Showing posts with label सेम की फली के फायदे. Show all posts
Showing posts with label सेम की फली के फायदे. Show all posts

20.3.16

सेम की फली के फायदे // Benefits of Kidney Beans





सेम को बलोर  भी बोला जाता है| सेम की सब्जी खाई जाती है। यह एक लता है और इसमें फलियां लगती हैं। आयुर्वेद में सेम को कई बीमारियों को ठीक करने की अचूक औषधि बताया गया है।
आयुर्वेद में सेम मधुर, शीतल, भारी, बलकारी, वातकारक, दाहजनक, दीपन तथा पित्त और कफ का नाश करने वाली कही गई हैं।
वात कारक होने से इसे अजवाइन , हींग , अदरक , मेथी पावडर और गरम मसाले के साथ फिल्टर्ड या कच्ची घानी के तेल में बनाए. सब्जी में गाजर मिलाने से भी वात नहीं बनता.|
इसमें लौह तत्व , केल्शियम ,मेग्नेशियम , फोस्फोरस विटामिन ए आदि होते है.
जो लोग दुबलेपन से परेशान हैं वे सेम का सेवन करें।



इसके बीज भी शाक के रूप में खाए जाते हैं। इसकी दाल भी होती है। बीज में प्रोटीन की मात्रा पर्याप्त रहती है। उसी कारण इसमें पौष्टिकता आ जाती है।
सेम और इसकी पत्तियों का साग कब्ज़ दूर करता है|
छोटे बच्चें में बुखार होने पर उनके पैर के तलुओं में सेम की पत्तियों का रस लगाने से बुखार ठीक हो जाता है।
चेहरे के काले धब्बों पर सेम की पत्ती का रस लगाने से लाभ होता है|
सेम एक रक्तशोधक भी है, फुर्ती लाती है, शरीर मोटा करती है।
त्वचा की समस्या किसी भी तरह की हो आप सेम की सब्जी का सेवन करें आपको फायदा मिलेगा।
नाक के मस्सों पर सेम फली रगड़ कर फली को पानी में रखे. जैसे जैसे फली पानी में गलेगी , मस्से भी कम होते जाएंगे|
सेम की सब्जी खून साफ़ करती है और इससे होने वाले त्वचा के रोग ठीक करती है|
शरीर की कमजोरी को दूर करके शरीर को चुस्त और दुरूस्त करता है सेम का सेवन करना।
बिच्छु के डंक पर सेम की पत्ती का रस लगाने से ज़हर फैलता नहीं|
सेम के पत्तों का रस तलवों पर लगाने से बच्चों का बुखार उतरता है|

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की अमृत औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार