2.11.16

मोटापा समाप्त करने के चमत्कारी उपाय :: Miraculous remedy to end obesity



मोटापा ना सिर्फ मधुमेह जैसे रोगों को आमंत्रित करता है अपितु समानांतर रोगों का जन्म कारक भी है। क्या वजह है, जो हमारे पूर्वज में मोटापा, मधुमेह, उच्च या निम्न रक्तचाप जैसी समस्याएं देखने नहीं मिलती? अपने अनुभवों के आधार पर मैने पाया है कि आदिवासियों का खान-पान, जीवनशैली और वनौषधियां इन सब रोगों को उनके आस-पास तक भटकने नहीं देती। जानने की कोशिश करते हैं हमारे पूर्वजों के कुछ चुनिंदा हर्बल नुस्खों को जिन्हें अपनाकर आप भी अपने शरीर की चर्बी को कम कर सकते है, लेकिन इन नुस्खों को अपनाने के साथ-साथ ये भी जानना जरूरी है कि अपनी जीवनशैली को नियंत्रित करना आपके अपने हाथ में है। यह सच है कि मोटापा कम करने का ऐसा कोई जादुई फॉर्मूला अभी तक नहीं बना है लेकिन अगर रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इसे जरूर कम किया जा सकता है वैसे भी आज कल लोग मोटापा कम करने के लिये ना जाने कौन कौन से हथकंडे अपनाते हैं तो ऐसे में अगर आप कुछ आसान से घरेलू नुस्खे अपना लेगें तो इसमें कोई बुरार्इ नहीं है-
अपामार्ग का पौधा आप सभी लोगो ने देखा होगा लेकिन आपने यह कभी सोचा नहीं होगा कि अपामार्ग (Rough )या लटजीरा (Rough chaff tree ) भी आपके मोटापे के लिए काम का हो सकता है | जी हाँ ! अपामार्ग एक ऐसा चमत्कारी पोधा है जो की बिना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाए आपके शरीर में जमा चर्बी को मक्खन की तरह पिघला देता है| अपामार्ग आपको खेत, सड़क, तथा मैदानी जगहों पर आसानी से दिख जाता है |इसका पका बीज पास से निकलते समय आपके कपड़ो से चिपक जाता है| लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्र करके, किसी मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भून लिया जाए और एक-एक चम्मच दिन में दो बार फांकी मार ली जाए, बस देखिए कितनी तेजी से फायदा होता है। अपामार्ग के अन्य विभिन्न लाभों के बारे में जानने के लिए नीचे दी गयी लिंक पर क्लिक करें-
यदि आप बहुत दिनों से अपना मोटापा कंट्रोल करने की सोंच रही हैं तो इस हनी एंड सिनामन रेसिपी को जरुर ट्राई कर देखें। इस चाय को पीने से आपके शरीर की अत्‍यधिक कैलोरीज़ बन होगीं, ऐसा मानना है एक जाने माने पोषण चिकित्सक का। इसके अलावा यह हनी एंड सिनामन चाय शरीर के मेटाबॉलिज्‍म भी बढाती है जिससे आपको कोई बीमारी जल्‍दी नहीं घेरेगी। आज कल लोग मोटापा कम करने के लिये ना जाने कौन कौन से हथकंडे अपनाते हैं, तो ऐसे में अगर आप इस आसान से घरेलू नुस्‍खे अपना लेगें तो इसमें कोई बुरार्इ नहीं है। इस चाय को अगर आप नियमित पियेंगी तो आप देखते ही देखते पतली हो जाएंगी।
त्रिफला-
रात को सोने से पहले त्रिफला का चूर्ण 15 ग्राम की मात्रा में हल्के गर्म पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इस पानी को छानकर शहद मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करें। इससे मोटापा जल्दी दूर होता है। त्रिफला, त्रिकुटा,चित्रक, नागरमोथा और वायविंडग को मिलाकर काढ़ा में गुगुल को डालकर सेवन करें। त्रिफले का चूर्ण शहद के साथ 10 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार (सुबह और शाम) पीने से लाभ होता है। 2 चम्मच त्रिफला को 1 गिलास पानी में उबालकर इच्छानुसार मिश्री मिलाकर सेवन करने से मोटापा दूर होता है। त्रिफला का चूर्ण और गिलोय का चूर्ण 1-1 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ चाटने से पेट का बढ़ना कम होता है।
लगती है। बासी ठंडे पानी में शहद मिलाकर प्रतिदिन पीने से मोटापा में लाभ मिलता है। 250 ग्राम गुनगुने पानी में 1 नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर खाली पेट पीना चाहिए। इससे अधिक चर्बी घटती है और त्वचा का ढीलापन दूर होता है। यदि आप पूरे दिन में 8 से 9 गिलास पानी पियेंगे तो आपका वजन बढेगा ही नहीं | सुबह उठकर खाली पेट ताम्र पत्र में रखा हुआ बासी पानी पीने से भी मोटापा कम करने में काफी लाभ मिलता है|




गिलोय, हरड़, बहेड़ा और आंवला मिलाकर काढ़ा बनाकर इसमें शुद्ध शिलाजीत मिलाकर खाने से मोटापा दूर होता है और पेट व कमर की अधिक चर्बी कम होती है। गिलोय 3 ग्राम और त्रिफला 3 ग्राम को कूटकर चूर्ण बना लें और यह सुबह-शाम शहद के साथ चाटने से मोटापा कम होता है। गिलोय, हरड़ और नागरमोथा बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। यह 1-1 चम्मच चूर्ण शहद के साथ दिन में 3 बार लेने से त्वचा का लटकना व अधिक चर्बी कम होता है।
मोटापा कम करने में फलों का रस बहुत उपयोगी होता है। मोटापा कम करने के लिए 6 से 8 महीने तक फलों का रस लेना लाभदायक होता है। इसके सेवन से किसी भी प्रकार के दुष्परिणामों का सामना नहीं करना पड़ता है । फलों का रस कैलोरी को कम करता है जिससे स्वभाविक रूप से वसा कम हो जाती हैऔर वह भी बिना किसी दुष्परिणाम के । इससे शरीर का वजन और मोटापा कम होता है। रसों में आप गाजर, ककड़ी, पत्तागोभी, टमाटर, तरबूज, सेब व प्याज का रस फायदेमंद होता है। जवारे का रस भी मोटापा कम करने में बेहद कारगर औषधि है
सौंफ हर घर की रसोई में आसानी से प्राप्त हो जाता है । सौंफ में कैल्शियम,सोडियम, फॉस्फोरस,आयरन महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं । ये पेट के कई रोंगों से छुटकारा दिलवाने में मदद करता है। सौंफ में विभिन्न विटामिन ए, ई, सी के साथ ही विटामिन-बी समूह के विटामिन मौजूद होते है। आधा चम्मच सौंफ लेकर एक कप खौलते पानी में डाल दी जाए और 10 मिनिट तक इसे ढांककर रखा जाए और बाद में ठंडा होने पर पी लिया जाए। ऐसा तीन माह तक लगातार किया जाना चाहिए, वजन कम होने लगता है।
गुग्गल मोटापा कम करने की बेहद अचूक औषधि है | गुग्गल शुद्ध करने के लिए इसे त्रिफला के काढ़े और दूध में पका लें | गिलोय के काढ़े में गुग्गल को मिलाकर छान कर और सुखाने से भी गुग्गल शुद्ध हो जाता है| इसकी प्रकृति गर्म होती है, इसलिए गाय के दूध या घी के साथ सेवन करे| इसे प्रयोग करते समय रात्री जागरण , दिन में सोना , खट्टा भोजन , अत्याधिक भोजन ,धूप , मद्य , क्रोध आदि ना करें| इसका अधिक मात्रा में सेवन ना करें| गुग्गुल गोंद को दिन मे दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुना कर सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।
हरड और बहेडा के फल का चूर्ण मोटापा कम करने के लिए रामबाण सिद्ध होता है | हर्रा या हरड और बहेडा के फल का चूर्ण एक एक चम्मच लेकर 50 ग्राम परवल का जूस (1 गिलास) के साथ मिलाकर प्रतिदिन लिया जाए,इससे वजन तेजी से कम होने लगता है तथा शारीरिक थकान में भी कमी आती है। इस चूर्ण का रात को सोते समय गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से एक्स्ट्रा जमी हुई चर्बी मक्खन की तरह पिघल जाती है |
पिप्पली का चूर्ण लगभग आधा ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम शहद के साथ प्रतिदिन 1 महीने तक सेवन करने से मोटापा समाप्त होता है और पेट का ढीलापन भी कम हो जाता है । पीप्पल 150 ग्राम और सेंधानमक 30 ग्राम को अच्छी तरह पीसकर कूटकर 21 खुराक बना लें। यह दिन में एक बार सुबह खाली पेट छाछ के साथ सेवन करें। इससे वायु के कारण पेट की बढ़ी हुई चर्बी कम होती है और कब्ज की शिकायत भी दूर हो जाती है । पिप्पली के 1 से 2 दाने दूध में देर तक उबाल लें और दूध से पिप्पली निकालकर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। इससे मोटापा कम होता है।
गाजर का भरपूर सेवन किया जाना चाहिए खास तौर से खाना खाने से पहले। आधुनिक विज्ञान भी गाजर को मोटापा कम करने में कारगर मानता है। पालक के 25 ग्राम रस में गाजर का 50 ग्राम रस मिलाकर पीने से शरीर का फैट (चर्बी) समाप्त होती है। 50 ग्राम पालक के रस में 15 ग्राम नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त होता है| सेब और गाजर को बराबर मात्रा में कद्दूकस करके सुबह खाली पेट 200 ग्राम की मात्रा में खाने से वजन कम होता है और स्फूर्ति व सुन्दरता बढ़ती है। इसका सेवन करने के 2 घंटे बाद तक कुछ नहीं खाना चाहिए।




स्‍वाद में कडुआ पर कार्य में दक्‍क्ष होने के कारण यह करेला शरीर में जमे हुए फैट को बर्न करता है। यह वजन को तो नियंत्रण करता ही है साथ में शरीर में ब्‍लड शुगर और इंसुलिन लेवल को भी नियत्रित करता है। दिन की शुरुआत अगर हर्बल तरीके से की जाए तो आपको कभी भी फिट रहने के लिए किसी बाजार में मिलने वाली कृत्रम डाइट पिल की जरूरत नहीं पडेगी। |करेले की अध कच्ची सब्जी भी वजन कम करने में काफी मदद करती है, उत्तर मध्यप्रदेश के आदिवासी सहजन मुनगा की फलियों की सब्जी को मोटापा कम करने में असरकारक मानते हैं।
सोंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3 ग्राम प्रत्येक) लेकर कुचल लिया जाए और चूर्ण बनाया जाए। इस पूरे चूर्ण को दो हिस्सों में बांटकर एक हिस्सा सुबह खाली पेट और दूसरा रात सोने से पहले लिया जाना चाहिए। इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा को एक गिलास पानी में डालकर अच्छी तरह से मिलाइए और खाली पेट इसका सेवन करने से जमी हुई चर्बी कुछ दिनों में ही समाप्त हो जाएगी | इसे जवारे के रस में घोलकर भी पिया जा सकता है। जवारे के साथ यह और भी ज्यादा असरदार औषधि बन जाती है |
मोटापे को केवल कुछ ही दिनों में गायब कर सकता है पुदीना | आप की ताजी हरी पत्तियां लीजिए और यदि पुदीना की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाई जाए और चपाती के साथ सेवन किया जाए, यह बहुत ही असरकारक होती है। हमारे बुजुर्ग मोटापा कम करने के लिए पुदीना की चाय भी पीने की सलाह देते हैं। हम सब मोटापा कम करने के लिए कितना कुछ करते है, एक बार इस उपाय को आजमाने में कतई कोई बुराई नहीं है|
क चम्मच सूखा अदरक पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, दो चम्मच गुड़, आधा चम्मच सौंफ, एक टी बैग और एक कप पानी। सौंफ को दो मिनट पानी में उबालिए और गर्म पानी में 1 मिनट के लिए टी बैग डालें। इससे फ्लेवर आ जाएगा। और चाय का स्वाद भी कुछ बदल जाएगा जो पीने में अच्छा लगेगा। आखिर में सारे पदार्थ इसमें मिला दें और गुड़ मिलाकर इसे घोलें। जब गुड़ मिल जाए तो स्वाद के साथ पीएं। कुछ दिन तो आपको ये चाय बेस्वाद लगेगी लेकिन कुछ दिन बाद आपको इसकी आदत पड़ जाएगी और यही चाय आपको स्वादिष्ट लगने लगेगी |
शहद एक काम्पलेक्स शर्करा की तरह है, जो मोटापा कम करने में काफी हद तक मदद करता है। गर्म पानी में एक चम्मच शहद प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से कुछ ही समय में परिणाम दिखने लगते हैं, कुछ जगहों पर लोग इसी मिश्रण में एक चम्मच नींबू रस भी डाल देते है, दोनों फार्मूले हितकर हैं। कई लोग दिन भर सिर्फ नींबू पानी और शहद का मिश्रण पीकर उपवास भी करते है। माना जाता है कि यह एक कारगर देसी फार्मूला है |
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