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22.8.19

नींबू के स्वास्थ्य लाभ -डॉ.आलोक


नींबू का उपयोग कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में घरेलू उपाय के तौर पर सदियों से किया जाता रहा है। ताजगी से भरा यह नींबू, खाने का स्वाद बढ़ाने, शर्बत एवं सौंदर्य बढाने के लिए तो फायदेमंद है ही, स्वास्थ्य के लिए भी इसके लाभ किसी से कम नहीं है।
 इसके रस का इस्तेमाल जायकेदार व्यंजनों से लेकर कई तरह की रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स बनाने के लिए किया जाता है। नींबू के फायदों को लेकर कई वैज्ञानिक शोध भी हो चुके हैं। इस लेख में हमारे साथ जानिए कि आपके स्वास्थ्य के लिए नींबू कितना फायदेमंद है और विभिन्न बीमारियों के लिए इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है।
वजन घटाने के लिए
अगर आप मोटापे से परेशान हैं और वजन घटाने के लिए प्राकृतिक उपाय की तलाश में है, तो नींबू आपकी मदद कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, नींबू में मौजूद पॉलीफेनॉल्स बढ़ते मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं । शरीर में अतिरिक्त फैट के जमाव को रोकने के लिए ये पॉलीफेनॉल्स कारगर माने गए हैं।
एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि एक डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में नींबू शरीर से फैट को कम करने में मदद करता है। साथ ही हृदय रोग के जोखिम को भी कम करता है । इसके अलावा, नींबू को विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत माना गया है। वजन घटाने के लिए विटामिन-सी सबसे खास तत्व माना जाता है|


कैंसर

आपको जानकर हैरानी कि नींबू कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी रोकथाम का काम करता है। एक अध्ययन के अनुसार, नींबू जैसे सिट्रस फलों का सेवन करने से अग्नाशय के कैंसर (Pancreatic Cancer) से बचा जा सकता है । एक अन्य अध्ययन के अनुसार, नींबू में मौजूद फ्लेवोनोइड्स एंटीकैंसर के रूप में काम करते हैं
किडनी स्टोन
किडनी स्टोन को हटाने के लिए भी नींबू के फायदे देखे गए हैं। किडनी स्टोन (पथरी) एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें अपशिष्ट पदार्थ किडनी में जमने लगते है और ठोस होकर क्रिस्टल के रूप में विकसित हो जाते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड किडनी स्टोन को बनने से रोकता है । सिट्रिक एसिड किडनी स्टोन को तोड़ने और पेशाब के रास्ते पथरी को बाहर निकालने में मदद करता है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना आधा कप नींबू का रस पानी के साथ मिलाकर पीने से किडनी स्टोन के जोखिम से बचा सकता है|एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम दो बार नित्य एक महीना पीने से पथरी पिघलकर निकल जाती है।
*बवासीर (पाइल्स) में रक्त आता हो तो नींबू की फांक में सेंधा नमक भरकर चूसने से रक्तस्राव बंद हो जाता है। हृदय स्वास्थ्य
आपको जानकर हैरानी होगी कि नींबू का रस हृदय को स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। जैसा कि हमने बताया कि नींबू विटामिन-सी बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है । कुछ वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि विटामिन-सी रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम भी करता है, जो हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है ।
नींबू जैसे सिट्रिक फल फ्लेवोनोइड्स से भरपूर होते हैं, जो एथेरोस्क्लेरोसिस के उपचार में मदद करते हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें धमनी की दीवारों पर वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों का निर्माण होने लगता है


बुखार

बुखार होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण प्रमुख हैं । यहां आपकी मदद नींबू कर सकता है। नींबू विटामिन-सी से समृद्ध होता है और इससे बैक्टीरिया व वायरस के कारण होने वाले संक्रमण से बचाव करने में मदद मिलती है|
* एक नींबू के रस में तीन चम्मच शकर, दो चम्मच पानी मिलाकर, घोलकर बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे बाद अच्छे से सिर धोने से रूसी दूर हो जाती है व बाल गिरना बंद हो जाते हैं।
श्वसन स्वास्थ्य
श्वसन स्वास्थ्य के लिए भी नींबू के फायदे देखे जा सकते हैं। जैसा कि हमने बताया कि नींबू विटामिन-सी का बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी निमोनिया जैसी गुर्दे की बीमारी पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है । एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार विटामिन-सी सर्दी और अपर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (वायरल संक्रमण जो नाक, गले और वायुमार्ग को प्रभावित करता है) को भी ठीक करने का काम कर सकता है
पाचन स्वास्थ्य
नींबू के गुण पाचन स्वास्थ्य के लिए भी हैं। सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से पाचन में मदद मिलती है और कब्ज जैसी समस्या से निजात मिलती है। नींबू में मौजूद अम्लता (Acidity) हाइड्रोक्लोरिक एसिड के उत्पादन को उत्तेजित करती है, जिससे पाचन में सुधार आता है। नींबू अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण और शरीर को हाइड्रेट करने में मदद भी करता है, जिससे पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलने में मदद मिलती है|
लीवर
लीवर के लिए भी नींबू के फायदे देखे जा सकते हैं। नींबू एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो लीवर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम करता है। एक वैज्ञानिक शोध में एल्कहोल से प्रभावित लीवर पर नींबू की सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है|


मुंहासों के लिए

यहां भी नींबू में विटामिन-सी की अहम भूमिका देखी जा सकती है। विटामिन-सी एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होता है, जो मुंहासों और रोसासिया (त्वचा का लाल होना और पस से भरे दानें) जैसी त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर कर सकता है 
*नींबू ज्ञान तंतुओं की उत्तेजना को शांत करता है। इससे हृदय की अधिक धड़कन सामान्य हो जाती है। उच्च रक्तचाप के रोगियों की रक्तवाहिनियों को यह शक्ति देता है।
दांतों और मसूड़ों का दर्द
दांतों और मसूड़ों के दर्द के लिए भी नींबू के फायदे देखे गए हैं। यहां पर भी नींबू में मौजूद विटामिन-सी की भूमिका देखी जा सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन-सी व्यस्कों में दांत निकालने के बाद होने वाले दर्द में निजात दिलाने में मदद कर सकता है|
*आधे नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर चाटने से तेज खांसी, श्वास व जुकाम में लाभ होता है। एनीमिया
एनिमिया एक गंभीर रक्त विकार है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से होता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में आयरन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसकी पूर्ति नींबू के सेवन से की जा सकती है। नींबू एक सिट्रिस फल है, जो आयरन से भरपूर होता है |
रोग प्रतिरोधक क्षमता
नींबू का एक और महत्वपूर्ण काम है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना। इस गुण के लिए नींबू में मौजूद विटामिन-सी की तारीफ की जा सकती है। विटामिन-सी एक कारगर इम्यून बूस्टर के रूप में जाना जाता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को रोगों से लड़ने के लिए मजबूत बनाता है|
*रोजाना भोजन में नींबू का सेवन करने से विटामिन सी प्राप्त होता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही हर प्रकार के रोगों से आपको दूर रखने में मदद करता है।
त्वचा के रोग
त्वचा संबंधी गंभीर परेशानियों के लिए भी नींबू के गुण देखे गए हैं। एक्जिमा एक गंभीर त्वचा संबंधी बीमारी है, जिससे निजात पाने के लिए आप नींबू का उपचार कर सकते हैं। नींबू में विटामिन-ई गुण होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है। यह एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों से निजात दिलाने में मदद कर सकता है


*गर्म पानी में नींबू निचोड़कर शहद के साथ पीने से न केवल पाचन शक्ति बढ़ती है, बल्कि मोटापा भी कम होता है। इसके अलावा यह भूख बढ़ाने और गैस से राहत दिलाने में भी लाभकारी है।

बालों के लिए
बालों के लिए भी नींबू के फायदे बहुत हैं। विटामिन-सी से समृद्ध नींबू बालों की झड़ने की समस्या से निजात दिलाने का काम करता है। इसके अलावा, नींबू आयरन व विटामिन-बी12 से भी समृद्ध होता है, जो बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाता है 
*नींबू को दो भागों में काटकर उसे तवे पर रखकर सेंक लें। अब इस सिके भाग पर सेंधा नमक डालकर चूसें। इससे पित्त की दिक्कत खत्म होती है।
झुर्रियों के लिए
झुर्रियों को कम करने के लिए नींबू कारगर हो सकता है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी की यहां सुरक्षात्मक भूमिका देखी जा सकती है। विटामिन-सी एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट है और झुर्रियों को हटाकर एजिंग के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन-सी कोलेजन को बढ़ाता है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से त्वचा की रक्षा भी करता है|

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15.12.17

अदरक का पानी कई बीमारियों मे फायदेमंद -डॉ॰आलोक



   भोजन को स्वादिष्ट व पाचन युक्त बनाने के लिए अदरक का उपयोग आमतौर पर हर घर में किया जाता है। वैसे तो यह सभी प्रदेशों में पैदा होती है, लेकिन अधिकांश उत्पादन केरल राज्य में किया जाता है। भूमि के अंदर उगने वाला कन्द आर्द्र अवस्था में अदरक, व सूखी अवस्था में सोंठ कहलाता है। गीली मिट्टी में दबाकर रखने से यह काफी समय तक ताजा बना रहता है। इसका कन्द हल्का पीलापन लिए, बहुखंडी और सुगंधित होता है।
अदरक में अनेक औषधीय गुण होने के कारण आयुर्वेद में इसे महा औषधि माना गया है। यह गर्म, तीक्ष्ण, भारी, पाक में मधुर, भूख बढ़ाने वाला, पाचक, चरपरा, रुचिकारक, त्रिदोष मुक्त यानी वात, पित्त और कफ नाशक होता है।
वैज्ञानिकों के मतानुसार अदरक की रसायनिक संरचना में 80 प्रतिशत भाग जल होता है, जबकि सोंठ में इसकी मात्रा लगभग 10 प्रतिशत होती है। इसके अलावा स्टार्च 53 प्रतिशत, प्रोटीन 12.4 प्रतिशत, रेशा (फाइबर) 7.2 प्रतिशत, राख 6.6 प्रतिशत, तात्विक तेल (इसेन्शियल ऑइल) 1.8 प्रतिशत तथा औथियोरेजिन मुख्य रूप में पाए जाते हैं। सोंठ (सुखा अदरक) में प्रोटीन, नाइट्रोजन, अमीनो एसिड्स, स्टार्च, ग्लूकोज, सुक्रोस, फ्रूक्टोस, सुगंधित तेल, ओलियोरेसिन, जिंजीवरीन, रैफीनीस, कैल्शियम, विटामिन `बी` और `सी`, प्रोटिथीलिट एन्जाइम्स और लोहा भी मिलते हैं। प्रोटिथीलिट एन्जाइम के कारण ही सोंठ कफ हटाने व पाचन संस्थान में विशेष गुणकारी सिद्ध हुई है।
अदरक को अधिकतर लोग मसाले के रूप में यूज करते हैं. लेकिन अगर इसके पानी को रेग्युलर पिया जाए तो यह कई बड़ी बीमारियों को भी कंट्रोल करता है. इसमे मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टी बॉडी को हेल्दी रखने में मदद करती हैं.
अदरक का पानी बनाने की विधि :- 1 गिलास पानी में थोडा सा अदरक का टुकड़ा ले और उसको थोड़ी देर गर्म करे. जब पानी उबालकर थोडा कम हो जाए तो उसे ठंडा करके सिप सिप करके पीना है. एक दम से नहीं पीना. थोडा थोडा पीना है जैसे चाय पीते है, जैसे गर्म दूध पीते है, वैसे ही पीना है. आप एक काम और कर सकते है, रात को पानी में अदरक डालकर रख दे और सुबह उसको गर्म करके फिर ठंडा करके पिए और जो टुकड़ा पानी में रह जाता है उसको चबाकर खा ले.
डायबिटीज कंट्रोल करे : रेगयूलर अदरक का पानी पीने से बॉडी का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है. इससे डायबिटीज की आशंका कम होती है.
सिरदर्द दूर करे : अदरक का पानी पीने से ब्रेन सेल्स रिलैक्स होती है. इससे सिरदर्द की प्रॉब्लम दूर होती है.
स्किन बनाये हेल्दी : रेगयूलर अदरक का पानी पीने से बॉडी के टोक्सिंस बाहर निकलते है. इससे ब्लड साफ होता है और पिम्पल्स, स्किन इन्फेक्शन का खतरा टालता है.
हार्ट बर्न करे दूर : खाना खाने के 20 मिनट के बाद एक कप अदरक का पानी पिएं. यह बॉडी में एसिड की मात्रा कंट्रोल करता है. इससे हार्ट बर्न की प्रॉब्लम दूर होगी.
कैंसर से बचाए : अदरक में एंटी कैंसर प्रॉपर्टी पाई जाती है. इसका पानी पीने से लंग्स, प्रोस्ट्रेट, ओवेरियन, कोलोन, ब्रेस्ट, स्किन और पेन्क्रिएटिक कैंसर से बचाव होता है.
वजन घटाए : अदरक का पानी पीने से बॉडी का मेटाबोलिजम सुधरता है. ऐसे में फैट तेजी से बर्न होता है और वजन घटाने में हेल्प मिलती है.
मसल्स पेन : अदरक का पानी पीने से बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है. इससे मसल्स रिलैक्स होती है और मसल्स पेन दूर होता है.
डाइजेशन सुधारे : अदरक का पानी बॉडी में डाइजेस्टिव जूस को बढ़ता है. इससे खाना जल्दी डाइजेस्ट करने में हेल्प मिलती हैं.

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