19.5.17

एडी के दर्द के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार



  आधुनिक जीवन शैली ने कई ऐसे रोगों को जन्म दिया है जो पहले नहीं होते थे। उनमें से एक है एड़ी का दर्द जो अक्सर महिलाओं को सुबह बिस्तर से उठते ही परेशान करता है। इसकी वजह है सख्त फर्श और सख्त तले के जूते|एड़ी में चोट अथवा मोच लगने पर सही समय पर उसका इलाज करना जरूरी है। अगर इसकी सही देखभाल न की जाए, तो यह समस्‍या काफी लंबे समय तक परेशान कर सकती है और कई बार विकृतियां भी बनी रहती हैं।
    एड़ी के एक या उससे अधिक स्‍नायुबंधों में खिंचाव अथवा मांस फटना, एड़ी में मोच कहलाता है। एड़ी के स्‍नायुबंध लोचदार उत्तकों का समूह होते हैं, जो एड़ी की हड्डियों को अपने स्‍थान पर बांधे रखने का काम करते हैं। छोटे जोड़ों के आकार एडि़यों में मोच आना आम बात है क्‍योंकि पैदल चलते हुए, दौड़ते हुए और कूदते समय एडि़यों पर काफी भार पड़ता है। अगर धरातल असमतल हो, तो यह खतरा और बढ़ जाता है।
चोट की गंभीरत को देखते हुए एड़ी में मोच में तीन भागों में बांटा जाता है
ग्रेड 1 - इसमें एड़ी में दर्द होता है, लेकिन स्‍नायुबंधों को कम नुकसान पहुंचा होता है।
ग्रेड 2 - इसमें स्‍नायुबंधों में मध्‍यम क्षति पहुंची होती है, और एड़ी के जोड़ को कुछ नुकसान पहुंचा होता है।
ग्रेड 3 - स्‍नायुबंध फट जाते हैं और एड़ी का जोड़ बुरी तरह ढीला और अस्थिर हो जाता है।
कैसे बचें
एड़ी में मोच के खतरे को कम करने के लिए आप ये उपाय आजमा सकते हैं-
जिस स्‍थान पर आप पैदल चल, दौड़ अथवा कूद रहे हैं, उस धरातल को अच्‍छी तरह देख लें। और उसी के अनुसार अपना संतुलन बनाकर व्‍यवहार करें।
किसी भी एथलीट एक्टिविटी से पहले स्‍ट्रेचिंग व्‍यायाम जरूर करें।
संतुलन बनाये रखने के लिए जरूरी व्‍यायाम आपकी मदद कर सकते हैं।
अच्‍छी क्‍वालिटी के जूते पहनें जो आपके खेल और पैरों के लिहाज से अनुकूल हों।
अचानक तेज गति से न मुड़ें
दौड़, साइक्लिंग और स्‍वमिंग आदि से पैरों और टांगों को मजबूती प्रदान करने वाले व्‍यायाम करें।
अगर आपको एड़ी में कई बार मोच आ चुकी है, तो आपको स्‍ट्रेंथनिंग और बैलेंस एक्‍सरसाइज करनी होंगी।
आपको एड़ी को चोट से बचाने तथा उसे जल्‍द रिकवर करने के लिए ब्रेस बांधने की जरूरत होती है।
इलाज



एड़ी के दर्द का इलाज तीन तरह से किया जा सकता है। पहला है दर्द निवारक और सूजन उतारने वाली गोलियां। दूसरा है दर्द के स्थान पर स्टेरायड का इंजेक्शन। तीसरा है जूतों में ऐसा बदलाव जिससे दर्द वाली जगह पर कम से कम दबाव पड़े और घर्षण भी न्यूनतम रहे। जूतों में हील कप, स्कूप्ड हील पैड्स, साफ्ट कुशंड स्पंजी शू सोल अंदर से लगाए जाते हैं। बाजार में सिलिकॉन के बने शू इंसर्ट भी मिलते हैं। किसी मरीज की

किन्हीं विशेष परिस्थितियों में सर्जरी भी करना पड़ती है।
क्या करें-
पैरों के तले को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए जो कर सकते हैं वो करें। फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें। घर में हमेशा नर्म स्पंजी चप्पलें पहनें। खेलकूद के वक्त हमेशा स्पोर्ट्स शूज पहनें।
एडी के दर्द का रामबाण इलाज-
एडी का दर्द अति कष्टकारी होता है, अक्सर ये दर्द महिलाओ को अधिक होता है. सारा दिन खड़ा रहना या ऊंची एड़ी की सैंडल पहनना या हड्डी का बढ़ना इसके मुख्य कारण हैं. ऐसे में ये रामबाण उपचार सौ फीसदी असरकारक हो सकता है. आइये जाने.
आवश्यक सामग्री.-
नौशादर – एक चौथाई छोटा चम्मच. (ये आपको किसी भी पंसारी से मिल जाएगी)
ग्वार पाठा (एलो वेरा ) – आधा चम्मच.
हल्दी – आधा चम्मच.
बनाने और लगाने की विधि-



नौशादर एक पीस (एक चौथाई छोटा चम्मच) , गवार पाठा – आधा चम्मच, और आधा चम्मच हल्दी। एक बर्तन में गवार पाठा धीमी आंच पर गरम करे, उस में नौशादर और हल्दी डाले, जब गवार पाठा पानी छोड़ने लगे तब उसे एक कॉटन के टुकड़े पर रख ले और थोड़ा ठंडा करे। जितना गरम सह सके, उसे एक कपडे पर रख कर एड़ी पर पट्टी की तरह बांध लीजिये, ये प्रयोग सोते समय करे क्योंकि इसे बाँध कर चलना नहीं है। ये प्रयोग कम से कम ३० दिन तक पुरे धैर्य से करे। ये प्रयोग बिलकुल सरल और सर्वश्रेष्ठ है, एड़ी के दर्द वाले व्यक्ति को इसे ज़रूर आज़माना चाहिए. जल्दी आराम के लिए आप साथ में एलो वेरा की सब्जी या घर पर बना हुआ जूस भी पी सकते हैं.

एड़ी में दर्द ऐसे करें उपाय -
कसरत करें – पैरो की उंगलियो को पॉइंट करने की एक कसरत होती है जो आपके लिए बेहद फायदे वाली हो सकती है ऐसे में आपको कुछ अधिक नहीं करना है आपको केवल अपनी टांग उठानी है और अपने पैरों को तब तक घुमाना है जब तक इनकी उँगलियाँ नीचे की और पॉइंट नहीं करने लगे फिर आप थोड़ी देर का ब्रेक लेकर एक बार फिर दूसरे पैर के साथ इसे दोहराईये इस से आपके पैर की मसल्स में खिंचाव बनता है और आपको एड़ी में दर्द से भी राहत मिलती है |
गेंद वाला व्यायाम – 
इसके अलावा पैर ने नीचे एक गेंद को घुमाकर भी आप एक साधारण सा उपाय कर सकते है यह एक मसाज की तरह आपके लिए काम करता है आप किसी हलकी या टेनिस वाली गेंद लेकर इसे अपने पैर के नीचे तीन मिनट तक घुमाएँ और फिर अपने दूसरे पैर के साथ भी ऐसा ही करें इस से आपको आपके पैर और एड़ी में दर्द में बड़ी वाली राहत मिलती है और सूकून भरा अहसास होता है आपको इस से |
शोर्ट फुलिंग करें -



आप इसके अलावा शोर्ट फुलिंग कसरत भी अपना सकते है जो एक तरह की साधारण कसरत है और आप बड़ी आसानी से इसे कर सकते है इसके लिए आपको केवल जूते खोलकर अपने पैरो की उँगलियों को नीचे की और खींचकर अपने पैर के ऑर्च को सिकोड़ना होता है इस से भी आपके पेरों की मसल्स को आराम मिलता है और आपके एड़ी में दर्द को इस से आराम मिलता है |
आराम फरमाएं -
किसी ऊँची जगह पर बैठकर आराम फरमाएं और कोई अपनी पसंद का गाना सुनते हुए अपने पैरो को लटका कर गोल गोल घुमाएँ और अपने पैरो की उंगलियो को अपनी तरफ खीचे और उसे बाद उसकी विपरीत दिशा में |
सुबह की करें अच्छी शुरुआत – 
सुबह की शुरुआत अच्छे से करें और सुबह की शुरुआत कैसे करें ये जानने के लिए आप यंहा क्लिक कर सकते है और साथ हर सुबह “काफ स्ट्रेचेज” करे जो इस तरह किया जाता है – दीवार के सामने सीधे खड़े हो जाएँ
एक्युप्रेशर की लें मदद – 
एक्युप्रेशर तकनीक का उपयोग करते हुए भी आप अपने पैरो में रक्तसंचार को सामान्य कर सकते है और एड़ी में दर्द से आराम पा सकते है और गर्म पानी से अपने पैरो को सेकने से भी आपको राहत मिल सकती है |




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