2.3.16

मौसम्बी के फायदे







मौसम्बी गर्मी के मौसम मे सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले फलों मे से एक है| मौसम्बी का जूस स्वास्थ्य के लिये बहुत अच्छा होता है। इसके जूस में ढेर सारा मिनरल और पौष्टिक तत्व जैस विटामिन सी और पोटैशियम आदि पाया जाता है। यह हेल्दी होने के साथ ही उर्जा पहुंचाने वाला भी होता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसे पीने से वजन भी नियंत्रित होता है। इस बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि नींबू के बाद मौसम्बी एक ऐसा स्वीट लाइम फ्रूट होता है जो शरीर के बढ़ते वजन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है|
मौसमी का रस खून को साफ करने का रामबाण उपाय है इसके सेवन से फोड़े फुंसी व सरे तरह के त्वचा सम्बन्धी रोग दूर हो जाते है |
दिल के मरीज़ो के लिए मौसमी का जूस अत्यंत फायदेमंद है । क्यूंकि ये नसों को साफ कर खून के बहाव को संतुलित करता है अतः ज्यादा से ज्यादा मौसमी का फल या जूस ले तो दिल को सुरक्षा मिलेगी ।
टाइफाइड बुखार हो जाये तो मौसमी का रस सबसे उत्तम रहता है । इसके सेवन से नए रक्त का निर्माण होता है ।
जुकाम हो जाये तो अदरक के रस के साथ मौसमी का रस मिलाकर देने से लाभ मिलता है हाल की एक रिसर्च के मुताबिक मौसमी, नारंगी और संतरे जैसे खट्टे फलों में कई खास केमिकल और फ्लेवनॉयड होते हैं, जो दिल को जवां बनाए रखने में मददगार होते हैं।शरीर में कमजोरी आ जाये या काम की वजह से थकान हो तो मौसमी का एक गिलास जूस या दो मौसमी शक्ति से भर देती है ये शरीर में नए खून का निर्माण कर सीधे दिल और दिमाग में ताज़गी देती है ।
कब्ज़ के रोगियों को दोनों समय मौसमी का रस पीने से लाभ मिलता है ।

स्कर्वी से बचाती है, इम्यून सिस्टम सही रखती है, एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल होती है, डैंड्रफ खत्म करती है, दोमुंहे बालों की समस्या से छुटकारा, एंटी-एजिंग का काम करती है, होंठों के कालेपन को दूर करती है, त्वचा में निखार लाती है।इम्यून सिस्टम सही रखती है|रोजाना इसके सेवन से इम्यून सिस्टम सही रहता है। साथ ही दिल की बीमारियों का भी खतरा कम रहता है।

इसी प्रकार मौसंबी को अपनी गर्दन, अंडरआर्म्स(कांखें), कोहनियों और घुटनों पर रगड़कर आप उन्हें भी साफ़ कर सकते हैं। मौसंबी के छिलकों को पीसकर उसे चेहरे पर लगाकर आप मुंहासों से छुटकारा पा सकते हैं। होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए तथा फटे होंठों को ठीक करने के लिए दिन में तीन से चार बार मौसंबी का रस लगायें।




जिन्हे रात को नींद अच्छी न आती हो या रात में नींद ही न आती हो उन्हें सोने से पहले एक गिलास मौसमी का जूस पीना चाहिए ये तुरंत शरीर में पहुंच कर बैचनी को मिटा देती है और देह में आराम मिलता है ।

पाचन में फायदेमंद

मौसंबी में फ्लेवोनॉइड्स की भरपूर मात्रा किसी भी प्रकार के भोजन के पाचन में बहुत ही जरूरी होती है, इसलिए अपचन, गैस और पेट में मरोड़ जैसी समस्या होने पर मौसंबी का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इसका जूस पीने से पेट में पचाने वाले जरूरी एंजाइम्स पैदा होते हैं जो बेकार के टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पाचन क्रिया को सही रखते हैं। इसका खट्टा-मीठा टेस्ट उल्टी, दस्त जैसी समस्याओं को भी दूर रखता है।
कब्ज से राहत दिलाती है
मौसंबी में मौजूद एसिड्स शरीर के हानिकारक तत्वों को बाहर निकालते हैं। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर्स कब्ज की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को राहत दिलाते हैं। इसके जूस में थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से कब्ज से राहत मिलती है
अमेरिकी जर्नल ′क्लीनिकल न्यूट्रिशन′ में प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार प्रतिदिन एक गिलास मौसमी का जूस पीने से रक्त नलिकाएं स्वस्‍थ रहती हैं, जो हृदय रोगों से बचाए रखती हैं।
ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने के साथ ही इसमें मौजूद विटामिन सी की प्रचुर मात्रा कई प्रकार के इन्फेक्शंस जैसे सर्दी और खांसी से लड़ने में सहायक होती है।स्कर्वी से बचाती है विटामिन सी की कमी से होने वाला रोग है स्कर्वी। इसके कारण मसूड़ों में सूजन आ जाती है। साथ ही खून भी निकलता है। और-तो-और, मुंह में छाले, होंठों के फटने जैसी कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। सिर्फ कुछ दिनों तक लगातार मौसंबी का जूस पीकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
इसके जूस में थोड़ी सा पानी और काला नमक डालकर पीना फायदेमंद होता है। यहां तक की इसे पीकर सांस से आने वाली बदबू को भी दूर किया जा सकता है।बालों को होने वाले फायदेमौसंबी में मौजूद कई सारे फायदों के कारण कंपनियां अब इसे कॉस्मेटिक्स में भी इस्तेमाल करने लगी हैं।
ब्लैकहेड्स, अंडर आई सर्कल (आँखों के नीचे के काले घेरे) और काले होंठ गर्मियों में होने वाली आम समस्या है। अनेक लोग इससे निपटने के लिए इसके लिए महंगी क्रीमों या फ़ेस वॉश का सहारा लेते हैं जबकि इसका उपचार बहुत आसान और सस्ता है। मौसंबी इसका सबसे अच्छा उपचार है।
एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियलमौसंबी में इन दोनों की अच्छी-खासी मात्रा होने से यह बालों के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसे खाने के साथ ही इसका जूस पीने से बालों में चमक आ जाती है। साथ ही बाल मजबूत भी होते हैं।डैंड्रफ खत्म करती हैमौसंबी के रस का इस्तेमाल करके बालों से डैंड्रफ की समस्या को खत्म किया जा सकता है। इसके रस में मौजूद कई प्रकार के तत्व रूसी को रोकने के साथ ही लंबे और घने बालों के लिए भी बहुत कारगर होते हैं।










दो मुंहे बालों की समस्या से छुटकारा -धूल, प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण लगभग सभी के साथ दोमुंहे बालों की समस्या हो जाती है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बरत कर इसे रोका जा सकता है। खाने के पहले या बाद, दिन में किसी भी एक वक्त रोजाना मौसंबी का जूस पिया जाए, तो बालों को दोमुंहे होने से बचाया जा सकता है।मौसंबी से त्वचा को होने वाले फायदेहेल्थ और हेयर के अलावा मौसंबी में ऐसे कई सारे न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं।

इसकी मीठी खूशबू, इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा, यहां तक की इसके गूदे का इस्तेमाल भी कई सारे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को बनाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही यह रफ और डल स्किन के लिए मॉइश्चराइज़र का भी काम करती है।एंटी-एजिंग का काम करती हैमौसंबी के रस में कई सारे ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो त्वचा की गहराई में जाकर सफाई करते हैं। इससे चेहरे पर होने वाले कील-मुहांसे, दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। साथ ही त्वचा सॉफ्ट भी बनी रहती है।

इससे चेहरे पर दिखने वाले असमय बुढ़ापे को रोका जा सकता है।होंठों के कालेपन को दूर करती हैइसके रस की 3-4 बूंदे रोजाना होंठों पर लगाने से कालेपन को कुछ ही दिनों में कम किया जा सकता है। साथ ही इससे लिप्स सॉफ्ट भी होते हैं।त्वचा में निखार लाती हैवैसे तो इसका जूस पीना बहुत ही फायदेमंद होता है, लेकिन इसके जूस में बेसन मिलाकर चेहरे के लिए ख़ास पेस्ट भी तैयार किया जाता है। इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें। सूखने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें। हफ्ते में दो बार ऐसा करके कुछ ही दिनों में इसका असर देखा जा सकता है।







इसी प्रकार मौसंबी को अपनी गर्दन, अंडरआर्म्स(कांखें), कोहनियों और घुटनों पर रगड़कर आप उन्हें भी साफ़ कर सकते हैं। मौसंबी के छिलकों को पीसकर उसे चेहरे पर लगाकर आप मुंहासों से छुटकारा पा सकते हैं। होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए तथा फटे होंठों को ठीक करने के लिए दिन में तीन से चार बार मौसंबी का रस लगायें।

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