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22.1.26

"पेट की गंदगी 1 दिन में साफ! आजमाएं ये अचूक आयुर्वेदिक उपाय"

                            


कब्ज (Constipation) एक पाचन संबंधी समस्या है जिसमें मल त्यागने में कठिनाई होती है, मल कठोर और सूखा होता है, और मल त्याग सामान्य से कम (सप्ताह में 3 बार से कम) होता है, जिसके लिए जोर लगाना पड़ता है और दर्द हो सकता है, या मल त्याग के बाद भी पेट पूरी तरह साफ महसूस नहीं होता है। यह फाइबर की कमी, पानी कम पीने, शारीरिक गतिविधि की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है।
कब्ज के मुख्य लक्षण :सप्ताह में तीन बार से कम मल त्याग होना।
मल का कठोर, सूखा और छोटे-छोटे टुकड़ों में होना।
मल त्याग करते समय जोर लगाना और दर्द होना।
मल त्याग के बाद भी पेट खाली महसूस न होना।
पेट फूलना या हल्का ऐंठन महसूस होना।

 कब्ज से राहत पाने के लिए फाइबर युक्त भोजन (फल, सब्जियां, साबुत अनाज), खूब पानी पीना, नियमित व्यायाम और शौच की इच्छा को न रोकना ज़रूरी है; इसके साथ ही, सुबह गुनगुने पानी में नींबू या शहद मिलाकर पीना, अंजीर, पपीता, त्रिफला चूर्ण, और अजवाइन-गुड़ का मिश्रण जैसे घरेलू उपाय भी सहायक हो सकते हैं, लेकिन दो सप्ताह से ज़्यादा कब्ज रहने पर डॉक्टर से सलाह लें.
जीवनशैली और आहार में बदलाव:फाइबर बढ़ाएँ: अपने भोजन में फल (सेब, पपीता, बेर), सब्जियां (पालक, गाजर, ब्रोकली), दालें और साबुत अनाज (ओट्स, दलिया) शामिल करें. धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाएं ताकि गैस न बने.
खूब पानी पिएं: दिन भर में 8-10 गिलास पानी और अन्य तरल पदार्थ (जैसे छाछ, जूस) पिएं.
व्यायाम करें: 
रोज़ाना 30 मिनट टहलना, योग या कोई भी शारीरिक गतिविधि करें.
शौच की इच्छा न रोकें: जब भी शौच लगे, तुरंत जाएं, देर न करें.
घरेलू उपाय:
सुबह की शुरुआत: 
उठते ही गुनगुना पानी पिएं, उसमें शहद और नींबू मिला सकते हैं. या आंवला-एलोवेरा जूस ले सकते हैं.
फलों का सेवन: 
सुबह खाली पेट अमरूद (बीजों सहित), पपीता, या खाने से पहले सेब खाएं.
रात में: 
सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण या गुड़ के साथ भुनी हुई अजवाइन का सेवन करें.
मुनक्का और अंजीर: रात में 3-4 मुनक्का भिगोकर सुबह खाएं, या कुछ अंजीर खाएं.
योग: 
वज्रासन में बैठना और पिंडलियों की मालिश करना फायदेमंद है.
कब डॉक्टर को दिखाएं:
यदि ये उपाय दो सप्ताह से अधिक समय तक काम न करें.
यदि कब्ज के साथ पेट में तेज दर्द, खून आना, या वजन कम होना जैसे लक्षण हों.
क्या न करें:
बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक रेचक (laxatives) न लें, क्योंकि इससे समस्या और बिगड़ सकती है.
शौच करते समय फोन या किताब का इस्तेमाल न करें, इससे आँतों पर दबाव पड़ता है.
गैस और कब्ज के इलाज के लिए फाइबर युक्त आहार (फल, सब्जियां, दालें), खूब पानी पीना, नियमित व्यायाम और तनाव कम करना ज़रूरी है; गुनगुने पानी में नींबू, जीरा-काला नमक, या सौंफ, अदरक की चाय जैसे घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं, जबकि गंभीर मामलों में डॉक्टर की सलाह पर फाइबर सप्लीमेंट्स या लैक्सेटिव (जैसे मिरालैक्स) का उपयोग कर सकते हैं।
घरेलू उपचार (Home Remedies)गुनगुना पानी और नींबू: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पिएं।
जीरा और काला नमक: 
खाने के बाद जीरा पाउडर और काले नमक को पानी में मिलाकर पिएं।
हर्बल चाय:
 अदरक, पुदीना या सौंफ की चाय पीने से गैस कम होती है।
पपीता और अमरूद:
 पपीता (खासकर रात में) और काले नमक के साथ अमरूद खाने से कब्ज में राहत मिलती है।
शहद: 
गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना या शहद का सेवन करना फायदेमंद है।
जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)
फाइबर बढ़ाएं:
 अपने आहार में फाइबर (जई, जौ, दालें, फल, सब्जियां) धीरे-धीरे शामिल करें।
पानी पिएं: दिन भर खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं।
व्यायाम करें: 
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
तनाव कम करें: ध्यान और योग से तनाव घटाएं, क्योंकि तनाव पाचन को प्रभावित करता है।
इनसे बचें: 
प्रोसेस्ड फूड, मसालेदार भोजन, तले हुए खाने, शराब और च्युइंग गम से बचें।
दवाएं (Medications)
फाइबर सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह पर साइलियम (Metamucil) जैसे सप्लीमेंट ले सकते हैं।
ऑस्मोटिक लैक्सेटिव: जैसे मिरालैक्स (Miralax) या मिल्क ऑफ मैग्नेशिया।
स्टिमुलेंट लैक्सेटिव: जैसे बिसाकोडिल (Dulcolax)।
स्टूल सॉफ्टनर: जैसे डॉक्यूसेट (Colace)।
सक्रिय चारकोल: 
गैस के अणुओं को पकड़ने में मदद कर सकता है, लेकिन ज़्यादा इस्तेमाल से बचें।
घरेलू उपायई 
इसबगोल (Psyllium Husk): यह एक बेहतरीन प्राकृतिक फाइबर सप्लीमेंट है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध या पानी में 1-2 चम्मच ईसबगोल मिलाकर पिएं। यह मल को फुलाता है और आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है 
त्रिफला: आयुर्वेद में त्रिफला चूर्ण को कब्ज के लिए रामबाण माना जाता है। रात में एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ लेने से सुबह पेट साफ होता है 
अलसी के बीज (Flaxseeds): 
अलसी के बीजों को पीसकर गर्म पानी या दलिया में मिलाकर सेवन करने से भी फाइबर मिलता है और कब्ज में आराम मिलता है 
गर्म पानी और नींबू: 
सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में आधा नींबू का रस और थोड़ा सा शहद मिलाकर पीने से पाचन क्रिया शुरू हो जाती है 
किशमिश और अंजीर: रातभर पानी में भिगोए हुए किशमिश या अंजीर का सुबह सेवन करने से भी कब्ज में लाभ होता है [
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4.2.16

कब्ज नाशक नुस्खे , Effective home remedies of constipation

                      

     आज की जीवनशैली और काम के बोझ में कब्ज होना कोई बड़ी बात नहीं हैं। कब्ज आज बेहद आम समस्या बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कब्ज को दूर करने के उपाय आपकी अपनी रसोई में मौजूद हैं।
    रात को सोने से पहले गुड़ खाने से सुबह के समय कब्ज की समस्या नहीं रहती। विटामिन और मिनरल्‍स से भरपूर गुड़ को गर्म करके खाने से कब्ज में बहुत आराम मिलता है। 

आलूबुखारा खाने से आपकी पेट संबंधी सारी बीमारियां दूर हो जाती हैं। रोजाना 3 ग्राम आलूबुखारा खाने से     कब्ज को आसानी से दूर किया जा सकता है। दरअसल, आूलबुखारा में भारी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जिससे कब्ज को दूर करने में मदद मिलती है।
    नींबू का रस पाचन तंत्र को ठीक करता है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त कण निकल जाते हैं। ताजा नींबू पानी सुबह पीने से कब्ज नहीं होती। चाहे तो लेमन टी भी पी सकते हैं।
कॉफी पीने से आप बिना देर किए बाथरूम तक पहुंच जाएंगे। दरअसल, कॉफी से प्रेशर जल्दी बनता है।
    रोजाना 15 मिनट टहलने से भी आप आसानी से कई समस्याओं को दूर कर सकते हैं। ज्यादा खाने के बाद यदि आपको नींद आने लगे तो आपको थोड़ा टहलना चाहिए। 


    पुदीना और अदरक दोनों की चाय बनाकर पीने से कब्ज की समस्या नहीं रहती। अदरक की चाय कब्ज से छुटकारा पाने के लिए बेहतरीन घरेलू नुस्‍खा हैं।

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