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7.8.19

छाती (सीने) मे दर्द के प्रभावी उपचार


सीने में दर्द या हम कहें छाती में होने वाला दर्द आज के समय में एक आम समस्या है। छाती में दर्द होते ही आदमी को इमरजेंसी डिपार्टमेंट में जाना पड़ता है। अक्सर सीने में दर्द शरीर में रक्त का संचार कम होने के कारणहोता है। बहुत से लोग चेस्ट में दर्द होने से इतने चिंतित रहते हैं कि उन्हें लगता है की यह हार्ट अटैक से रिलेटेड प्रॉब्लम तो नहीं है। लेकिन यह समस्या कुछ समय के लिए होती है जब तक उस जगह से गैस बाहर नहीं निकल जाती।
सीने में दर्द की बात आते ही हम दिल के दौरे की बात सोचने लगते हैं, मगर सीने में दर्द कई कारणों से हो सकता है। फेफड़े, मांसपेशियाँ, पसली, या नसों में भी कोई समस्या उत्पन्न होने पर सीने में दर्द होता है।
किसी-किसी परिस्थिति में यह दर्द भयानक रूप धारण कर लेता है जो मृत्यु तक का कारण बन जाता है। लेकिन एक बात ध्यान में रखें कि खुद ही रोग की पहचान न करें और सीने में दर्द को नजरअंदाज न करें, तुरन्त चिकित्सक के पास जायें।
वैसे जैसे ही आपको सीने में दर्द का अहसास हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूर है। वैसे आज हम आपको सीने में दर्द होने के कारण, लक्षण और छाती में दर्द का इलाज के घरेलू उपचार और देसी आयुर्वेदिक नुस्खे बताएँगे। आयुर्वेदिक दवा को लेकर आप अपने छाती के दर्द यूँ ही दूर कर सकते हैं। पुराने समय से ही सीने में दर्द का घरेलू उपाय करते आया जा रहा है।
कारण
जब धमनियों में रक्त का थक्का जमने लगता है तब साँस लेने में मुश्किल होने लगती है और सीने में दर्द शुरू हो जाता है। अगर परिस्थिति को संभाला नहीं गया तो मृत्यु तक हो सकती है। एनजाइना का दर्द साधारणतः आनुवंशिकता के कारण, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल, पहले से हृदय संबंधित रोग से ग्रस्त होने के कारण होता है।हर व्यक्ति को सीने में दर्द होने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। किसी को चेस्ट के लेफ्ट साइड में दर्द होता है तो किसी को चेस्ट के राइट साइड में दर्द। इसके अलावा, किसी को यह दर्द तेज और ज्यादा देर के लिए हो सकता है, तो किसी को यह दर्द हल्का और कम समय के लिए हो सकता है।


दिल संबंधी कारण

हार्ट अटैक।
ह्रदय की रक्त वाहिकाओं के अवरुद्ध होने पर एनजाइना।
पेरिकार्डिटिस, जो आपके ह्रदय के पास एक थैली में सूजन आने के कारण होता है।
मायोकार्डिटिस, जो हृदय की मांसपेशियों में सूजन के कारण होता है।
कार्डियोमायोपैथी, हृदय की मांसपेशी का एक रोग।
एऑर्टिक डाइसेक्शन, जो महाधमनी में छेद होने के कारण होता है।
फेफड़े संबंधी कारण
ब्रोंकाइटिस
निमोनिया
प्लूरिसी
न्यूमोथोरैक्स, जो फेफड़ों से हवा का रिसाव के कारण छाती में होता है।
पल्मोनरी एम्बोलिज्म या फिर रक्त का थक्का
ब्रोन्कोस्पाज्म या आपके वायु मार्ग में अवरोध (यह अस्थमा से पीड़ित लोगों में आम है)
मांसपेशी या हड्डी संबंधी कारण
घायल या टूटी हुई पसली
थकावट के कारण मांसपेशियों में दर्द या फिर दर्द सिंड्रोम
फ्रैक्चर के कारण आपकी नसों पर दबाव
छाती के दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय
लहसुन
सामग्री :
एक चम्मच लहसुन का रस
एक कप गुनगुना पानी
क्या करें?
एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच लहसुन का रस डालें।
इसे अच्छी तरह मिलाएं और रोजाना पिएं।
आप रोज सुबह लहसुन के दो टुकड़े चबा भी सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?
इस प्रक्रिया को दिन में एक या दो बार दोहराएं।
यह कैसे काम करता है?
हृदय में रक्त प्रवाह बिगड़ने के कारण हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती है। इस कारण सीने में दर्द का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, रोजाना लहसुन का इस्तेमाल सीने में दर्द से बचाता है। लहसुन हृदय में रक्त प्रवाह को दुरुस्त कर हृदय रोग से बचाता है। छाती में दर्द के उपाय में यह बेहतरीन नुस्खा है।
सेब का सिरका
सामग्री :
एक चम्मच सेब का सिरका
एक गिलास पानी
क्या करें?
एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लें।
फिर इस पानी को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?
आप खाना खाने से पहले या जब भी चेस्ट पेन हो, तो इस मिश्रण को पिएं।
यह कैसे काम करता है?
सेब के सिरके में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स से राहत दिलाने में मदद करता है। इन्हीं के कारण सीने में दर्द की शिकायत होने लगती है । छाती में दर्द के उपाय में यह जाना-माना उपचार माना जाता है।
मेथी के दाने
एक चम्मच मेथी के दाने
क्या करें?
एक रात पहले मेथी दानों को पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह इन्हें खाएं।
इसके अलावा, आप एक चम्मच मेथी दानों को पांच मिनट के लिए पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को छानकर पिएं।
ऐसा कब-कब करें?
आप इस पानी को दिन में एक से दो बार पिएं।
यह कैसे काम करता है?
मेथी के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं और सीने में दर्द को रोकते हैं । हृदय में रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देते हैं और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं।


लाल मिर्च

सामग्री :
एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर
किसी भी फल का एक गिलास जूस
क्या करें?
फल के एक गिलास जूस में एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर मिलाएं।
इस जूस को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?
आप इस जूस को दिन में एक बार पिएं।
यह कैसे काम करता है?
इस मिर्च में कैप्सैसिन होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। यह आपके सीने में दर्द की तीव्रता को कम करने में मदद करता है । यह हृदय में रक्त के प्रवाह को दुरुस्त करने में भी मदद करता है, जिससे हृदय रोगों को रोका जा सकता है।
एलोवेरासामग्री :
¼ कप एलोवेरा जूस
क्या करें?
एलोवेरा जूस को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?
आप दिन में एक से दो बार एलोवेरा जूस पिएं।
यह कैसे काम करता है?
एलोवेरा एक चमत्कारी पौधा है, जो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह आपके कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को मजबूत करने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने, आपके ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने और रक्तचाप को कम करने में भी मदद कर सकता है । ये सभी छाती के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
तुलसी
सामग्री :
आठ से दस तुलसी के पत्ते
क्या करें?
तुलसी के पत्तों को चबा लें।
इसके अलावा, आप तुलसी की चाय भी पी सकते हैं।
आप तुलसी के पत्तों का रस निकालकर इसमें शहद मिलाकर खा सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?
बेहतर परिणाम के लिए आप रोजाना इसका सेवन करें।
यह कैसे काम करता है?
तुलसी में प्रचुर मात्रा में विटामिन-के और मैग्नीशियम होता है। सफेद मैग्नीशियम हृदय तक रक्त प्रवाह को दुरुस्त करता है और रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। वहीं, विटामिन-के रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को रोकता है । यह हृदय संबंधी विकारों के साथ-साथ सीने में दर्द के उपचार में मदद करता है।


हल्दी और दूध

सामग्री :
½ चम्मच हल्दी पाउडर
एक गिलास गर्म दूध
क्या करें?
एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं।
हल्दी वाले इस दूध को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?
आप रोजाना रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं।
यह कैसे काम करता है?
हल्दी करक्यूमिन का बेहतरीन स्रोत है। यह कोलेस्ट्रॉल ऑक्सिडेशन, क्लोट फॉर्मेशन व धमनी में थक्के को बनने से रोकता है। ये सभी हृदय की समस्याओं और सीने में दर्द का कारण बन सकते हैं । करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सीने में दर्द की तीव्रता को कम करने में मदद करता है।
विटामिन
अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि विटामिन-डी और विटामिन-बी12 की कमी से सीने में दर्द हो सकता है। यहां तक कि इससे मायोकार्डियल इंफार्कशन या हार्ट अटैक भी हो सकता है (4), । इसलिए, अगर आप चेस्ट पेन से पीड़ित हैं, तो अपने खानपान पर ध्यान दें। आप पौष्टिक खाना खाएं, जिसमें भरपूर रूप से विटामिन हों।
आप मछली, चीज] अंडे की जर्दी, अनाज, सोया उत्पाद और मीट अपने खानपान में शामिल करें। आप डॉक्टर की सलाह से विटामिन के जरूरी अनुपूरक भी ले सकते हैं।
टिप्स
अधिक परिश्रम से बचें।
संतुलित आहार का सेवन करें।
शराब का सेवन सीमित करें।
तंबाकू के सेवन से बचें।
खुद को तनाव मुक्त रखें।
मत्स्यासन (फिश पोज), भुजंगासन (कोबरा पोज) और धनुरासन (बो पोज) जैसे योगासनों का अभ्यास करें।
आप एक्यूप्रेशर भी करवा सकते हैं।