21.11.16

शरीर की दुर्गंध नाशक डियोडरेंट घर पर बनाएं



पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय बरसों से करते रहे हैं। कभी टेलकम पाउडर का सहारा लिया, तो कभी कपूर का। पिछले कुछ बरसों से डिओडरेंट पुरजोर इस्तेमाल में है। लेकिन खुशबू फैलाने वाले डियो के इस्तेमाल के कुछ नुकसान भी हैं। इसलिए द्वारा बताये गए नुस्खे से आप घर पर डिओड्रेंट बनाये ये आपके शरीर को नुक्सान नहीं पहुंचाएगा.. 

* एक तिहाई कप सिरका (एसिटिक एसिड) और इतनी ही मात्रा में पानी  ले और इसे अच्छी तरह से आपस में घोल लिया जाए और उबाल आने तक गर्म किया जाए। दूसरी तरफ एक अलग बर्तन में तीन लौंग, धनिया और पुदीना की थोड़ी ताजी पत्तियाँ, लगभग 4 पत्तियाँ नीलगीरी की और एक ग्राम दालचीनी की छाल का चूर्ण  ले । और इन सभी को गर्म सिरके और पानी के गर्म घोल में डाला जाता है। तुरंत इसे छान लिया जाए और ठंडा होने पर बंद जार रखकर रेफ्रिजेटर में रख दे । प्रतिदिन नहाने के बाद थोड़ी मात्रा इस मिश्रण की लेकर अपनी बाहों और पसीना ज्यादा आने वाले शारीरिक अंगों पर लगाया जाए तो यह शरीर की दुर्गंध को खत्म करता है और पसीना आने का सिलसिला भी रोक देता है। धीरे धीरे आपको एक हलकी सुगंध का भी एहसास होगा और नुकसान दायक भी नहीं है




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पसीना और बदबू : -
बदबू हमारे शरीर में पसीने के जरिए पनपती है।
हालांकि पसीना अपने आप में बदबूरहित होता है। जब शरीर पर पनपने वाले माइक्रोस्कोपिक बैक्टीरिया इसके साथ मिलते हैं, तब बदबू पैदा होती है।
पसीने की बदबू के लिए कई बार शरीर के कुछ हार्मोन जिम्मेदार होते हैं, तो कई बार खानपान या वातावरण इसकी वजह बनता है।
लेकिन बदबू पनपने की सबसे बड़ी वजह है पसीने के साथ बैक्टीरिया का मिलना, जो हमारे शरीर में ही रहते हैं और पसीने के साथ मिलकर तेजी से बढ़ते हैं।
डियो के फायदे -
डियो शरीर में बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया पर असर डालता है। हालांकि यह पसीना आने से नहीं रोक पाता।
इसमें मौजूद केमिकल्स खुशबू पैदा करते हैं।
डियो से नुकसान
कंज्यूमर एजुकेशन ऐंड रिसर्च सोसायटी (सीईआरएस) की मैगजीन इनसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक कुछ डियोडरेंट या ऐंटिपर्सपिरेंट स्किन, आंखों और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
डियो में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल अल्जाइमर और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।
डियो में इस्तेमाल होने वाला ऐंटि-बैक्टीरियल फेफड़े और लिवर डैमेज की वजह बन सकता है।
यूएस एफडीए के मुताबिक गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए डियो का नियमित इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला ऐल्युमिनियम उनके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।
डियो से कपड़ों का रंग खराब होने के अलावा कॉटन और लिनेन जैसे फैब्रिक का फाइबर खराब होने का खतरा भी रहता है।
कार के अंदर की गंध दूर करने के सरल उपाय -
 सेव काटकर टुकड़े तैयार किए जाएं और कप या छोटी कटोरी में डालकर कार की सीट्स के नीचे फ़्लोर पर रख दिये जाएं, एक दो दिन में ये टुकड़े सिकुड़ जाएंगे, फि़र एक बार यही प्रक्रिया दोहरायी जाए, धीमे धीमे गंध दूर हो जाएगी।





कार फ़्लोर पर काफी पावडर छिड़क दिया जाए तो भी कार की गंध दूर हो जाती है।
दो बड़े कटोरे ले लीजिए, दोनो में नैप्किन या टोवेल रख दें, इस पर सिरका या जिसे विनेगर कहते है डालना शुरू करिए, ऐसा तब तक किया जाए जब तक कि नैप्किन या टोवेल पूरी तरह से सिरके को सोख ले, यानि गीला हो जाए। एक कटोरे को कार की अगली सीट के नीचे और दूसरा पिछ्ले सीट के फ़्लोर पर एक पूरी रात के लिए रख दिया जाए। अगले दिन सुबह सिरके को निचोड़ कर फ़ेंक दिया जाए और कपड़े को धो लिया जाए, एक और रात के लिए यही प्रकिया अगली शाम को दोहरायी जाए, गंध दूर हो जाएगी।
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