16.6.17

मोटापा से मुक्ति के असरदार उपाय


    मोटापा एक खतरनाक समस्या है। इससे अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि हर वर्ष मोटापे से मरने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक होती है। यह रोग अधिक तेल एवं घी का सेवन करने, मदिरापान, अधिक औषधियों का उपयोग, बार-बार भोजन करने और शारीरिक परिश्रम के अभाव में हो जाता है।Weight बढ़ने का विज्ञान बड़ा सीधा-साधा है. यदि आप खाने-पीने के रूप में जितनी Calories ले रहे हैं उतनी burn नहीं करेंगे तो आपका weight बढ़ना तय है. दरअसल बची हुई Calorie ही हमारे शरीर में fat के रूप में इकठ्ठा हो जाती है और हमारा वज़न बढ़ जाता है.
मोटापे से उत्पन्न रोग
मोटापे के कारण हृदय की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न होती है, क्योंकि रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाती है। इससे पेट, जांघों, गर्दन तथा अन्य अंगों का मांस अधिक होकर लटक जाता है। पाचन क्रिया बिगड़ने से कब्ज या दस्त आदि शुरू हो जाते हैं।
मोटे लोगों को नियमित रूप से शौच की समस्या प्राय: बनी रहती है। मोटापा अधिक होने से शरीर के प्रत्येक अंग को अधिक कार्य करना पड़ता है। गुर्दों में भी अनावश्यक मेद (मांस) जमा हो जाता है, जिससे पेशाब की मात्रा कम हो जाती है। शरीर का विष पेशाब के जरिये नहीं निकल पाता। गुर्दे में विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया मंद पड़ जाती है। इससे गुर्दे के बारीक रेशे प्रभावित होते हैं और उनकी कार्यक्षमता न्यून हो जाती है।
   मोटे आदमी का पसीना बदबूदार होता है। उसे अजीर्ण की शिकायत प्राय: रहती है, जिससे पेट में वायु, दर्द, खट्टी तथा तेजाबी डकारें, अन्ननली में जलन आदि के लक्षण प्रकट होते हैं। ऐसे में श्वास संबंधी रोग भी हो सकते हैं। जरा-सा शारीरिक श्रम करने से सांस फूलने लगता है तथा थकान अनुभव होती है। ऐसे लोगों में शारीरिक श्रम के प्रति अरुचि, मांसपेशियों और अंगों में कड़ापन होता है। भार सहने की क्षमता का अभाव हो जाता है। जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, हाथ-पांवों में दर्द तथा सूजन के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। वात, गठिया, जोड़ों में कैल्शियम का जमाव, यूरिक एसिड की वृद्धि, जोड़ों की गति में सहायक तैलीय द्रव्यों का अभाव या चलने-फिरने में असमर्थता आदि होती है।
मोटापे से कैसे बचें
निम्नलिखित बातों पर ध्यान देकर आप मोटापे से बच सकते हैं-
*दूध और केले का सेवन एक संतुलित भोजन माना गया है, जिसका प्रयोग सुबह नाश्ते में अवश्य करें।
*भोजन कम वसा, कम नमक और कम चीनी वाला होना चाहिए।
* भोजन में खीरा, ककड़ी, चुकन्दर, मूली, गाजर आदि का सलाद, नीबू मिलाकर लें। ऐसा करने से भोजन कम कर पाएंगे और कब्ज की शिकायत भी नहीं होने पाएगी।
*भोजन करने के बाद लेटें नहीं, अपितु थोड़ा-सा टहलें (विशेष रूप से रात का भोजन करने के बाद) या भोजन करने के 40-45 मिनट बाद वज्रासन करें। भोजन के बाद बाई करवट लेटने से भी खाना पचने में सहायता मिलती है।
* सदा भूख लगने के बाद ही खाएं। भोजन कम मात्रा में और भली प्रकार चबा-चबाकर करें।
*पत्तेदार साग-सब्जी, जिनमें रेशे हों, अधिक मात्रा में लें।
*कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का त्याग करें। ऐसे पदार्थों में बारीक मैदा, सफ़ेद चीनी, गन्ना, और उसका रस, गुड़, शक्कर, आम, अंगूर, खजूर, किशमिश आदि आते हैं।
* जिन पदार्थों में वसा अर्थात् चिकनाई हो, उन्हें बहुत कम मात्रा में लें। घी, मक्खन, दूध (मलाईयुक्त), मलाई, तेल या उससे बनी वस्तुएं, मांस, वनस्पतियों द्वारा जमाया हुआ घी, शुद्ध देशी घी आदि का प्रयोग न करें। यदि जरूरी हो, तो परिश्रुत तेलों (सूर्यमुखी, कॉर्न आदि के तेल) का प्रयोग करें। याद रखें, मोटापा बढ़ाने में वसा का बहुत बड़ा हाथ है। इसे पचाने में पाचन अंगों को बहुत परिश्रम करना पड़ता है। दूसरे, शरीर वसा को पचाने में समर्थ नहीं होता।
*नीबू, लहसुन तथा प्याज का दैनिक प्रयोग करें। भोजन में किसी न किसी रूप में इन्हें अवश्य लें। यदि नीबू का रस और थोड़ा-सा शहद गरम पानी में मिलाकर खाली पेट सेवन करें, तो उत्तम रहेगा।
*पानी का भरपूर प्रयोग करें। भोजन करने से एक घंटा पहले और तीन घंटे बाद तक पानी का प्रयोग न करें। क्योंकि ऐसा करने से पाचक रसों के भोजन में मिलने की प्रक्रिया बाधित होती है और खाना देर से पचता है।
उपयोगी सुझाव
सब्जी आप उबालकर परंतु बिना तले लें। फलों को काटकर या उसका रस लें। दूध, चाय या कॉफी में नीबू नहीं मिलाना चाहिए। परंतु जिस कॉफी या चाय में आप दूध नहीं डालते, उसमें नीबू का रस मिला सकते हैं। चीनी के स्थान पर केवल शहद का ही प्रयोग करें अथवा जरा-सा काला नमक उसमें मिला लें। चाहें तो दूध में भी शहद मिला लें। इस बात का ध्यान रखें कि जब चाय या कॉफी में दूध मिलाकर पिया हो, तो उसके बाद नीबू का प्रयोग कदापि न करें। नीबू लेने के कम से कम 45 मिनट बाद दूध का सेवन करें।
* खट्टे फलों का रस (जिसमें चीनी का तत्व कम और कुछ खटास हो) पिएं। इससे शरीर में शक्ति तो आएगी ही, पाचन क्रिया भी सुधरेगी।
*सेब के आसव से तैयार की गई शराब, सिरका या आसव का दो-दो चम्मच पदार्थ एक गिलास पानी में मिलाकर दिन में तीन बार लें। यह पेय शरीर को विजातीय एवं विषैले तत्वों से रहित कर देता है। पाचन क्रिया में सहायता करता है तथा शरीर को शक्ति प्रदान करता है।
यहाँ ये समझना ज़रूरी है कि मोटापा सिर्फ अपने आप में एक समस्या नहीं है बल्कि इसका रिश्ता और बहुत सी गंभीर बीमारियों जैसे :
डायबिटीज (टाइप -2),
हाइ ब्लड प्रैशर,
दिल की बीमारियाँ और स्ट्रोक,
कुछ खास प्रकार के केन्सर,
अनिंद्रा की बीमारी,
किडनी की बीमारी,
फैटी लिवर- लिवर में मेद जमा होने से लीवर खरब होने की बीमारी,
औस्ट्येआर्थराइटिस- जोड़ो की बीमारी, आदि से भी है।इसलिए कुछ भी करके आपको अपने Weight Reduce करने के लिए पूरे efforts करने चाहिए।




*नाश्ते के बाद , पानी को अपना main drink बनाएं : 
नाश्ते के वक़्त orange juice, चाय , दूध इत्यादि ज़रूर लें लेकिन उसके बाद पुरे दिन पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल करें. कोल्ड-ड्रिंक को तो छुए भी नहीं और चाय-कॉफ़ी पर भी पूरा control रखें .इस तरह आप हर रोज़ करीब 200-250 Calories कम consume करेंगे.
*तीन time खाने की बजाये 5-6 बार थोडा-थोडा खाएं: 
South Africa में हुई एक research में ये पाया गया की यदि व्यक्ति सुबह, दोपहर, शाम खाने की बजाये दिन भर में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाए तो वो 30% कम कैलोरी consume करता है. और यदि वह उतनी ही कैलोरी ले रहा है जितना की वो तीन बार खाने में लेता है तो भी ऐसा करने से body कम insulin release करती है , जो की आपके blood sugar को सही रखता है और आपको भूख भी कम लगती है.
रोज़ 45 मिनट टहलिए : रोज़ 30 मिनट टहलना आपका weight बढ़ने नहीं देगा लेकिन यदि आप अपना weight घटाना चाहते हैं तो कम से कम 45 मिनट रोज़ टहलना चाहिए. अगर आप रोज़ ऐसा कर लेते हैं तो बिना अपना खान – पान बदले भी आप साल भर में 15Kg वज़न कम कर सकते हैं. और यदि आप ये काम सुबह सुबह ताज़ी हवा में करें तो बात ही कुछ और है. पर इसके लिए आपको डालनी होगी
खाने के लिए छोटी plate का प्रयोग करें: 
*अद्ध्यनो से पता चला है कि चाहे आपको जितनी भी भूख लगी हो; यदि आपके सामने कम खाना होगा तो आप कम खायेंगे, और यदि ज्यादा खाना रखा है तो आप ज्यादा खायेंगे. तो अच्छा होगा कि आप थोड़ी छोटी थाली उसे करें जिसमे कम खाना आये. इसी तरह चाय -कॉफ़ी के लिए भी छोटे cups प्रयोग करें.बार बार खाना लेना आपका calorie intake बढाता है इसलिए आपको जितना खाना है उसी हिसाब से एक ही बार में उतना खाना ले लें.
*रात का खाना सोने से 3-4 घंटे पहले लेना चाहिए। रात्री का समय सोने के लिए होता है, इसलिए पाचन तंत्र को भोजन पचाने के लिए अधिक श्रम करना पड़ता है। रात का खाना कम कैलोरी वाला होना चाहिए।
खाना हमेशा एक रस हो जाए उतनी देर चबा कर ही निगलना चाहिए।
*खाना हो सके तो थोड़ा गरम कर के ही खाना चाहिए। गरम किया हुआ खाना, या गरम पका हुआ खाना ठंडे खाने के मुक़ाबले ज़्यादा जल्दी पचता है।
और पूरे दिन के समय थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहेना चाहिए ताकी खाना पचता रहे। भोजन को पचाने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि, एक्सपर्ट खाने के समय पानी ना पीने की सलाह देते हैं, इसलिए खाते समय पानी पीना avoid करना चाहिए।
*संरक्षित किया हुआ खाना खाने से परहेज करे। प्रोसेस्ड फूड खाना कम करें।
*हर ऋतु पर आने वाले फल का आहार करें।
*हर दिन के भोजन में तीखा, मीठा, फीका, सादा, चटपटा, खट्टा आदि सारे स्वादों का आनंद लें, क्योंकि हर एक स्वाद का प्रकार मानवीय शरीर के पाचनतंत्र को खाना हजम करने में अलग अलग तरीके से सहायक बनता है।
*तले हुए खाने से ज्यादा भुने हूए व्यंजन का आहार चुने।
खाना खाने के तुरंत बाद कभी न सोएं।



*एक ग्लास थोड़ा गरम पानी ले कर उसमे एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, और चार चम्मच नींबू पानी, तथा एक चम्मच शहद मिला कर नित्य हर रोज सुबह पीने से वजन कम होता है।
और अगर खाली पेट सुबह में गरम पानी में नींबू निचोड़ कर उसमे एक चम्मच शहद मिला कर रोज पिये तो भी वजन कम होता है।
*गोभी के पत्ते वजन कम करने के लिए काफी लाभदायी होते है। कच्चे सैलड में गोभी के पत्ते उबाल कर, या फिर कच्चे खाने से वजन कम होता है।
*भोजन के पूर्व टमाटर का सूप पीने से या टमाटर कच्चे खाने से भी वजन कम होता होता है।
हर प्रकार की हरी पत्ती वाली सब्जी का आहार करें। यह सारे आयुर्वेदिक उपाय होने के कारण इनके साइड इफफ़ेक्ट्स नहीं होते हैं।
*सुबह का नाश्ता मध्यम मात्रा में लेना चाहिए। दोपहर का खाना भर पेट खाना चाहिए। क्योंकि दोपहर के समय पाचन तंत्र सबसे ज्यादा सक्रिय होता है।

मोटापा कम करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय
   मानव शरीर की रचना पंच तत्वो से होती है। पृथ्वी, अग्नि, जल, आकाश और वायु; इन पंच तत्वो से निर्मति मानव शरीर को जीवंत रहने के लिए, और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए संतुलित आहार ग्रहण करना परम आवश्यक है। हर किसी के लिए नित्य व्यायाम और योग करना लाभदायी होता है। यह शरीर एक कोरे कागज़ की तरह होता है, जिस पर हम अपने आचरण की कलम से कुछ भी लिख सकते हैं। जहाँ खानपान में लापरवाही और अनियमित दिनचर्या मानव शरीर को मोटापे और तरह-तरह की बीमारियों की तरफ धकेलती है वहीँ एक अच्छी डाइट लेना और नित्य व्यायाम करना हमें एक स्वस्थ गठीले शरीर का मालिक बना सकता है।
वजन कम करने के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय Ayurvedic Ways To Reduce Weight in Hindi / Wajan Ghatane Ke Gharelu Nuskhe एक ग्लास थोड़ा गरम पानी ले कर उसमे एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, और चार चम्मच नींबू पानी, तथा एक चम्मच शहद मिला कर नित्य हर रोज सुबह पीने से वजन कम होता है। और अगर खाली पेट सुबह में गरम पानी में नींबू निचोड़ कर उसमे एक चम्मच शहद मिला कर रोज पिये तो भी वजन कम होता है।
   गोभी के पत्ते वजन कम करने के लिए काफी लाभदायी होते है। कच्चे सैलड में गोभी के पत्ते उबाल कर, या फिर कच्चे खाने से वजन कम होता है। भोजन के पूर्व टमाटर का सूप पीने से या टमाटर कच्चे खाने से भी वजन कम होता होता है। हर प्रकार की हरी पत्ती वाली सब्जी का आहार करें। यह सारे आयुर्वेदिक उपाय होने के कारण इनके साइड इफफ़ेक्ट्स नहीं होते हैं।;
*सुबह का नाश्ता मध्यम मात्रा में लेना चाहिए। दोपहर का खाना भर पेट खाना चाहिए। क्योंकि दोपहर के समय पाचन तंत्र सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। रात का खाना सोने से 3-4 घंटे पहले लेना चाहिए। रात्री का समय सोने के लिए होता है, इसलिए पाचन तंत्र को भोजन पचाने के लिए अधिक श्रम करना पड़ता है। रात का खाना कम कैलोरी वाला होना चाहिए। खाना हमेशा एक रस हो जाए उतनी देर चबा कर ही निगलना चाहिए। खाना हो सके तो थोड़ा गरम कर के ही खाना चाहिए। 
   



    
    वजन घटाने के लिए खानपान वजन घटाने के लिए सुबह उठ कर कुछ भी खाये बिना शुद्ध पानी पीना लाभ दायी होता है। और अगर वह पानी पूरी रात पीतल के बरतन में भर कर रखा हुआ हो, तो और भी फायदेमंद होता है। बिना कुछ खाये पानी पी कर कसरत करने और चलने से शरीर की नसों को ऊर्जा प्राप्त होती है। तथा मन प्रफुल्लित होता है। ग्रीन टी और नींबू पानी भी वजन घटाने के लिए काफी उपियोगी हैं। नाश्ते के पूर्व सुबह या दोपहर में खाने के दो तीन घंटे बाद ग्रीन टी और नींबू का रेगुलर सेवन वजन कम करने मे मदद रूप साबित होता है। पका हुआ नींबू और शहद मिला कर पीने / चाटने से भी वजन कम हो सकता है। 
   एसिडिटी ना हो तब – रात को हल्दी वाला पतला दूध (बिना मलाई वाला) पीने से भी वजन घटाने में मदद मिलती है। त्रिफला, आमला और हरड़े, दाँत और पेट के लिए उत्तम होते हैं। दाँत मजबूत होंगे तो खाना चबाना आसान होगा और खाना ठीक से चबाया जाएगा तो पाचन तंत्र सही तरीके से सारा खाना हजम कर पाएगा, और खाना ठीक हजम होगा तो पेट मे किसी तरह का अपचित आहार इकट्ठा नहीं होगा। जब भी खाना पूरी तरह से नहीं पचता है तब उस आहार का परिवर्तन चरबी / FAT में हो जाता है। इसलिए त्रिफला, आमला और हरड़े का 
नित्य सेवन करें।
*वजन नियंत्रित करने के लिए ताजा सब्जियाँ, फल और बीन्स का आहार उत्तम रहता है। जैसे कि ककड़ी, खीरा, मूली, चना, मूंग, मटर, पपीता, गाजर और हर प्रकार की दाल खाना हितकारी होता है। स्वदेशी मसाले जैसेकि हींग, अजवायन, काली मिर्च, लौंग, और कड़ीपत्ता जेसे देसी मसाले अगर खाने में सही मात्रा में डाले जाते रहें तो पाचन तंत्र को खाना हजम करने में मदद मिलती है। और पेट साफ रहने के कारण शरीर में फैट जमा नहीं होता है।
*वजन घटाने के लिए व्यायाम तंदरुस्त जीवन का मूल मंत्र व्यायाम है। व्यायाम और योग बीमारियों को मानव शरीर से दूर रखता है। स्फूर्ति प्रदान करता है। और प्रतिकार शक्ति बढ़ता है। समतोल आहार और व्यायाम का सही संगम मानव शरीर को लोहे जैसा मजबूत बना देता है। Daily life में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए। प्रति दिन एक से तीन किलोमीटर वॉक करना चाहिए।

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