3 बार कूदना होता है। कूदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि आपका पूरा वजन आपके पंजों पर पड़े बल्कि आप अलग से थोड़ा जोर लगाएं। इससे नाभि अपनी जगह पर आ जाती है।

चाय पत्ती है फायदेमंद

नाभि खिसकने के बाद कुछ लोगों को तेज दस्त होने लगता है। ऐसी स्थिति में एक गिलास पानी में एक चम्मच चायपत्ती मिलाकर उबाल लें और छानकर गुनगुना चाय पीएं। इससे दर्द तो कम होगा ही साथ में नाभि अपनी जगह पर आ जाएगी।

गुड़ और सौंफ

नाभि को जगह पर लाने के लिए सौंफ का उपाय अपनाएं। इसके लिए 50 ग्राम गुड़ में 10 ग्राम सौंफ मिलाएं और सुबह खाली पेट अच्छी तरह चबा-चबाकर खाएं। ऐसा तीन दिन तक करें। इस उपाय से दो से तीन दिन में नाभि अपनी जगह में आ जाएगी।


सरसों का तेल

नाभि खिसकने पर इसे वापस अपनी जगह लाने में सरसों का तेल काफी मददगार होता है। इसके अलावा यह दर्द को भी दूर कर देता है। जब आपकी नाभि खिसक जाए तो तीन से चार दिन नियमित रुप से खाली पेट सरसों के तेल की कुछ बूंदे नाभि में डालें। आपको जल्द ही फर्क दिखायी देगा और धीरे धीरे नाभि अपनी जगह पर आना शुरू हो जाएगी।
* एक चम्मच आंवला पाउडर लें. इसमें नींबू का रस मिलाएं. नाभि के चारों ओर इस पेस्ट को लगाएं. तब तक लेटे रहें जब तक ये सूख ना जाए. दिन में दो बार नाभि पर ये पेस्‍ट लगाएं.

सौंफ का सेवन करें-

50 ग्राम सौंफ और 50 ग्राम गुड़ को रोजाना सुबह खाली पेट चबाने से यह समस्या दूर होती है।

योगासन द्वारा इलाज

नाभि के खिसक जाने पर कई योगासन भी इसे ठीक जगह ला सकते हैं जैसे- भुजंगासन, मत्स्यासन, कंधरासन, सूप्ता वज्रासन धनुरासन, मकरासन आदि। इस स्थिति में सभी तरह को योगासनों को करने से बचना चाहिए वर्ना स्थिति खतरनाक हो सकती है। केवल वही योगासन करें जिनसे गुदा के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पड़े। हालांकि इन योगासनों को करने से पहले भी किसी बड़े-बुजुर्ग से राय ले लें क्योंकि थोड़ी सी गलती से आपकी परेशानी बढ़ सकती है। भूल कर भी इस स्थिति में अपने शरीर के साथ कोई छेड़खानी ना करें।

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