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26.11.19

खस खस, पोस्तदाने, अफीम के बीज के गुण व औषधीय उपयोग




भारतीय व्यंजनों में कई प्रकार के गुणकारी खाद्य पदार्थ शामिल हैं। ये न सिर्फ पेट भरने का काम करते हैं, बल्कि इनका प्रयोग चिकित्सीय समस्याओं के इलाज में भी किया जाता है। खसखस भी ऐसा ही खाद्य पदार्थ है, जो पकवानों का जायका बढ़ाने के अलावा अपने औषधीय गुणों के लिए भी लोकप्रिय है।
खसखस का इस्तेमाल सब्जी की ग्रेवी और सर्दी के दिनों में स्वादिष्ट हलवा बनाने के लिए किया जाता है। यह स्वाद औरसेहत से भरपूर है, इसलिए स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार करने के लिए भी इसे दवा के रूप में प्रयोग करते हैं।
आज के समय हर रोज नई-नई बीमारियां सुनने को मिल रही है। गलत खान-पान के कारण हर दूसरा इंसान किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है। आज के समय में हैल्दी रहने के लिए स्वस्थ आहार और कुछ घरेलू उपाय बहुत जरूरी है। क्यों न डाइट में कोई ऐसी चीज ली जाएं जिसे खाने के बाद कई बीमारियों से बचा जा सकें। अगर आप दूध के साथ खसखस लेते हैं तो आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। खसखस में ओमेगा-3 और ओमेगा-6, फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, थायमिन, कैल्शियम और मैंगनीज आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को हैल्दी रखने में मदद करते हैं।
खसखस के फायदे
शरीर के लिए खसखस के बहुत फायदे हैं। इसका इस्तेमाल कब्ज जैसी समस्या से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है। छोटे-छोटे बीजों वाला यह खाद्य पदार्थ कैलोरी, प्रोटीन, फैट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम व फोलेट जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है । इसका इस्तेमाल आंतरिक स्वास्थ्य से लेकर त्वचा और बालों के लिए भी किया जा सकता है।


दर्द निवारक

खसखस को दर्द निवारक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला ओपियम एल्कलॉइड्स सभी प्रकार के दर्द को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खास तौर से इसका प्रयोग मांसपेशियों के दर्द में किया जाता है। खसखस का तेल भी बाजार में उपलब्ध होता है, जिसका प्रयोग दर्द वाले स्थान पर किया जाता है।
*खसखस फाइबर का बेहतरीन स्त्रोत है, जिसका प्रयोग करने से कब्ज की समस्या नहीं होती। इसके अलावा यह बेहतर पाचन में भी मदद करता है और शरीर को उर्जा देने के लिए भी बहुत लाभदायक होता है
सांस संबंधी तकलीफ
सांस संबंधी तकलीफ होने पर भी खसखस काफी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही यह खांसी को कम कर सांस संबंधी समस्याओं में लंबे समय तक आराम दिलाने में भी मदद करता है।
नींद न आने की समस्या
अगर आप नींद न आने की समस्या से परेशान हैं, तो सोने से पहले खसखस का गर्म दूध पीना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह अनिद्रा की समस्या को दूर करता है। यह आपको नींद लेने के लिए प्रेरित करेगा।
त्वचा के लिए
खसखस त्वचा को नमी प्रदान करने में भी सहायक होता है। यह त्‍वचा की जलन व खुजली को कम करने के साथ ही एक्जिमा जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है।त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए खसखस का इस्तेमाल दूध में पीसकर फेसपैक के रूप में किया जाता है। यह त्वचा को नमी प्रदान करने के साथ ही प्राकृतिक चमक लाता है, और चेहरा दमक जाता है।
*ओमेगा-6 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर से भरपूर होने के साथ ही खसखस में फाइटोकेमिकल्स, विटामिन बी, थायमिन, कैल्शियम और मैंगनीज भी पाया जाता है, जो पोषण के लिहाज से बहुत फायदेमंद है।
मानसिक तनाव
खसखस मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को भी कम करने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपको जवां बनाए रखने में मदद करते है।
महिला की प्रजनन क्षमता में सुधार
खसखस के लाभ यहीं समाप्त नहीं होते, इसके प्रयोग से महिला की प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ताओं के अनुसार पॉपी सिड्स के तेल से फैलोपियन ट्यूब को फ्लश करने से फर्टिलिटी में मदद मिल सकती है। फैलोपियन ट्यूब वो मार्ग होता है, जिससे अंडे अंडाशय से गर्भाशय तक जाते हैं।
गुर्दे की पथरी में
गुर्दे की पथरी में इलाज के तौर पर भी खसखस को सेवन किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला ओक्सलेट्स, शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैल्शियम का अवशोषण कर गुर्दे में पथरी बनने से रोकता है।


हड्डी स्वास्थ्य

हड्डियों के लिए भी पॉपी सिड्स के फायदे बहुत हैं। खसखस कैल्शियम, जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ये दोनों तत्व हड्डियों को मजबूत करने और इनके विकास में मदद करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, कैल्शियम सप्लीमेंट के साथ कॉपर और जिंक मिलकर रीढ़ की हड्डी के नुकसान को रोकने में प्रभावी भूमिका अदा कर सकते हैं |
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और फास्फोरस दोनों की सही मात्रा की आवश्यकता होती है। खसखस फास्फोरस से समृद्ध होता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों को लाभ पहुंचाता है
थायराइड में लाभदायक
खसखस में सेलेनियम होता है, जो थायराइड फंक्शन को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे हाइपो और हाइपर थायराइड के लक्षण समाप्त हो सकते हैं
दृष्टि में सुधार
खसखस जिंक का अच्छा स्रोत है। एक अध्ययन के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ-साथ होने वाले मैक्यूलर डीजेनेरेशन (नेत्र रोग) के जोखिम को जिंक कम कर सकता है। इसके अलावा, खसखस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं|
पाचन में सहायक
पेट संबंधी परेशानियों के लिए खसखस का उपयोग किया जा सकता है। यह खाद्य पदार्थ फाइबर जैसे खास पोषक तत्व से समृद्ध होता है, जो पेट से जुड़ी परेशानियों जैसे कब्ज व गैस आदि से छुटकारा दिलाने का काम करता है । इसके अलावा, फाइबर कोलन कैंसर से भी रोकथाम करने का काम कर सकता है । नियमित रूप से किया गया इसका सेवन पेट स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करेगा।
मस्तिष्क स्वास्थ्य
मस्तिष्क के विकास के लिए भी खसखस के फायदे बहुत हैं। यह कैल्शियम, आयरन व कॉपर जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है , जो दिमागी क्षमता बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम न्यूरोनल फंक्शन को संतुलित करने के साथ-साथ याददाश्त को भी बढ़ाने का काम करता है । मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आप खसखस को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
कैंसर से रोकथाम
एक रिपोर्ट के अनुसार खसखस कार्सिनोजेन-डिटॉक्सिफाइंग एंजाइम की गतिविधि को 78 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है, जिसे ग्लूटाथिओन-एस-ट्रांसफरेज (जीएसटी) कहा जाता है। खसखस की यह गतिविधि कैंसर से रोकथाम का कार्य कर सकती है|
एक रिपोर्ट के अनुसार खसखस को कैंसर की पारंपरिक दवा के रूप में भी जाना गया है। रिपोर्ट बताती है कि खसखस को त्वचा, पेट, गर्भाशय व योनि के कैंसर जैसी स्थितियों के लिए कारगर दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है |


मुंह में छाले

मुंह में छाले किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकते हैं। ये छाले कष्टदायक होते हैं, जो जीभ व होंठ आदि को निशाना बनाते हैं। इससे प्रभावित व्यक्ति को खाने, दांत साफ करने में और बात करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। खसखस एंटीबैक्टीरियल गुणों से समृद्ध होता है (4), इसलिए यह मुंह के छालों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, मुंह के छालों पर खसखस के बेहतर प्रभाव पर अभी और अध्ययन की आवश्यकता है।
*इसके अलावा कई तरह की छोटी-छोटी समस्याओं जैसे अधि‍क प्यास लगना, बुखार, सूजन या पेट में होने वाली जलन से राहत पाने के लिए खसखस का प्रयोग किया जाता है। यह पेट में बढ़ने वाली गर्मी को भी शांत करने में सहायक है।
कब्ज
कब्ज जैसी पेट संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी खसखस का सेवन किया जा सकता है। खसखस फाइबर से समृद्ध होता और फाइबर पाचन तंत्र के लिए सबसे सहायक पोषक तत्व माना जाता है। फाइबर स्टूल को मुलायम बना मल त्याग में मदद करता है |
बालों का विकास
बालों के विकास में भी खसखस आपकी मदद कर सकता है। खसखस, विटामिन-ई से समृद्ध होता है, जो बाल झड़ने की समस्या से निजात दिला बालों के विकास में मदद करता है । बालोंं के लिए आप पॉपी सिड्स हेयर पैक बना सकते हैं। नीचे जानिए किस प्रकार बनाएं बालों के लिए खसखस का हेयर पैक :
कैसे करें इस्तेमाल :
कप का एक चौथाई नारियल दूध लें और उसमें एक छोटा चम्मच प्याज का पेस्ट मिला दें।
इसमें दो चम्मच खसखस डालें और कुछ घंटे भिगोकर रखें।
अब इस मिश्रण को अच्छी तरह ब्लेंड कर लें।
पेस्ट को स्कैल्प और बालों पर एक घंटे के लिए लगाएं और बाद में शैंपू से धो लें।
बालों के विकास के लिए आप हफ्ते में दो-तीन बार इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।
खसखस का उपयोग 
भारत के विभिन्न राज्यों में खसखस ​​का उपयोग व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। खसखस का उपयोग करने से पहले बीजों को अच्छी तरह देख लें, ताकि उसमें कोई कंकड़ न रह जाए। बीजों को कम से कम दो घंटे पानी या दूध में भिगोना चाहिए। इसके बाद उन्हें सूखने के लिए छोड़ दें।
आप निम्नलिखित तरीकों से खसखस को व्यंजन में शामिल कर सकते हैं :
अन्य मसालों के साथ ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए भीगे हुए खसखस का उपयोग किया जा सकता है।
टोस्टेड खसखस ​​का उपयोग ब्रेड, रोल्स, सब्जियों और सलाद की गार्निशिंग करने के लिए किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में सफेद खसखस (पोस्तो) ​​का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है, जैसे आलू पोस्तो व पोस्तो बोड़ा आदि। आलू पोस्तो के लिए सफेद खसखस को पीसकर इस्तेमाल में लाया जाता है।
महाराष्ट्र में खसखस ​​का उपयोग एक विशेष प्रकार की मिठाई अनारकला बनाने के लिए किया जाता है।
आंध्र प्रदेश में सफेद खसखस ​​के पेस्ट का उपयोग एक मसाले के रूप में चिकन, मांस और सब्जियों को बनाने के लिए किया जाता है।
इसके अलावा, खसखस ​​का इस्तेमाल पेस्ट्री बनाने के लिए भी किया जाता है।

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