15.3.16

छाछ के फायदे Benefits of Buttermilk





कहा जाता है कि छाछ धरती का अमृत है। यह शरीर की बीमारियों को दूर भगाता है। बाजार में बिकने वाले महंगे शीतल पेयों से छाछ लाख गुना अच्छी है। इसके कई फायदे हैं। मट्ठे का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है गर्मियों में रोजाना छाछ का सेवन अमृत के समान है। इसमें कैलोरी और फैट कम होता है। छाछ के ढेरों फायदे हैं-
*छाछ को भोजन के साथ लेना हितकारी होता है। यह आसानी से पचने वाला पेय है।
*ताजे दही से बनी छाछ का प्रयोग ज्यादा लाभकारी होता है। छाछ से पेट का भारीपन, आफरा, भूख न लगना, अपच व पेट की जलन की शिकायत दूर होती है।पैर की एड़ियों के फटने पर मट्ठे का ताजा मक्खन लगाने से आराम मिलता है।
*अत्यधिक मानसिक तनाव होने पर छाछ का सेवन लाभकारी होता है।
*जले हुए स्थान पर तुरंत छाछ या मट्ठा मलना चाहिए।
*सिर के बाल झड़ने पर बासी छाछ से सप्ताह में दो दिन बालों को धोना चाहिए।
*मोटापा अधिक होने पर छाछ को छौंककर सेंधा नमक डालकर पीना चाहिए।





*सुबह-शाम मट्ठा या दही की पतली लस्सी पीने से स्मरण शक्ति तेज होती है।
*उच्च रक्तचाप होने पर गिलोय का चूर्ण मट्ठे के साथ लेना चाहिए।
*छाछ का नियमित इस्तेमाल करते रहने से बवासीर, मूत्र विकार, प्यास लगना और त्वचा संबंधी बीमारियों में लाभ होता है।गर्मी के कारण अगर दस्त हो रही हो तो बरगद की जटा को पीसकर और छानकर छाछ में मिलाकर पीएं।
* छाछ में मिश्री, काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर रोजाना पीने से एसिडिटी जड़ से साफ हो जाती है।
*विषैले जीव-जंतु के काटने पर मट्ठे में तम्बाकू मिलाकर लगाना चाहिए।
*कहा जाता है किसी ने जहर खा लिया हो तो उसे बार-बार फीका मट्ठा पिलाना चाहिए। परंतु डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
*अमलतास के पत्ते छाछ में पीस लें और शरीर पर मलें। कुछ देर बाद स्नान करें। शरीर की खुजली नष्ट हो जाती है।
*हिचकी चलने पर मट्ठे में एक चम्मच सौंठ डालकर सेवन करें।
*उल्टी होने पर मट्ठे के साथ जायफल घिसकर चाटें।
*गर्मी में रोजाना दो समय पतला मट्ठा लेकर उसमें भूना जीरा मिलाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है।
*मट्ठे में आटा मिलाकर लेप करने से झुर्रियाँ कम पड़ती हैं।





*कहा जाता है कि मुंहासे होने पर गुलाब की जड़ मट्ठे में पीसकर मुंह पर लगानी चाहिए।
*इसमें स्वास्थ्यकारी जीवाणु और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं साथ ही लेक्टोज़ शरीर में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगर कब्ज की शिकायत बनी रहती हो तो अजवाइन मिलाकर छाछ पीएं।  यह पौषक तत्वों जैसे लोहा, जस्ता, फास्फोरस और पोटेशियम से भरी होती है।
*खाना हजम न होने पर भुना हुआ जीरा, कालीमिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक छाछ में मिलाकर घूंट-घूंट कर पीने से खाना जल्दी पचता है। कमरदर्द, जोड़ों का दर्द व गठिया आदि में भी छाछ का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह से कर सकते हैं।
*पीलिया रोग में एक कप छाछ में 10 ग्राम हल्दी मिलाकर दिन में तीन-चार बार लेने से फायदा होता है।
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