24.6.17

संधिवात जोड़ों के दर्द मे उपयोगी योग आसन


   गठिया रोग को आमवात, संधिवात आदि नामों से भी जाना जाता है। इस रोग में सबसे पहले शरीर में निर्बलता और भारीपन के लक्षण दिखाई देते हैं। शरीर के तमाम जोड़ों में इतना दर्द होता है कि उन्हें हिलाने पर ही चीख निकल जाए, खासकर सुबह के समय। इसके अलावा शरीर गर्म हो जाता है, लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और जलन की शिकायत भी होती है।   अपने दैनिक जीवन के सामान्य कामकाज को निपटाते वक्त क्या आपके घुटनों, कन्धों या कलाई में दर्द होता है? क्या आप इन जोड़ों के दर्द के कारण अपने अपनी इच्छानुसार जीवन जीने के आनंद से वंचित है? क्या आप दिन में कई कई बार दर्द निवारक दवाओं के सेवन से परेशान है?
जोड़ों में जहां-जहां दर्द होता है, वहां सूजन आना भी इस बीमारी में आम है। जोड़ों के इर्द-गिर्द सख्त गोलाकार गांठें जैसी उभर आती हैं, जो हाथ पैर हिलाने पर चटकती भी हैं। शरीर के किसी भी अंग को हिलाने पर दर्द, जलन और सूजन की तकलीफ झेलनी पड़ती है। यदि आप अपने शरीर को हिलाना-डुलाना बंद कर देगे तो गठिया रोग आपको खा जाएगा। इसलिये यह बहुत जरुरी है कि आप कुछ योगा आसन करें और गठिया दर्द से राहत पाएं।
 शरीर में हड्डियों का कमजोर होना,उचित व्यायाम और भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों के अभाव से जोड़ों के रोग प्रकट होने लगते है व बढ़ने लगते है|हालाँकि दवाओं के उपयोग से इस दर्द से सामयिक लाभ मिलता है पर इसका प्रामाणिक वैकल्पिक उपचार योग में उपलब्ध है जिसके अभ्यास से दर्द मुक्ति में शीघ्र लाभ होता है|


योग एक प्राचीन भारतीय तकनीक है जो दर्द को जड़ से उखाड़कर शरीर को रोगमुक्त करती है| योग शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार कर मन को विश्रांति प्रदान करता है|
जोड़ों के उपचार व उन्हें शक्तिशाली बनाने के लिए निम्न योगासन उपयोगी है:

सूर्य नमस्‍कार 

सूर्य नमस्‍कार शरीर के समग्र लचीलेपन के लिए अच्छा है। इस बहुमुखी योग आसन से शरीर की सभी मांसपेशियों को ढीला कर देता है जिसके बाद आपको व्‍यायाम शुरु करना चाहिये। यह घुटनों के लिए विशेष रूप से अच्छा है।
वज्रासन 
वज्रासन सबसे सरल आसन है। बस पैरों को घुटनों से मोड़कर बैठना है। पैरों के अँगूठे एक-दूसरे के ऊपर रहेंगे, एड़ियों को बाहर की ओर फैलाकर बैठने के लिए जगह बना लेंगे। हाथों को घुटनों पर रखेंगे।


इसको करने से घुटनों का दर्द कम होता है। यही एक ऐसा आसन है, जिसे खाना खाने के बाद भी किया ज सकता है।

  • वीर-भद्रासन | Veerbhadrasana (Warrior pose)
  • धनुरासन | Dhanurasana (Bow pose)
  • त्रिकोणासन | Trikonasana (Triangle pose)
  • सेतु-बंध आसन | Setu Bandhasana (Bridge pose)
  • मकर अधोमुख श्वानासन | Makara Adho Mukha Svanasana (Dolphin Plank pose)
  • उस्ट्रासन | Ustrasana (Camel pose)
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