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21.8.19

अनिद्रा ,थकान का इलाज है तकिए के नीचे लहसुन रखकर सोना -डॉ.आलोक

लहसुन जहां दाल और सब्जियों का स्वाद बढ़ाता है, वहीं सेहत के लिहाज से कई तरह से फायदेमंद साबित होता है। लेकिन लहसुन के इस उपयोग और फायदे के बारे में आपने शायद ही सुना होगा। आखिर क्यों रखना चाहिए लहसुन को अपने तकिए के नीचे, और क्या होता है
लहसुन किचन में पाया जाने वाला एक बेहद आम हर्ब है। मगर क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए लहसुन कितना फायदेमंद हो सकता है। अगर आपको रात में अच्छी नींद नहीं आती है या आपकी नींद अक्सर आधी रात में टूट जाती है, तो लहसुन आपकी मदद कर सकता है। लहसुन में जिंक और सल्फर की मात्रा अच्छी होती है और यही कारण है कि इसकी एक खास खुश्बू होती है। अगर आप नींद न आने की समस्या से परेशान हैं, तो तकिए के नीचे लहसुन रखकर सोना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
कैसे तकिये के नीचे रखा लहसुन है कारगर
 

तकिया के नीचे रखा लहसुन आपकी अनिद्रा और बुरे सपने आने की समस्याओं को ठीक कर देगी। दरअसल, लहसुन में जिंक प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में जब हम तकिये की नीचे लहसुन रखते हैं तो लहसुन से आने वाली जिंक की खुशबू दिमाग में सुरक्षा की भावना पैदा करती है। यह एक पुरानी थेरेपी है जिसे घर क बुजुर्ग बच्चों को सुलाने के लिए अपनाते थे। जैसा की हर पुरानी मान्यता में वैज्ञानिक कारण छुपा होता है वैसे ही इस तकिये के नीचे लहसुन में छुपा है।
पुराने जमाने में मान्यता थी कि लहसुन लोगों को बुरी आत्‍माओं के प्रभाव से बचाता है और घर के अंदर बुरी शक्‍तियां को आने से रोकती है।
ये लहसुन पेय भी इस्तेमाल करें
अगर शरीर में ज्यादा दर्द है तो तकिये के नीचे लहसुन रखने के साथ लहसुन से बना ये पेय भी इस्तेमाल करेँ। ये पेय पदार्थ आप बच्चों को भी दे सकते हैं जो शरीर में जिंक की कमी को पूरा करता है।
1 गिलास दूध
1 लहसुन की कली (कुंची हुई)
1 टी स्‍पून शहद
इसे बनाने की विधि
एक पैन में लहसुन पीस लें और उसमें दूध मिला लें। फिर इसे 3 मिनट तक उबालें और फिर इसे आंच से उतार लें। अब ग्लास में शहद मिलाएं और पिएं। इसे पीने के बाद 30 मिनट के अंदर नींद आ जाएगी।


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7.2.16

खस खस (पोस्तदाना) के स्वास्थ्य लाभ // Benefits of Poppy Seeds




 

खसखस सूक्ष्म  आकार का बीज होता है। इसे लोग पॉपी सीड के नाम से भी जानते हैं। खसखस प्यास को बुझाता है और ज्वर, सूजन और पेट की जलन से राहत दिलाता है और यह एक दर्द-निवारक भी है। लंबे समय से ही प्राचीन सभ्यता मे इसका उपयोग औषधीय लाभों के लिए किया जाता रहा है| 
अनिद्रा- खसखस नींद से जुड़ी दिक्कतों  में मदद करता है क्‍योंकि इसके सेवन से आपके अंदर  सोने के लिए मजबूत इच्छा पैदा होती हैं। अगर आप भी अनिद्रा की समस्या  से परेशान हैं, तो सोने से पहले खसखस के पेस्ट  को गर्म दूध के साथ सेवन करना समस्या  में बहुत प्रभावी साबित हो सकता है।

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श्वसन संबंधी विकार-खसखस के बीज में शांतिदायक गुण होने के कारण यह सांस की बीमारियों के इलाज में बहुत कारगर होता है। यह खांसी को कम करने में मदद करता है और अस्थमा जैसी समस्याओं के खिलाफ लंबे समय तक राहत प्रदान करता है। 



कब्ज,पोषण-खसखस के बीज ओमेगा-6 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। इसके अलावा इसमें विभिन्न फाइटोकेमिकल्स, विटामिन बी, थायमिन, कैल्शियम और मैंगनीज भी होता हैं। इसलिए खसखस को एक उच्च पोषण वाला आहार माना जाता है।



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खसखस फाइबर को बहुत अच्छा स्रोत हैं। इसमें इसके वजन से लगभग 20-30 प्रतिशत आहार फाइबर शामिल होता हैं। फाइबर स्वस्थ मल त्याग में और कब्ज की दिक्कत दूर करने में बहुत लाभकारी होती है। लगभग 200 ग्राम खसखस आपके दैनिक फाइबर की जरूरत को पूरा कर सकता हैं|

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शांतिकर 
औषधि-सूखी खसखस को प्राकृतिक शांति प्रदान करने वाली औषधि माना जाता है कारण ,इसमें थोड़ी सी मात्रा में ओपियम एल्कलॉइड्स नामक रसायन होता है। यह रसायन तंत्रिका की अतिसंवेदनशीलता, खांसी और अनिद्रा को कम करते हुए आपकी तंत्रिका तंत्र पर एक न्यूनतम प्रभाव उत्पन्न करता है।
एंटीऑक्सीडेंट-माना जाता है कि खसखस में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होने के कारण इसमें अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है। ये एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल के हमलों से अंगों और ऊतकों की रक्षा करते है। इसलिए इन सब खतरों से बचने के लिए हमें अपने आहार में खसखस को शामिल करना चाहिए।


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दर्द-निवारक-
खसखस में मौजूद ओपियम एल्कलॉइड्स नामक रसायन होता है, जो दर्द-निवारक के रूप में बहुत कारगर होता है। खसखस को दांत में दर्द, मांसपेशियों और नसों के दर्द को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।खसखस एक लोकप्रिय दर्द-निवारक भी है।
त्वचा की देखभाल-
आयुर्वेद में तो हमेशा से ही खसखस को त्‍वचा के लिए अच्‍छा माना जाता है। यह एक मॉइस्‍चराइजर की तरह काम करता है और त्वचा की जलन और खुजली को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद लिनोलिक नामक एसिड एक्जिमा के उपचार में भी मददगार होता है।

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