Showing posts with label काली मिर्च गुण व स्वास्थ्य लाभ. Show all posts
Showing posts with label काली मिर्च गुण व स्वास्थ्य लाभ. Show all posts

30.3.20

काली मिर्च गुण व स्वास्थ्य लाभ



ब्‍लैक पेपर जिसे हम काली मिर्च के नाम से भी जानते हैं। कालीमिर्च का वैज्ञानिक नाम पाइपर निग्राम (Piper nigrum) है। इसे सुखा कर मसालों के रूप में उपयोग किया जाता है। काली मिर्च आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। इसका उपयोग कर अस्थमा, पाचन सुधारने, वजन घटाने, कैंसर, त्वचा संबंधी रोग, और गठिया जैसी समस्याओं का उपचार कर सकते हैं।
मसालेदार और मंत्रमुग्ध स्‍वाद (mesmerizing flavour) के लिए काली मिर्च को मसाले के राजा के रूप में भी जाना जाता है। काली मिर्च का लाभ केवल मसाले के रूप में नहीं है बल्कि इसमें विभिन्न औषधीय गुण होते हैं जिनके लिए इसे पारंपरिक दवा भी कहा जाता है। काली मिर्च मैंगनीज, लोहा, जस्‍ता, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन के, विटामिन सी, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों (other nutrients) का स्रोत है। इस लेख में आप जानेंगे काली मिर्च के फायदे, नुकसान और उनके उपयोग के बारे में –
आयुर्वेद के अनुसार कालीमिर्च एक बहुत ही उपयोगी जड़ी-बूटी (useful herbs) है, जो आपको बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाने में मदद करती है और आपके बहुत से रोगों को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसमें बहुत से एंटीआक्‍सीडेंट और पोषक तत्‍व होते हैं जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए पूरक के रूप में उपयोग किये जाते हैं।
काली मिर्च और शहद खांसी और बुखार में उपयोगी


सर्दी और सूखी खांसी में तत्‍काल राहत दिलाने के लिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है। यह बुखार को दूर करने का सबसे आसान घरेलू उपचार है। काली मिर्च पाउडर के साथ शहद या दूध होने से आपको ठंड से राहत मिल सकती है और यह धीरे-धीरे खांसी को दूर करने में मदद करेगा। बुखार के दौरान, आधा चम्‍मच कालीमिर्च और पानी के साथ 2 चम्‍मच चीनी मिलाएं। यह तापमान को कम (reduce temperature) करने और बुखार से राहत पाने के लिए इसका सेवन करें।


बचाएँ कैंसर से

कैंसर की संभावनाओं को कम करने वाले गुण का‍लीमिर्च में उपस्थित होते हैं। कालीमिर्च का यह गुण इसमें उपस्थित घटक पाइपरलाइन (piperline) के कारण होता है। और यह हल्‍दी के साथ मिलकर कैंसर को रोकने में मदद करता है। कालकाली मिर्च में बहुत से एंटीआक्‍सीडेंट (antioxidant) होते हैं और इसमें विटामिन ए, फ्लावैनोइड्स और कैरोटीन जैसे विटामिन की उपस्थित मुक्‍त कणों के कारण कैंसर से निपटने में मदद करती है। कैंसर की घटना को रोकने के लिए कच्‍चे कालीमिर्च का सेवन करना चाहिए।
अच्छे पाचन के लिए
दस्‍त, कब्‍ज और पेट दर्द से बचने के लिए अच्‍छे पाचन की आवश्‍यकता होती है। काली मिर्च का सेवन करने से पेट में हाइड्रोक्‍लोरिक एसिड का उत्‍पादन बढ़ जाता है जिससे पाचन व्‍यवस्‍था मजबूत होती है। काली मिर्च आंतों की गैस (intestinal gas) के गठन को रोकने में मदद करता है और जब किसी व्‍यक्ति के आहार में जोड़ा जाता है तो यह पसीना और पेशाब को बढ़ावा देता है। पसीना विषाक्‍त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है और शरीर के अतिरिक्‍त पानी को भी हटा देता है।


इसका सेवन करने से आप पेशाब के माध्‍यम से शरीर के अतिरिक्‍त पानी, यूरिक ऐसिड, यूरिया, और वसा को हटा सकते हैं। एक अच्‍छा पाचन तंत्र वजन घटाने में मदद करता है, जिससे आपका शरीर बेहतर काम करता है। यह गंभीर गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल स्थितियों को रोकता है। काली मिर्च शरीर से गैस को आसानी से नीचे की गति में निकाल देती है, गैस का ऊपर या मुंह से निकलना खतरनाक हो सकता है क्‍योंकि यह ऊपरी वक्ष गुहा (chest cavity) और अन्‍य महत्‍वपूर्ण अंगों को रोक सकती है।


पेट के अल्‍सर को रोके

कइ अध्‍ययनों से पता चलता है कि काली मिर्च के एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामैट्री गुण गैस्ट्रिक म्‍यूकोसल क्षति और पेप्टिक अल्‍सर पर लाभकारी प्रभाव डालते हैं। कालीमिर्च का नियमित सेवन कर आप पेट के अल्‍सर की समस्‍या को दूर रख सकते हैं।
इंफेक्शन
काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो आपको इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। एक दक्षिण अफ्रीकी अध्ययन के अनुसार, काली मिर्च में मौजूद लार्विसाइडल प्रभाव मच्छरों से होने वाले संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद करता है
वजन घटाने के लिए
क्‍या आप अपने अधिक वजन से परेशान है और इसे कम करने का प्रयास कर रहें है तो जरा रुके, आपको ज्‍यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में मसालों का राजा जरूर होगा आप इसकी सहायता ले सकते हैं। काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जो आपके वजन को कम कर सकता है। काली मिर्च में पाइपरिन जैसे कुछ यौगिक वसा जलाते (burns out fat) हैं और इसे शरीर से दूर करने में मदद करते हैं। यह शरीर को गर्म करता है और पसीना को बढ़ावा देता है जो शरीर से विषाक्‍त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करते है।
अपने शरीर से अतिरिक्‍त वजन को कम करने के लिए काली मिर्च को अपने दैनिक आहार में शामिल करें। सुबह काली मिर्च का सेवन करने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।
सफेद काली मिर्च के फायदे त्वचा के लिए
औषधीय आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी काली मिर्च सफेद दाग का इलाज करने में मदद करता है, जो त्‍वचा की बीमारी है। यह बीमारी त्‍वचा के कुछ हिस्‍से को सामान्‍य रंजकता (pigmentation) खोने और सफेद होने का कारण बनती है। लंदन के शोधकर्ताओं के अनुसार काली मिर्च की पीपेरिन (Piperine) सामग्री मेलेनोसाइट्स वर्णक उत्‍पन्‍न करने के लिए त्‍वचा को उत्‍तेजित कर सकती है। पराबैंगनी प्रकाश चिकित्‍सा के साथ संयुक्‍त पाइपरिन का सामयिक उपचार (topical treatments) कर अन्‍य कठिन उपचारो की अपेक्षा बहुत ही सरल और प्रभावकारी होता है। विटिलिगो (Vitiligo), अत्‍याधिक पराबैंगनी विकिरण के कारण त्‍वचा कैंसर की संभावनाओं को कम करने में मदद करता है।


मुंह के लिए

काली मिर्च का सेवन आपके मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद पिपेरिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में संक्रमण से बचाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो मसूड़ों की सूजन से राहत दिलाते हैं। अगर आपको मसूड़ों में सूजन है, तो काली मिर्च के पाउडर में थोड़ा-सा नमक व पानी मिलाएं और इस पेस्ट से धीरे-धीरे मसूड़ों की मालिश करें। इसके अलावा, अगर आपको दांतों में दर्द है, तो लौंग के तेल में काली मिर्च पाउडर मिलाकर दांतों की मालिश करने से राहत मिलेगी।
पुरुषों के लिए
पौरुष ग्रंथि के कैंसर (prostate cancer) के खतरे को कम करने के लिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है। काली मिर्च पुरुषों के भूरे बालों को हटाने में मदद करता है। यह भी कहा जाता है कि पुरुषों के बालों का सबसे अच्‍छा इलाज करने में कालीमिर्च मदद करती है। इसके लिए एक कटोरे मे 3 छोटी चम्‍मच कालीमिर्च पाउडर लें और इसमें 3 चम्‍मच दही मिलाएं। अब इस मिश्रण को अपने सिर (scalp) में लगाएं और 2 घंटे तक सूखने दें। इसके बाद हल्‍के शैम्‍पू से अपने सिर को धो लें, यह आपके बालों को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने में मदद करेगा।
यह पुरुषों टेस्‍टोस्‍टेरोन की वृद्धि करता है। काली मिर्च का सेवन करने से टेस्‍टोस्‍टेरोन बढ़ता है जो पुरुषों के शरीर का चयापचय, मांसपेशीय वृद्धि और योन उत्‍तेजना को नियंत्रित करता है जो पुरुषों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हार्मोन है। नियमित रूप से सेवन करने पर काली मिर्च पुरुषों को यौन स्‍वास्‍थ्‍य (Sexual health) लाभ दिलाने में मदद करती है।
बवासीर के लिए उपयोगी
बवासीर को हेमोराइड (haemorrhoids) के रूप में भी जाना जाता है। यह गुदा क्षेत्र के आस-पास सूजन युक्‍त नसों और ऊतकों का संग्रह है जो इसे मलहम लगाने के दौरान बेहद मुश्किल और दर्दनाक बनाता है। आंत्र आंदोलन (bowel movement) या बैठने के दौरान गुदा क्षेत्र में दर्द भी हो सकता है। यह जलन और रक्‍तस्राव भी पैदा कर सकता है। काली मिर्च बवासीर का इलाज करने में मदद करता है। प्रतिदिन सुबह दही के साथ कालीमिर्च और काला नमक का सेवन करने से बवासीर से जल्‍दी छुटकारा मिल सकता है।
गैस
काली मिर्च में कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। यह पेट फूलना और पेट के दर्द में भी कारगर होती है। गैस जैसी समस्या होने पर आप अपने खाने में काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं।
अस्‍थमा
श्र्वसन संबंधी समस्‍याओं के उपचार के लिए कालीमिर्च बहुत ही उपयोगी औषधी है। क्‍योंकि इसमें ऐसे पोषक तत्‍व भरपूर मात्रा में होते हैं जो आपके स्‍वशन तंत्र को स्‍वस्‍थ्‍य रखते हैं। इसके साथ ही कालीमिर्च में मजबूत एंटी-इंफ्लामैंट्री (anti-inflammatory) गुण भी होते हैं जो अस्‍थमा और अन्‍य श्र्वशन संबंधी बीमारीयों को रोकने में मदद करते हैं।
डिप्रेशन को दूर करें
सुबह और शाम को शहद के साथ कालीमिर्च (black pepper with honey) का सेवन करने से न केवल यह आपके दिमाग को ठंडा रखता है बल्कि मस्तिष्‍क को आराम दिला कर उसके कामकाज को सुविधाजनक बनाने में भी मदद करता है। कालिमिर्च में पाइपिरिन होता है जो अवसाद को दूर करने में मदद करता है। यदि आप या आपके करीबी अवसाद से पीड़ित हैं तो दिन में दो बार कालीमिर्च का उपभोग शहद के साथ करें यह आपके तनाव (depression) को दूर करने में मदद करेगा।
डायबिटीज और ब्लड शुगर
काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है , जो रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकता है। काली मिर्च हाइपरग्लेसेमिया को भी नियंत्रित करती है, जिससे मधुमेह के उपचार में सहायता मिलती है रक्‍त परिसंचरण को ठीक करे
यदि नियमित रूप से कालीमिर्च का सेवन किया जाए तो यह शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों में रक्‍त परिसंचरण (blood circulation) में सुधार करता हे। कालीमिर्च का सेवन त्‍वचा का कायाकल्‍प किया जा सकता है, यह मुंहासें जैसे त्‍वचा विकार को नियंत्रित करता है।
धूम्रपान छोड़ने में मदद करे
स्टडी में यह बात सामने आई है कि काली मिर्च धूम्रपान छोड़ने में मदद कर सकती है। इस वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर काली मिर्च की भांप ली जाए, तो धूम्रपान की तलब को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सकता है


सावधानी-

कालीमिर्च एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी (natural herb) है लेकिन यदि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो यह अपने कुछ दुष्‍प्रभाव छोड़ सकती है। कालीमिर्च के नुकसानों में सामिल है :
बड़ी मात्रा में लेने पर कालीमिर्च पेट की जलन का कारण बन सकती है।
कालीमिर्च आंखों में जलन पैदा कर सकती है।
काली मिर्च का ज्यादा सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात (miscarriage) हो सकता है।
स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं में काली मिर्च सेवन करने से इसका कठोर स्‍वाद (hard flavour) दूध में स्‍थानांतरित हो सकता है जो आपके बच्‍चे के लिए ठीक नहीं हो सकता है। यह एलर्जी भी पैदा कर सकती है।
नवजात शिशुओं (new-born babies) की मालिश काली मिर्च के तेल से नहीं करनी चाहिए। मसाला होने के कारण यह बच्चों की आंखों और त्वचा में जलन पैदा कर सकता है।
kali mirch का अधिक सेवन सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकता है।

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि