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20.8.19

बादाम के तेल गुण औ स्वास्थ्य लाभ


बादाम तेल का इस्तेमाल आप सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए कर सकते हैं. बादाम की ही तरह बादाम का तेल भी पोषक तत्वों और खनिजों से भरपूर होता है. इस तेल का इस्तेमाल आप खाना बनाने के लिए भी कर सकते हैं और चेहरे पर लगाने के लिए भी.
बादाम का तेल कच्चे बादामों से ही निकाला जाता है। बादाम के तेल में पर्याप्त मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड के साथ ही विटामिन ई एवं पोटैशियम, प्रोटीन और जिंक भारी मात्रा में पाए जाते हैं। अन्य तेलों की अपेक्षा हल्का होने के कारण बादाम के तेल का इस्तेमाल रसोई में भी किया जाता है।
बादाम का तेल मीठा और कड़वा दो प्रकार का होता है। बादाम का कड़वा तेल बादाम को दबाकर निकाला जाता है। इसमें एमिगाडलिन होता है जो प्रसंस्करण के बाद हानिकारक हाइड्रोसायनिक एसिड में बदल जाता है। इसमें औषधीय तत्व मौजूद होने के बावजूद भी कड़वा तेल को खाया नहीं जाता है। इसका इस्तेमाल किसी विशेष जरूरत के लिए ही किया जाता है। जबकि बादाम का मीठा तेल खाने के योग्य होता है। इस तेल का लाभ बालों एवं चेहरे को बहुतायत में मिलता है। इसके अलावा भोजन बनाने में भी किया जाता है।
ज्यादातर लोगों को बादाम के विषय में एक सामान्य सी बात जो पता है, वह यह है कि इसे खाने से मस्तिष्क तेज होता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि बादाम तेल के फायदे क्या हैं। यहां आपको इसके फायदे के बारे में हम बताने जा रहे हैं।


बालों के लिए लाभकारी

बादाम का तेल बालों के लिए बहुत ही उपयोगी होता है।
यह बालों की रुसी और बालों का झड़ना कम करता है।
बालों के दो मुहे हो जाने पर यदि बादाम के तेल से मालिश करते है तो फायदा होता है।
बादाम के तेल का उपयोग कंडीशनर के रूप में भी कर सकते है इसके उपयोग से बाल चमकदार और लम्बे होते है।
उपयोग विधि
बालों को लंबा बनाने के लिए 2 चम्मच बादाम के तेल में 2 चम्मच आरंडी का तेल मिलाये।
इस तेल से बालों की मालिश करे लगभग 10 मिनट तक।
इसके बाद बालों को हलके गर्म पानी के धो ले । शेम्पू का इस्तेमाल करने के लिए कोई अच्छा सा माइल्ड शेम्पू ही उपयोग करे इससे बाल अच्छे रहते है।
इस तेल को सप्ताह में 1 बार ज़रूर लगाए। इससे बाल तेजी से बढ़ेंगे ।

बालों की रूसी दूर करने में
यदि आपके सिर में रूसी इतनी ज्यादा हो गई हो कि आपके कपड़े पर गिर जा रही हो तो अपने सिर में बादाम के तेल से मसाज करें। बादाम का तेल मृत कोशिकाओं को नष्ट कर डैंड्रफ को दूर करने में उपयोगी है। यह बालों को पोषण प्रदान करता है और बालों से संबंधित सभी समस्याओं को दूर करता है। बादाम का तेल सिर को ठंडक प्रदान करता है और बालों में जमी मृत कोशिकाओं को बाहर निकालता है। एक चम्मच आंवला पावडर में बादाम का तेल मिलाकर धीरे-धीरे बालों में लगाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अब बालों में शैंपू कर लें। बाल सूखने के बाद आपके बालों से रूसी गायब मिलेगी।


बादाम का तेल डार्क सर्कल हटाने के लिए
 
अगर किसी व्यक्ति के आंखों के नीचे डार्क सर्कल पड़ जाते हैं तो वह देखने में काफी भद्दे लगते हैं। इस परिस्थिति में आपको आंखों के नीचे बादाम का तेल लगाकर हल्के हाथों से मसाज करना चाहिए। बादाम के तेल में विटामिन ईपाया जाता है जो त्वचा की मरम्मत करता है और नियमित रूप से मसाज करने पर डार्क सर्कल को दूर कर देता है। इसके अलावा यह तेल झुर्रियों को खत्म करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
सोरायसिस और एक्जिमा के इलाज में
बादाम का तेल त्वचा संबंधी बीमारियों एवं संक्रमण जैसे मुंहासे, सोरायसिस और एक्जिमा के इलाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह त्वचा की जलन एवं खुजलाहट को कम करके त्वचा को आराम देता है। यह तेल एक विलेपन के रूप में काम करता है और यह त्वचा को ठंडक प्रदान करता है। इसमें मॉश्चराइजिंग गुण भी पाया जाता है जो त्वचा को नमी प्रदान कर एक्जिमा और सोरायसिस जैसी बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है।
कब्ज दूर करने में
कब्ज को दूर करने में भी बादाम के तेल का उपयोग में लाया जाता है। गुनगुने पानी में बादाम के तेल की कुछ बूंदे मिलाकर दिन में दो बार पीने से कब्ज क्षण भर में दूर हो जाता है। इसके अलावा बादाम का तेल पेट भी ठीक रखता है और भोजन की अच्छी तरह से पचाने में मदद करता है। इसके अलावा गर्म दूध में बादाम तेल की कुछ बूंदे मिलाकर पीने से वजन भी तेजी से कम होता है। बादाम मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है जो मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है जिससे वजन घटने में सहायता मिलती है।


हृदय रोगों में

 बादाम के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो हृदय को स्वस्थ रखता है और इसे बीमारियों से बचाता है। मीठे बादाम का तेल फोलिक एसिड, अनसैचुरेटेड फैट, प्रोटीन के साथ ही पोटैशियम से भी भरपूर होता है जो हृदय की सेहत को ठीक रखने में लोगों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा यह टाइप-2 डायबिटीज को दूर कर कोलेस्ट्रॉल एवं उच्च रक्तचाप की समस्या को भी दूर करता है।
अन्य लाभ-
*अगर आपका हीमोग्लोबिन कम है तो आज से ही बादाम के तेल को अलग-अलग रूपों में लेना शुरू कर दें. इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने का काम करता है.
*बादाम के तेल में ओमेगा-6 फैटी एसिड्स होते हैं. ओमेगा-6 दिमाग की सेहत के लिए एक आवश्यक तत्व है. इससे दिमाग को पोषण मिलता है.
*गर्भावस्था में बादाम तेल का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. गर्भावस्था में बादाम तेल के सेवन से डिलीवरी के नॉर्मल होने की संभावना बढ़ जाती है. इसमें मौजूद फॉलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व मां और बच्चे दोनों को फायदा पहुंचाते हैं.
*बादाम तेल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है. बादाम के नियमित सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है.
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1.2.17

अमलतास के गुण ,लाभ,उपचार Cassia properties, benefits, treatment


      

     शहरों में उद्यानों और सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए जाने वाले अमलतास के पेड़ के सभी अंग जैसे छाल, फल और पत्तियों का इस्‍तेमाल प्राचीन काल से ही औषधि के रूप में किया जा रहा है।
   पीले फूलों वाले अमलतास का पेड़ सड़कों के किनारे और बगीचों में प्राय देखने को मिल जाता हैं। इस खूबसूरत पेड़ को शहरों में सड़क के किनारे अक्सर सजावट वाले पेड़ के तौर पर लगाया जाता है। इसकी पत्तियां गहरे हरे रंग की और फूल पीले चमकीले होते है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शहरों में उद्यानों और सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए जाने वाले इस पेड़ के सभी अंगों जैसे छाल, फल और पत्तियों का इस्‍तेमाल प्राचीन काल से ही औषधि के रूप में किया जा रहा है।
     भारत में इसके वृक्ष प्राय: सब प्रदेशों में मिलते हैं। तने की परिधि तीन से पाँच कदम तक होती है, किंतु वृक्ष बहुत उँचे नहीं होते। शीतकाल में इसमें लगनेवाली, हाथ सवा हाथ लंबी, बेलनाकार काले रंग की फलियाँ पकती हैं। इन फलियों के अंदर कई कक्ष होते हैं जिनमें काला, लसदार, पदार्थ भरा रहता है। वृक्ष की शाखाओं को छीलने से उनमें से भी लाल रस निकलता है जो जमकर गोंद के समान हो जाता है। फलियों से मधुर, गंधयुक्त, पीले कलझवें रंग का उड़नशील तेल मिलता है।
इसका प्रयोग कई रोगों को ठीक करने में किया जाता है और इसके मुख्य प्रयोग नीचे दिये है-
   



श्वास कष्ट ठीक करने के लिए-

अस्थमा के रोगी में कफ को निकालने और कब्ज को दूर करने के लिये फलों का गूदा दो ग्राम पानी में घोलकर गुनगुना सेवन करना चहिये ।अस्थमा की शिकायत होने पर पत्तियों को कुचलकर 10 मिली रस पिलाया जाए तो सांस की तकलीफ में काफी आराम मिल जाता है।प्रतिदिन दिन में दो बार लगभग एक माह तक लगातार पिलाने से रोगी को राहत मिल जाती है।


सर्दी जुकाम में लाभकारी-
अमलतास आम सर्दी जुकाम के उपचार में कारगर होता है। जलती अमलतास जड़ का धुआं बहती नाक का इलाज करने में सहायक होता है। यह धुआं बहती नाक को उत्‍तेजित करने के लिए जाना जाता है, और तुरंत राहत प्रदान करता है।
शरीर में जलन होने पर-
पेशाब में जलन होने पर अमलतास के फल के गूदे, अंगूर, और पुनर्नवा की समान मात्रा (प्रत्येक ६ ग्राम) लेकर 250 मिली पानी में उबाला जाता है और 20 मिनिट तक धीमी आँच पर उबाला जाता है। ठंडा होने पर रोगी को दिया जाए तो पेशाब में जलन होना बंद हो जाती है।
घाव ठीक करने के लिए- :
 इसकी छाल के काढ़े का प्रयोग घावों को धोने के लिये किया जाता है । इससे संक्रमण नही होता है ।



बुखार में प्रयोग-

बुखार होने पर अमलतास के गूदे की 3 ग्राम मात्रा दिन में तीन बार 6 दिनों तक लगातार दिया जाए तो बुखार में आराम मिल जाता है और बुखार के साथ होने वाले बदन दर्द में भी राहत मिलती है।
गले की खरास ठीक करने के लिए: -
इसके लिए जड़ की छाल का काढ़ा बनाकर, गुनगुने काढ़े से गरारा करने से फायदा मिलता है |
शुगर के लिए फायदेमंद-
आदिवासी मधुमेह (डायबिटीज़) के रोगियों को प्रतिदिन अमलतास की फल्लियों के गूदे का सेवन करने की सलाह देते हैं। प्रतिदिन सुबह शाम 3 ग्राम गूदे का सेवन गुनगुने पानी के साथ करने से मधुमेह में आराम मिलने लगता है।
एसिडिटी ठीक करने के लिए:-
 फल के गूदे को पानी मे घोलकर हलका गुन्गुना करके नाभी के चारों ओर 10-15 मिनट तक मालिस करें । यह प्रयोग नियमित करने से स्थायी लाभ होता है ।
अमलतास की फल्लियों और छाल के चूर्ण को उबालकर पिया जाए तो आर्थरायटिस और जोड़ दर्द में आराम देता है। 
सूखी खांसी ठीक करने के लिए :-
 इसकी फूलों का अवलेह बनाकर सेवन करने से सूखी खांसी दूर हो जाती है |
आंवला और अमलतास के गूदे की समान मात्रा को मिलाकर 100 मिली पानी में उबाला जाए और जब यह आधा शेष बचे तो इसे छान लिया जाए और रक्त विकारों से ग्रस्त रोगियों को दिया जाए तो विकार शांत हो जाते है।

पेट के रोगों में लाभकारी-

बच्‍चों को अक्‍सर पेट में गैस, दर्द और पेट फूलना जैसी समस्‍याएं होती है। इन समस्‍याओं के होने पर अमलतास के गूदे को नाभि के आस-पास के हिस्‍से में लगाने फायदा होता है। यह प्रयोग नियमित रूप से करने से स्‍थायी रूप से फायदा होता है। इसके अलावा गूदे को बादाम या अलसी के तेल के साथ मिलाकर लेने से मल त्‍याग की समस्‍याओं को दूर करने में मदद मिलती है।|
त्वचा रोग- : 
त्वचा रोगों में इसका गूदा 5 ग्राम इमली और 3 ग्राम पानी में घोलकर नियमित प्रयोग से लाभ होता है | इसके पत्तों को बारीक पीसकर उसका लेप भी साथ-साथ करने से लाभ मिलता गये है |अमलतास की पत्तियों को छाछ के साथ कुचलकर त्वचा पर लगाया जाए तो त्वचा संबंधित अनेक समस्याओं में आराम मिल जाता है। दाद खाज खुजली होने पर अमलतास की फल्लियों के पल्प/ गूदे और मीठे नीम की पत्तियों को साथ में कुचला जाए और संक्रमित त्वचा पर इसे लेपित किया जाए तो आराम मिल जाता है।
कब्ज दूर करने के लिए - 
एक चम्मच फल के गूदे को एक कप पानी में भिगोकर मसलकर छान ले | इसके प्रयोग से कब्ज दूर हो जाता है |
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