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11.10.21

बार बार पेशाब आने के घरेलू उपचार :Frequent Urination



   

कई लोगों के साथ यह समस्या होती है कि उन्हें बार-बार पेशाब के लिए जाना होता है। अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो इसका कारण और उपाय आपको जरूर पता होना चाहिए। पहले जानिए इसके यह 5 कारण -

1 बार-बार पेशाब आने का सबसे बड़ा कारण हो सकता है मूत्राशय की अत्यधिक सक्रियता। ऐसी स्थिति में सामान्य रूप से व्यक्ति बार-बार पेशाब करने के लिए प्रेरित होता है।
2 मधुमेह भी बार-बार पेशाब आने का एक प्रमुख कारण है। रक्त व शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने पर यह समस्या बढ़ जाती है। 3 अगर आपको यूरीनल ट्रैक्ट इंफेक्शन है, तो आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में बार-बार पेशाब आने के साथ ही पेशाब में जलन भी होती है।
4 प्रोटेस्ट ग्रंथि के बढ़ने पर भी यह समस्या पैदा हो सकती है।
5 किडनी में संक्रमण होने पर भी बार-बार पेशाब आना बेहद आम बात है, इसलिए अगर आपको यह परेशानी है, तो इसकी जांच जरूर कराएं।
बहुत ज्‍यादा शराब या कैफीन के सेवन, किडनी प्रॉब्‍लम, मूत्राशय में समस्‍या, डायबिटीज मेलिटस, प्रेग्‍नेंसी, चिंता, मूत्रवर्द्धक दवाओं, स्‍ट्रोक, मस्तिष्‍क या तंत्रिका तंत्र से संबंधित स्थितियां, मूत्र मार्ग में संक्रमण, पेल्विक हिस्‍से में ट्यूमर, ओवरएक्टिव ब्‍लैडर सिंड्रोम, मूत्राशय कैंसर, किडनी या मूत्राशय में पथरी, पेशाब न रोक पाना, पेल्विक हिस्‍से में रेडिएशन जैसी ट्रीटमेंट लेना और क्‍लैमेडिया जैसे यौन संक्रमित रोग की वजह से बार-बार पेशाब आ सकता है।

बार-बार पेशाब आने के लक्षण

पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब में खून या अजीब रंग आना, पेशाब न रोक पाना या मूत्राशय का धीरे-धीरे कमजोर होना, पेशाब करने की इच्‍छा होना लेकिन पेशाब करने में दिक्‍कत आना, वजाइना या पेनिस से डिस्‍चार्ज होना, प्‍यास और भूख बढ़ना, बुखार, ठंड लगना, उल्‍टी, मतली और पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।


उपाय -


*भरपूर मात्रा में पानी पिएं ताकि किसी प्रकार का इंफेक्शन हो, तो वह पेशाब के माध्यम से निकल जाए और बाद में आपको इस तरह की परेशान न झेलनी पड़े।
* दही, पालक, तिल, अलसी, मेथी की सब्जी आदि का रोजाना सेवन करना इस समस्या में फायदेमंद साबित होगा।
*सूखे आंवले को पीसकर इसका चूर्ण बना लें और इसमें गुड़ मिलाकर खाएं। इससे बार-बार पेशाब आने की समस्या में लाभ होगा। विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन करें।4 अनार के छिलकों को सुखा लें और इसे पीसकर चूर्ण बना लें। अब सुबह-शाम इस चूर्ण का सेवन पानी के साथ करें। अगर चाहें तो इसका पेस्ट भी बना सकते हैं।
*मसूर की दाल, अंकुरित अनाज, गाजर का जूस एवं अंगूर का सेवन भी इस समस्या के लिए एक कारगर उपाय है।

बार-बार पेशाब आने का घरेलू इलाज है ग्रीन टी

ग्रीन टी भी आपको इस परेशानी से राहत दिला सकती है क्‍योंकि इसमें माइक्रोबियल-रोधी गुण होते हैं। एक कप गर्म पानी में 5 से 7 मिनट के लिए एक चम्‍मच ग्रीन टी डालकर रखें। इसमें स्‍वादानुसार शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।

कुलथी का प्रयोग-

कुलथी में केल्शियम , आयरन और पॉलीफिनॉल होता है ,इसमे पर्याप्त एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं| थोड़ी सी कुलथी को गुड के साथ रोज सुबह लेने से मूत्राशय की खराबी दूर हो जाएगी।

अनार पेस्ट-


यह मूत्राशय की गर्मी शांत करता है। अनार के छिलके का पेस्ट बनाएँ और उसका छोटा भाग पानी के साथ दिन में दो बार खाइये। ऐसा 5 दिनों के लिये करें, आपको इससे आराम मिलेगा।

तिल के बीज-


तिल के दानों में एंटी ऑक्‍सीडेंट्स, खनिज तत्व और विटामीन्स होते हैं। आप इसे गुड या फिर अजवाइन के साथ सेवन कर सकते हैं।

दही 

दही को हर रोज खाने के साथ खाना चाहिये। इसमें मौजूद तत्व मूत्राशय में खतरनाक रोगाणुओं को बढ़ने से रोकते है।

मेथी पावडर 

मेथी पावडर को सूखी अदरक और शहद के साथ मिला कर पानी के साथ खाएं। ऐसा हर दो दिन पर करें। बार बार पेशान आने की समस्या मे लाभ होगा |

शहद और तुलसी

एक चम्‍मच शहद के साथ 3-4 तुलसी की पत्तियाँ मिलाएं और खाली पेट सुबह खाएं।

बार बार पेशाब आने का घरेलू उपचार है बेकिंग सोड़ा

ये एलकेलाइन होता है जो बार-बार पेशाब आने के लक्षणों को कम करता है और जिन स्थितियों के कारण ये समस्‍या होती है, उन्‍हें भी ठीक करता है। एक गिलास पानी में आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा डालकर पी लें। दिन में एक बार इस पानी को पीने से फायदा होगा।


बार बार पेशाब आने का घरेलू नुस्खा है तुलसी

तुलसी एंटीऑक्‍सीडेंट की तरह काम करती है और शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को भी बाहर निकालती है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण यूटीआई के इलाज में मददगार होते हैं। आपको बता दें कि यूटीआई बार-बार पेशाब आने का प्रमुख कारण होता है। 5 से 7 तुलसी की पत्तियां लें और उन्‍हें पीसकर रस निकाल लें। अब इस रस में दो चम्‍मच शहद मिलाकर पी लें। रोज सुबह खाली पेट ये उपाय करने से लाभ होगा।

नुस्खा-

500 ML. (आधा किलो) पानी में 100 ग्राम प्याज के टुकडे़ डालकर उबालें
जब अच्छी तरह से उबल जाये तो इसे छानकर शहद मिला लें
रोजाना 3 बार सुबह, दोपहर और शाम को लेने से पेशाब खुलकर, बिना कष्ट के आने लगता है
ये घरेलू नुस्खा बार बार पेशाब जाना ठीक करता है. यदि पेशाब बन्द भी हो गया हो तो वह भी आने लगता है.
गर्म दूध में गुड़ मिलाकर पीने से भी मूत्राषय के रोगों में लाभ होता है. पेशाब साफ और खुलकर आता है. रूकावट दूर होती है. यह रोज, एक गिलास दो बार पीयें.

बहुमूत्र और पेशाब में जलन का एक और उपाय

पिशाब में जलन होने पर आप अजवाइन को नमक के पानी में धोकर पीएं
दिनभर में कम से कम दो बार इस प्रक्रिया को करें
आपको ऐसा कुछ ही दिनों तक करना है. कुछ ही दिनों में आपकी बार बार पेशाब आने की परेशानी दूर हो जाएगी.
आंवला से बहुमूत्र का उपचार
आंवले का चूर्ण बनाकर गुड़ के साथ मिलाकर खाएं, आपको पेशाब खुलकर आने लगेगा.
बार बार पेशाब जाने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी
रोजाना अपने नाश्ते में दो पके हुए केले का सेवन करें
कुछ ही दिनों में आपकी बार बार पेशाब के लिए जाने की समस्या दूर हो जाएगी.

जीरा और चीनी

दोनों को समान मात्रा में पीसकर दो चम्मच तीन बार फँकी लेने से रुका हुआ पेशाब भी खुल जाता है.
नीबू के बीजों को पीसकर नाभि पर रखकर ठण्डा पानी डालें. इससे रुका हुआ पेशाब होने लगता है.
और एक बार में आपको आराम मिला जायेगा. और आपको बार बार पेशाब के लिए भागना नही पड़ेगा.
सूखे आंवले को पीसकर इसका चूर्ण बना लें और इसमें गुड़ मिलाकर खाएं.
इससे बार-बार पेशाब आने की समस्या में लाभ होगा.

अनार के छिलकों को सुखा लें और इसे पीसकर चूर्ण बना लें.
अब सुबह-शाम इस चूर्ण का सेवन पानी के साथ करें.अगर चाहें तो इसका पेस्ट भी बना सकते हैं

ये चीजें न खाएं

जिन लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्‍या है वो कार्बोनेटेड ड्रिंक्‍स, शराब, कॉफी, चाय, चॉकलेट, खट्टे फल, मसालेदार चीजों, टमाटर, चीनी, कच्‍ची प्‍याज आदि का सेवन न करें।