12.11.16

आलू के छिलके में छुपा है सेहत का राज

क्या आप भी दूसरों की ही तरह आलू के छिलकों को फेंक देते हैं। अगर हां, तो आप एक से अधिक मात्रा वाले स्वास्थ्यवर्धक तत्व को फेंक दे रहे हैं। आलू को हमेशा छिलके समेत पकाना चाहिए क्योंकि इसका सबसे अधिक पौष्टिक भाग छिलके के एकदम नीचे होता है, जो प्रोटीन और खनिज से भरपूर होता है। आलू के छिलकों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है। ये स्वास्थ्य के साथ आपके सौंदर्य को भी बढ़ाने में मददगार होता है। अगली बार आलू के छिलकों के फेंकने से पहले उसके फायदों को ना भूलें।
आलू के छिलके में इसके पल्प से 7 गुना ज्यादा कैल्शियम और 17 गुना ज्यादा आयरन होता है। छिलका निकाल देने से आलू में न्यूट्रिएंट्स और फाइबर की मात्रा 90% तक कम हो जाती है।
छिलके में मौजूद बीटा कैरोटिन डाइजेशन में मदद करता है और बॉडी का इम्यून सिस्टम भी ठीक रखता है।
कैंसर से बचाता है
आलू के छिलकों में फाइटोन्‍यूट्रीएंट्स भरपूर मात्रा में होता है जो एंटीआक्सीडेंट का काम करता है। इसके अलावा इसमें उच्च मात्रा में क्लोरोजेनिक एसिड होता है जो कैंसर के लिए जिम्‍मेदार तत्‍वों से बचाव करता है। यह कोशिका की मरम्‍मत भी करता है।





वजन कम करता है
सभी जानते है आलू में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 100 ग्राम आलू में 1.6 प्रतिशत प्रोटीन, 22.6 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 0.1 प्रतिशत वसा, 0.4 प्रतिशत खनिज और 97 प्रतिशत कैलोरी होती है। हालांकि आलू के छिलकों में नाम मात्र का फैट, कोलेस्ट्राल और सोडियम होता है। इसलिए आलू के छिलके आपके वजन को कम करने में सहायक होते हैं।
हड्डियां होती हैं मजबूत
आलू के छिलकों में पाई जाने वाली पोटैशियम की अच्छी मात्र होने से न केवल ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है, बल्कि हमारी हड्डियां भी सुरक्षित रहती
हैं। दरअसल, उम्र के साथ हड्डियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं। ऐसे में आलू के छिलके का सेवन हड्डियों के नुकसान को रोकता है। इसके अलावा
आलू के छिलकों में पाया जाने वाला कैल्शियम भी इसमें मदद करता है।
दिल का रखता है ख्याल
फाइबर से भरपूर सब्जियां दिल के लिए अच्छी होती हैं। आलू के छिलके में आलू के अलावा शामिल की जाने वाली दूसरी सब्जियों में फाइबर की अच्छी मात्र होती है, इसलिए बरसात में आलू के छिलके का सेवन कर कोरोनरी हार्ट बीमारियों से बचा जा सकता है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के मुताबिक आलू के छिलके में बड़े स्तर पर पोटैशियम की मात्र पाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में सहायक होता है।
चेहरे को निखारें
इन छिलकों को ग्राइंड करें और रुई में डुबोकर चेहरे पर लगाएं और इसका उपयोग लगातार 15 दिन करें। आपके चेहरे की रंगत में फर्क जरूर दिखेगा।




छिलकों के इस्तेमाल से पहले आलू को साफ पानी से खूब अच्छी तरह से धो जरूर लें।
मुंहासों को दूर करें आंखों के नीचे बैग (एक प्रकार की सूजन) बने हों, या चेहरे पर दाग- धब्बे हों या मुहांसे हो..कुछ ना करें सिर्फ आलू के छिलकों के अंदरूनी हिस्से को चेहरे पर लगाए और हल्का हल्का दबाते हुएं रगडें, १५ दिन में फर्क बताएं,..दावा है मेरा..और तो और इन छिल्कों को ग्राईंड करें, रुई डुबोकर चेहरे पर लगाएं और फिर १५ दिनों में चेहरे की रंगत ना बदले तो बताएं.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
आलू के छिलकों में विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैंगनीज और फॉस्फोरस जैसे तत्व होते हैं। विटामिन जहां हमारी आंखों की रोशनी के लिए वरदान है, वहीं यह हमारी त्वचा को दमकाने का काम भी करता है। इसके अलावा विटामिन ए प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।







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